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भूपेश बघेल बोले- मोदी-शाह ने भाजपा में आने का ऑफर दिया : मना करने पर पड़े छापे, कहा- मुलाकातों के कुछ दिन बाद ही होती थी कार्रवाई

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक पॉडकास्ट में दावा किया है कि उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से भाजपा में शामिल होने का अप्रत्यक्ष प्रस्ताव मिला था। बघेल के अनुसार, जब उन्होंने कोई राजनीतिक प्रतिबद्धता नहीं दी, तो उनके खिलाफ छापेमारी की कार्रवाई तेज हो गई।

भूपेश बघेल ने ये बातें वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल के पॉडकास्ट ‘दिल से विथ कपिल सिब्बल’ में कहीं। उन्होंने कहा कि उन्हें एक-दो बार अमित शाह ने मुलाकात के लिए बुलाया था, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बातचीत के लिए आमंत्रित किया था।

‘शुरुआत में समझ नहीं आया मकसद’

बघेल के मुताबिक, शुरुआती मुलाकातों में उन्हें यह स्पष्ट नहीं था कि बातचीत का उद्देश्य क्या है। लेकिन बाद में उन्होंने महसूस किया कि जब भी वे इन बैठकों से लौटते, कुछ दिनों के भीतर उनके यहां छापेमारी हो जाती थी।

‘मदद’ की बात से हुई हैरानी

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मुलाकातों के दौरान उनसे पूछा जाता था कि उनके खिलाफ कौन-कौन से मामले चल रहे हैं और किस प्रकार सहायता की जा सकती है। इस पर उन्होंने जवाब दिया कि वे विपक्ष में हैं और सरकार की आलोचना करना उनका राजनीतिक दायित्व है। इसके बावजूद ‘मदद’ की पेशकश उन्हें असामान्य लगी।

‘8–10 दिन में फिर पड़ता था छापा’

बघेल ने दावा किया कि हर मुलाकात के लगभग 8–10 दिन के भीतर फिर से छापा पड़ जाता था। एक बार उन्होंने प्रधानमंत्री से फोन पर इस संबंध में बात भी की। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री ने कहा था कि वे अधिकारियों से बात करेंगे।

‘भाजपा में आने का इशारा था’

भूपेश बघेल ने कहा कि किसी ने सीधे तौर पर भाजपा जॉइन करने के लिए नहीं कहा, लेकिन बाद में उन्हें समझ आया कि संकेत उसी दिशा में था। उनका आरोप है कि जब भी वे बिना किसी कमिटमेंट के लौटते, उनके खिलाफ जांच एजेंसियों की कार्रवाई बढ़ जाती थी।

राजनीतिक बयान पर बढ़ सकती है सियासत

भूपेश बघेल के इन दावों के बाद राजनीतिक हलकों में बयानबाजी तेज होने की संभावना है। इस मामले में भाजपा या संबंधित केंद्रीय नेताओं की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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