Logo
Breaking News Exclusive
4 साल में 15 से ज्यादा मौतें, फिर भी सीएमओ ने महिलाओं से ज्ञापन लेने से किया इनकार बालाघाट में 30 से ज्यादा मौतों का दावा; कुपोषण, मलेरिया और 6 महीने से बंद 'राशन' की पूरी इनसाइड स्टोरी शहडोल में चुन्नी से घोंटा गला, बेटी की लगातार बीमार होने से चिढ़ी थी, अंधविश्वास में खूनी खेल पानी भरते समय फिसला पैर, 20 साल की लड़की की गई जान, चप्पल देख कुएं में ढूंढने पहुंचे परिजन 10 दिन तक JCB और क्रेन से प्रतिमा हिला तक नहीं सका प्रशासन, 1000 साल पुरानी मूर्ति में मिली इंटरलॉक तकनीक! 30 पर FIR, 14 गिरफ्तार, 7 शराब दुकानें सील, राहुल गांधी बोले- MP में भारत की सबसे भ्रष्ट सरकार छात्रावास की जमीन पर कब्जे का विरोध, अमरकंटक-रीवा मार्ग जाम से दोनों तरफ 2 KM लंबी कतारें, कलेक्टर को बुलाने पर अड़े 13 प्राचार्यों-अधिकारियों का तबादला, कई जिलों के DEO बदले गए फर्जी Noc बनाकर खैर लकड़ी तस्करी, पुलिस ने थैले में भरीं 500 की 162 गड्डियां कुएं में पैर फिसलने से गिरी बहन, बचाने कूदा भाई; डूबने से सगे भाई-बहन की मौत 4 साल में 15 से ज्यादा मौतें, फिर भी सीएमओ ने महिलाओं से ज्ञापन लेने से किया इनकार बालाघाट में 30 से ज्यादा मौतों का दावा; कुपोषण, मलेरिया और 6 महीने से बंद 'राशन' की पूरी इनसाइड स्टोरी शहडोल में चुन्नी से घोंटा गला, बेटी की लगातार बीमार होने से चिढ़ी थी, अंधविश्वास में खूनी खेल पानी भरते समय फिसला पैर, 20 साल की लड़की की गई जान, चप्पल देख कुएं में ढूंढने पहुंचे परिजन 10 दिन तक JCB और क्रेन से प्रतिमा हिला तक नहीं सका प्रशासन, 1000 साल पुरानी मूर्ति में मिली इंटरलॉक तकनीक! 30 पर FIR, 14 गिरफ्तार, 7 शराब दुकानें सील, राहुल गांधी बोले- MP में भारत की सबसे भ्रष्ट सरकार छात्रावास की जमीन पर कब्जे का विरोध, अमरकंटक-रीवा मार्ग जाम से दोनों तरफ 2 KM लंबी कतारें, कलेक्टर को बुलाने पर अड़े 13 प्राचार्यों-अधिकारियों का तबादला, कई जिलों के DEO बदले गए फर्जी Noc बनाकर खैर लकड़ी तस्करी, पुलिस ने थैले में भरीं 500 की 162 गड्डियां कुएं में पैर फिसलने से गिरी बहन, बचाने कूदा भाई; डूबने से सगे भाई-बहन की मौत

: डिलीवरी के बाद बदला हिंदू-मुस्लिम का बच्चा: हिंदू मां बोली-वह वापस नहीं करेगी, CG में आखिर कैसे बदल गए दोनों के बच्चे ?

MP CG Times / Mon, Feb 3, 2025

Hindu-Muslim child swapped after delivery: दुर्ग जिला अस्पताल के मातृ शिशु वार्ड से बच्चा बदले जाने की शिकायत सामने आई है। यहां के स्टाफ की लापरवाही के कारण कुरैशी परिवार का बच्चा सिंह के पास और सिंह परिवार का बच्चा कुरैशी के पास पहुंच गया है। मुस्लिम परिवार ने अपना बच्चा लेने के लिए अस्पताल प्रबंधन से शिकायत की है, लेकिन हिंदू परिवार बच्चा देने को राजी नहीं हो रहा है। मामला 23 जनवरी की रात का है। यहां प्रसव वार्ड में भर्ती शबाना कुरैशी और साधना सिंह ने कुछ ही समय के अंतराल में एक बच्चे को जन्म दिया था। अस्पताल स्टाफ ने दोनों बच्चों के हाथ में मां के नाम की चिट भी थमा दी थी, लेकिन प्रसव के बाद नहाते समय बच्चे बदल गए। शबाना का बच्चा साधना के पास और साधना का बच्चा शबाना के पास पहुंच गया। इसके बाद दोनों माताओं को अस्पताल से छुट्टी भी दे दी गई। घर जाकर जब शबाना कुरैशी बच्चे को नहला रही थी तो उसने देखा कि बच्चे के हाथ में जो चिट है उस पर 'साधना का बच्चा' लिखा हुआ था। इससे उसे शक हुआ कि बच्चा बदला गया है, क्योंकि उसके बगल वाले बेड पर भर्ती महिला का नाम साधना था। शबाना ने अपने परिजनों को इसकी जानकारी दी। अस्पताल में जन्म के समय ली गई बच्चे की फोटो देखी तो बच्चे का चेहरा अलग था। इतना ही नहीं फोटो में साधना के बच्चे के शरीर पर जन्म का निशान था। शबाना को दिए गए बच्चे पर भी यही जन्म का निशान दिखाई दिया। इसके बाद परिजन जिला अस्पताल दुर्ग पहुंचे और शिकायत की। हिंदू महिला ने बच्चा देने से किया इनकार मामला तब और उलझ गया जब शिकायत के बाद अस्पताल स्टाफ ने साधना सिंह से बच्चा बदलने को कहा। इस पर साधना ने उनकी बात मानने से इनकार कर दिया। साधना का कहना है कि जो बच्चा उसके पास है वह उसका है और वह उसे किसी को नहीं देगी। इसके बाद मुस्लिम परिवार काफी नाराज है और उन्होंने कलेक्टर से इसकी शिकायत की। कलेक्टर ने बनाई जांच कमेटी इस मामले के तूल पकड़ने के बाद शिकायत दुर्ग कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी तक पहुंची। कलेक्टर ने तत्काल डिप्टी कलेक्टर एम भार्गव के नेतृत्व में जांच टीम बनाई। टीम ने रविवार को अस्पताल जाकर मदर चाइल्ड यूनिट के रिकॉर्ड खंगाले। जिम्मेदार स्टाफ से भी पूछताछ की, लेकिन मामला अभी तक सुलझ नहीं पाया है। बच्चे के चेहरे पर कोई तिल नहीं शबाना कुरैशी के भाई आमिर खान का कहना है कि जन्म के समय अस्पताल वाले बच्चे की मां के साथ फोटो लेते हैं और बाद में वह फोटो परिजनों को दे देते हैं। शबाना को जो फोटो दी गई, उसमें बच्चे के चेहरे पर कोई तिल नहीं है, जबकि उसे जो बच्चा दिया गया, उसके चेहरे पर तिल है। मामला उलझा तो डीएनए टेस्ट कराया जाएगा यह मामला धीरे-धीरे तूल पकड़ता जा रहा है। जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. हेमंत साहू ने मामले की जानकारी दुर्ग कोतवाली थाने को दी है। शबाना के परिजन भी शिकायत दर्ज कराने थाने पहुंचे हैं। पुलिस का कहना है कि अस्पताल प्रबंधन की शिकायत पर जांच की जा रही है। दोनों पक्षों को राजी किया जाएगा। अगर मामला नहीं सुलझा तो डीएनए टेस्ट कराकर पता लगाया जाएगा कि बच्चा किसका है। दोनों बच्चों के जन्म में 7 मिनट का अंतर सिविल सर्जन डॉ. हेमंत साहू से मिली जानकारी के अनुसार दोनों बच्चों के जन्म में 7 मिनट का अंतर है। 23 जनवरी को शबाना कुरैशी (पति अल्ताफ कुरैशी) ने दोपहर 1.25 बजे बेटे को जन्म दिया। इसके बाद साधना सिंह ने 1:32 बजे बेटे को जन्म दिया। अस्पताल में नवजात शिशुओं की पहचान के लिए जन्म के तुरंत बाद उनके हाथ पर मां के नाम का टैग लगाया गया, दोनों माताओं की बच्चे के साथ फोटो खींची गई, लेकिन इसके बाद भी बच्चे की अदला-बदली हो गई। Read More- Landmines, Tanks, Ruins: The Afghanista Taliban Left Behind in 2001 29 IAS-IPS

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन