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: गरियाबंद पुलिस एनकाउटर में नक्सली ढेर: छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा पर मुठभेड़, हथियार और विस्फोटक सामान बरामद

Naxalite encounter in Chhattisgarh-Odisha: गिरीश जगत, गरियाबंद। छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा पर हाथीगांव अभयारण्य में डेरा डाले नक्सली 13 मई को ओडिशा में होने वाले चुनाव में तबाही मचाने की रणनीति बना रहे थे। नवरंगपुर जिले के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने मुठभेड़ में एक नक्सली को मार गिराया है। कैंप से कई विस्फोटक और दैनिक उपयोगी सामान बरामद किये गये हैं. Naxalite encounter in Chhattisgarh-Odisha:दरअसल, ओडिशा पुलिस को उदंती अभयारण्य क्षेत्र के शोभा थाना क्षेत्र के गरीबा गांव की सीमा से सटे ओडिशा के हाथीगांव रिजर्व फॉरेस्ट एरिया में नक्सली नेताओं के कैंप में डीजीएन कमेटी के एक बड़े कैडर की मौजूदगी की जानकारी मिली थी. गुरुवार सुबह फायरिंग सूचना पर नवरंगपुर जिले की एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) की दो कंपनियां बुधवार देर रात ऑपरेशन पर निकलीं. गुरुवार सुबह भी सीमा क्षेत्र में सर्चिंग जारी रही। तभी पेड़ों की आड़ में नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी. दोनों तरफ से फायरिंग हुई. फिर नक्सली जंगल की आड़ लेकर भाग गये. Naxalite encounter in Chhattisgarh-Odisha: कोरापुट के डीआइजी चरण सिंह मीना ने घटना की पुष्टि करते हुए मीडिया को बताया कि नक्सलियों को आत्मसमर्पण करने के लिए कहा गया, लेकिन उन्होंने गोलीबारी शुरू कर दी. जवानों ने मुंहतोड़ जवाब दिया. 4 घंटे से ज्यादा समय तक चली मुठभेड़ के बाद नक्सली भाग गए. नक्सली का शव और हथियार बरामद जिसके बाद इलाके की तलाशी ली गई. जिसमें एक पुरुष नक्सली का शव मिला है. जिसकी पहचान की जा रही है. माओवादी कैंप से 6 टिफिन बम, एसबीएमएल, देशी पिस्तौल, 4 जिंदा कारतूस, 1 बंडल बिजली तार, 10 बैटरी, साहित्य, वर्दी, दवा सहित किराना सामान और कई दैनिक उपयोगी सामान बरामद किए गए हैं। डिवीजन कमेटी ने इस आधार से दोनों राज्यों का संचालन किया ओडिशा पुलिस सूत्रों का कहना है कि डीजीएन चीफ जयराम गुड्डु यहां से 5 एरिया कमेटियों को ऑपरेट कर रहे थे. इसके तहत सुनील, सत्यम गावड़े, अनिला, जग्गू जैसे सेक्टर कमांडर कैडर सक्रिय हैं। बस्तर में हार के बाद एरिया कमेटी स्तर के कई नये चेहरे नक्सली कमांडर की भूमिका में सक्रिय थे. बताया जा रहा है कि जिस तरह से 25 अप्रैल से पहले उदंती अभ्यारण्य क्षेत्र में हाथियों ने गांवों में बैठक कर मतदाताओं में भय पैदा किया था, उसी तर्ज पर वे ग्रामीण क्षेत्र में गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं. चुनाव से पहले नक्सलियों को कैंप उखाड़ना पड़ा. एंटी ऑपरेशन में बड़ी सफलता मिली है. हमले के बाद पैटर्न बदल गया, इसलिए वे भाग निकले। Naxalite encounter in Chhattisgarh-Odisha: सूत्रों का कहना है कि बड़े कैडर के नक्सली नेता के इस कैंप को 4 लेयर में 40 से ज्यादा माओवादियों ने घेर रखा था. जवानों के आने की भनक लगते ही नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी. शुरुआत में 8 से 10 जगहों पर फायरिंग हुई, लेकिन 15 मिनट के अंदर फायरिंग करने वालों की संख्या तीन गुना बढ़ गई. Naxalite encounter in Chhattisgarh-Odisha: बस्तर में संतरियों से मात खाने के बाद नक्सलियों ने कैंप की सुरक्षा और संतरियों के पैटर्न में बदलाव कर दिया है. घटना के बाद पुलिस टीम बदले हुए पैटर्न के बारे में जानकारी जुटाने में लगी है. Read more- Landmines, Tanks, Ruins: The Afghanista Taliban Left Behind in 2001 29 IAS-IPS

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