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: बीमार 108 एंबुलेंस सेवा: मरीज को लेने जाती तो रास्ते में थम जाते पहिये, फिर दूसरी से करना पड़ता है टोचन

News Desk / Tue, Nov 22, 2022


खराब हुई एंबुलेंस को दूसरी एंबुलेंस से टोचन कर ले गए।

खराब हुई एंबुलेंस को दूसरी एंबुलेंस से टोचन कर ले गए। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

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छत्तीसगढ़ के कोरबा में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने वाली 108 एंबुलेंस सेवा खुद बीमार है। कॉल करने पर एंबुलेंस मरीज को लेने के निकलती तो है, लेकिन खुद कहां खड़ी हो जाए, कोई नहीं जानता। तकनीकी रूप से बीमार हो चुकी इन एंबुलेंस के पहिये कहीं भी और कभी भी थम जाते हैं। ऐसे में इन तकनीकी बीमार को ही दूसरी एंबुलेंस बुलाकर टोचन करना पड़ता है। ऐसा ही मामला सर्वमंगला नगर क्षेत्र में सामने आया है। 

मरीज को लेने जा रही थी, रास्ते में बंद हुई
दरअसल, क्षेत्र में रहने वाले एक व्यक्ति की तबीयत मंगलवार रात खराब हो गई। परिजनों ने 108 को कॉल किया। एंबुलेंस मरीज को लेने के लिए निकली भी, लेकिन रास्ते में ही तकनीकी दिक्कत के चलते खड़ी हो गई। चालक और स्टाफ ने काफी प्रयास किया, लेकिन स्टार्ट नहीं हुई। फिर दूसरी एंबुलेंस बुलाई गई और बिगड़ी एंबुलेंस को टोचन कर ले जाया गया। चालक राजेश ने बताया कि मरीज के लिए एक अन्य एंबुलेंस भेज दी गई है। 

अफसर बोले-मशीन है, खराब हो जाती है
दावा किया जाता है कि हर 10000 किमी रनिंग के बाद एंबुलेंस की सर्विसिंग कराई जाती है। हालांकि यह दावा सही है तो फिर एंबुलेंस को बार-बार उपचार की क्यों जरूरत पड़ती है। 108 एंबुलेंस सर्विस का प्रबंधन देखने वाले अमित कुमार का कहना है कि एंबुलेंस भी मशीन है और मशीन तो कभी भी खराब हो जाती है। अगर अचानक से एंबुलेंस खराब हुई है तो उसे जल्द ही ठीक करा लिया जाएगा। 

विस्तार

छत्तीसगढ़ के कोरबा में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने वाली 108 एंबुलेंस सेवा खुद बीमार है। कॉल करने पर एंबुलेंस मरीज को लेने के निकलती तो है, लेकिन खुद कहां खड़ी हो जाए, कोई नहीं जानता। तकनीकी रूप से बीमार हो चुकी इन एंबुलेंस के पहिये कहीं भी और कभी भी थम जाते हैं। ऐसे में इन तकनीकी बीमार को ही दूसरी एंबुलेंस बुलाकर टोचन करना पड़ता है। ऐसा ही मामला सर्वमंगला नगर क्षेत्र में सामने आया है। 

मरीज को लेने जा रही थी, रास्ते में बंद हुई
दरअसल, क्षेत्र में रहने वाले एक व्यक्ति की तबीयत मंगलवार रात खराब हो गई। परिजनों ने 108 को कॉल किया। एंबुलेंस मरीज को लेने के लिए निकली भी, लेकिन रास्ते में ही तकनीकी दिक्कत के चलते खड़ी हो गई। चालक और स्टाफ ने काफी प्रयास किया, लेकिन स्टार्ट नहीं हुई। फिर दूसरी एंबुलेंस बुलाई गई और बिगड़ी एंबुलेंस को टोचन कर ले जाया गया। चालक राजेश ने बताया कि मरीज के लिए एक अन्य एंबुलेंस भेज दी गई है। 

अफसर बोले-मशीन है, खराब हो जाती है
दावा किया जाता है कि हर 10000 किमी रनिंग के बाद एंबुलेंस की सर्विसिंग कराई जाती है। हालांकि यह दावा सही है तो फिर एंबुलेंस को बार-बार उपचार की क्यों जरूरत पड़ती है। 108 एंबुलेंस सर्विस का प्रबंधन देखने वाले अमित कुमार का कहना है कि एंबुलेंस भी मशीन है और मशीन तो कभी भी खराब हो जाती है। अगर अचानक से एंबुलेंस खराब हुई है तो उसे जल्द ही ठीक करा लिया जाएगा। 


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