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मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ बॉर्डर पर हाथियों की चिंघाड़ : अनूपपुर में आज हो सकती है एंट्री, वन विभाग ने ग्रामीणों के लिए अलर्ट जारी किया

अनूपपुर जिले में Elephant Movement एक बार फिर चिंता का विषय बन गया है। मध्य प्रदेश–छत्तीसगढ़ सीमा पर तीन हाथियों का दल लगातार विचरण कर रहा है, जिससे सीमावर्ती गांवों में Human-Elephant Conflict की आशंका बढ़ गई है।

वन विभाग ने हालात को देखते हुए ग्रामीणों को सतर्क रहने और हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह जारी की है। वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, यह हाथियों का समूह सोमवार को छत्तीसगढ़ के मरवाही वन मंडल अंतर्गत घुसरिया बीट के घने जंगलों में मौजूद था।

रातभर Forest Corridor के जरिए भ्रमण करने के बाद मंगलवार सुबह हाथी शिवनी बीट के घिनौची इलाके से होते हुए छत्तीसगढ़ के ही कक्ष क्रमांक 2039 में पहुंचे, जो मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले से सटा हुआ क्षेत्र है। फिलहाल तीनों हाथी पहाड़ी क्षेत्र में रुककर Resting Phase में हैं।

वन अधिकारियों का कहना है कि यह इलाका पहले से ही हाथियों के पारंपरिक Migration Route में शामिल रहा है। बारिश के बाद जंगलों में हरियाली और पानी की उपलब्धता के कारण हाथियों की आवाजाही तेज हो जाती है। ऐसे में अनूपपुर जिले में उनका प्रवेश किसी भी समय हो सकता है।

Late Night Entry की संभावना

वन विभाग के अनुमान के मुताबिक, मंगलवार देर रात तक ये तीनों हाथी मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले में प्रवेश कर सकते हैं। संभावना है कि हाथी जैतहरी तहसील के अंतर्गत चोलना और कुकुरगोड़ा गांवों से होते हुए धनगवां बीट के जंगलों में पहुंचें। यह पूरा क्षेत्र Elephant Sensitive Zone माना जाता है, जहां पहले भी हाथियों की मौजूदगी दर्ज की जा चुकी है।

वन विभाग ने ग्रामीणों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि हाथियों को देखने के लिए जंगल की ओर न जाएं, न ही मोबाइल या टॉर्च की रोशनी दिखाएं। यह स्थिति Wildlife Alert के तहत रखी गई है। खेतों और गांव के बाहरी इलाकों में रात के समय अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की गई है।

Forest Department Alert Mode में

स्थिति को देखते हुए वन विभाग की टीम लगातार Tracking and Monitoring कर रही है। हाथियों की लोकेशन पर नजर रखने के लिए फील्ड स्टाफ तैनात किया गया है, ताकि किसी भी तरह की जनहानि या फसल नुकसान को रोका जा सके। जरूरत पड़ने पर Rapid Response Team को भी अलर्ट पर रखा गया है।

वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि हाथियों की मौजूदगी की सूचना तुरंत स्थानीय वन चौकी या पुलिस को दें। अनूपपुर जिले में हाथियों की यह आवाजाही आने वाले दिनों में और भी गांवों को प्रभावित कर सकती है, इसलिए प्रशासन पूरी तरह Preparedness Mode में है।

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