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: अमेरिकी दंपती ने अनाथ बच्चे को लिया गोद: छत्तीसगढ़ के इस जिले में 3 साल के बच्चे की बदली जिंदगी, जानिए वजह

American couple adopted an orphan child from Jashpur: छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में तीन साल के अनाथ बच्चे की जिंदगी ने नया मोड़ ले लिया है। उसे अमेरिका के एक दंपत्ति ने गोद लिया है। इस बच्चे को महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम की देखरेख में दत्तक ग्रहण एजेंसी के माध्यम से कानूनी तौर पर गोद लिया गया है। यह अमेरिकी दंपत्ति अपनी छह साल की बेटी के साथ खास तौर पर भारत आए थे ताकि वे भारत से एक बच्चे को गोद ले सकें। दंपत्ति ने इस दौरान भारत के प्रति अपना स्नेह और सम्मान व्यक्त किया और कहा कि भारतीय लोग बहुत अच्छे और स्नेही हैं। यही वजह है कि उन्होंने भारत से एक बच्चे को गोद लेने का फैसला किया। गोद लेने की पूरी प्रक्रिया कानूनी और पारदर्शी तरीके से पूरी की गई। नक्सल इलाकों के छात्रों को मिलेगा ब्याज मुक्त लोन: छत्तीसगढ़ में कर सकेंगे तकनीकी और प्रोफेशनल कोर्स, अन्य जिलों के बच्चों को 1% पर मिलेगा लोन दंपत्ति ने आश्वासन दिया कि वे इस बच्चे को अपने परिवार का सदस्य मानेंगे और उसे हर संभव प्यार, शिक्षा और चिकित्सा सहायता प्रदान करेंगे। बच्चे को गोद लेने वाली अमेरिकी महिला एमिली ने कहा कि हमें बच्चे बहुत पसंद हैं। अभी घर में हम तीन लोग हैं। हमने भारत से एक बच्चे को गोद लेने का फैसला इसलिए किया क्योंकि हमें यहां के लोग बहुत पसंद हैं। हम उसे अपने बच्चे की तरह प्यार करेंगे, उसे अपनी संपत्ति में हिस्सा देंगे, उसे अच्छी शिक्षा और चिकित्सा सहायता देंगे। हम बहुत भाग्यशाली हैं कि हम उसके माता-पिता बन रहे हैं। छत्तीसगढ़ में नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता बच्चे को जन्म देगी: हाईकोर्ट ने कहा- सरकार गोद ले, भ्रूण हत्या स्वीकार्य नहीं, गर्भपात की याचिका खारिज बच्चे को अच्छी जिंदगी और अवसर देने का वादा अमेरिकी व्यक्ति निक ने कहा कि हमारे दिल में यह बात थी कि हमें एक बच्चे को गोद लेना चाहिए। हम भारत से एक बच्चे को इसलिए ले रहे हैं क्योंकि यहां के लोग बहुत अच्छे हैं। हम उसे अपने घर और दिल में जगह देना चाहते हैं और हमेशा उससे प्यार करेंगे। हम उसे जीवन में सबसे अच्छा अवसर देंगे। महिला एवं बाल विकास विभाग की डिंपल कोरम ने कहा कि गोद लेने की यह प्रक्रिया पूरी तरह से कानूनी और पारदर्शी तरीके से की गई है। गोद लेने के लिए नियमों का पालन करना जरूरी अनाथ या बेसहारा बच्चे को कौन गोद ले सकता है, इसका पूरा नियम है। शादीशुदा पति-पत्नी अनाथ बच्चे को तभी गोद ले सकते हैं, जब उनकी शादी को दो साल हो चुके हों और उनका वैवाहिक जीवन स्थिर हो। यानी तलाक आदि जैसे झंझटों से मुक्त होना चाहिए। कोरोना महामारी ने बड़ी संख्या में बच्चों को अनाथ बना दिया है। यह बच्चा अब अपने नए परिवार के साथ रहेगा, जहां उसे न सिर्फ परिवार का प्यार मिलेगा, बल्कि सुरक्षित और समृद्ध भविष्य की भी गारंटी है। Read more- Landmines, Tanks, Ruins: The Afghanista Taliban Left Behind in 2001 29 IAS-IPS

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