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: कौन हैं टीएस सिंहदेव? 2023 के विधानसभा चुनाव से पहले दिया है बड़ा बयान

News Desk / Tue, Dec 20, 2022


रायपुर: "मैं चुनाव से पहले अपने भविष्य के बारे में फैसला लूंगा" यह बयान छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव का है। टीएस सिंहदेव 'बाबा' के बाद छत्तीसगढ़ की सियासत एक बार फिर से गर्म हो गई है। टीएस सिंहदेव को छत्तीसगढ़ की राजनीति में बाबा कहा जाता है। बाबा का यह बयान आखिरकार किस तरफ इशारा कर रहा है यह तो वक्त बताएगा। लेकिन फिलहाल छत्तीसगढ़ कि राजनीतिक गलियारों में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। प्रदेश में ढाई-ढाई साल के फॉर्म्यूले को लेकर टीएस सिंहदेव नाराज बताए जा रहे हैं। टीएस सिंह देव के पास राज्य के पंचायत मंत्री का भी पद था लेकिन उन्होंने इस्तीफा दे दिया था। हमेशा से चर्चा में रहने वाले टीएस सिंह देव कई बार कह चुके हैं कि कांग्रेस मेरे खून में है, मैं कभी कांग्रेस नहीं छोडूंगा।

छत्तीसगढ़ के सरगुजा राजघराने की कई पीढ़ियों कांग्रेस के साथ जुड़ी रही हैं। टीएस बाबा छत्तीसगढ़ के एक सबसे अमीर विधायक हैं। 2018 के विधानसभा चुनाव में टीएस बाबा के कंधों पर कांग्रेस ने अहम जिम्मेदारी दी थी।

राजघराने से संबंध
सरगुजा राजघराना का खानदान छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि अन्य राज्यों में भी कांग्रेस के साथ है। आजादी के समय से ही सरगुजा राजघराना कांग्रेस पार्टी के साथ खड़ा था। कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन में सरगुजा राजघराना का एक व्यक्ति सम्मिलित हुआ करता था। इतना ही नहीं टीएस बाबा के पिता मदनेश्वर शरण सिंह देव मध्यप्रदेश शासन में चीफ सेक्रेटरी हुआ करते थे। वो 2008 से विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं।
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अंबिकापुर से लगातार तीसरी बार विधायक
टीएस सिंहदेव, अंबिकापुर विधानसभा सीट से लगातार तीसरी बार विधायक बने हैं। 2013 में वो छत्तीसगढ़ में नेता प्रतिपक्ष थे। 2018 के विधानसभा चुनाव में टीएस सिंहदेव ने कांग्रेस का घोषणा पत्र तैयार किया था। इस घोषणा पत्र में सभी वर्गों का ध्यान रखा गया था।


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