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: Chhattisgarh: झुग्गी-झोपड़ी में रहने को मजबूर 25 परिवार, सरकारी योजनाओं का नहीं मिल रहा लाभ, सौंपा ज्ञापन

News Desk / Fri, Dec 9, 2022


झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले परिवार

झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले परिवार - फोटो : वीडियो ग्रेब

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देश भले ही अमृत महोत्सव मना रहा है, लेकिन आज भी कुछ लोगों के पास रहने के लिए अपना आशियाना नहीं है। प्रदेश सरकार की योजनाएं इनसे कोसों दूर हैं। 25 परिवार 20 साल से ऑफिस के चक्कर काट रहे हैं, पर कोई सुनने वाला नहीं है।

छत्तीसगढ़ में कबीरधाम जनपद के पंडरिया नगर स्थित सिसोदिया नगर में रहने वाले 25 परिवार आज भी सड़क किनारे झुग्गी-झोपड़ी में रात गुजारने को मजबूर हैं। ये गरीब परिवार विगत 20 वर्षों से सुविधाओं के अभाव में गुजर बसर कर रहे हैं। इन परिवारों को राज्य सरकार के किसी भी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा। झुग्गी-झोपड़ी में निवास करने वाले इन परिवारों के पास जमीन का पट्टा नहीं होने से पानी, बिजली, सड़क की सुविधा से भी वंचित हैं। ये अंधेरे में रात बिता रहे हैं, जिसके कारण बच्चे भी पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं। 

अपनी समस्याओं को लेकर ये परिवार पंडरिया नगर पंचायत एवं एसडीएम पंडरिया ऑफिस में 20 साल से चक्कर लगा रहे हैं, उसके बावजूद कोई सुध नहीं ले रहा है। इन्हें किसी तरह से शासकीय मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं। गरीब परिवार वालों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर कलेक्टर के नाम से ज्ञापन सौंपा और घर का पट्टा व अन्य सुविधाएं देने की मांग की।

विस्तार

देश भले ही अमृत महोत्सव मना रहा है, लेकिन आज भी कुछ लोगों के पास रहने के लिए अपना आशियाना नहीं है। प्रदेश सरकार की योजनाएं इनसे कोसों दूर हैं। 25 परिवार 20 साल से ऑफिस के चक्कर काट रहे हैं, पर कोई सुनने वाला नहीं है।

छत्तीसगढ़ में कबीरधाम जनपद के पंडरिया नगर स्थित सिसोदिया नगर में रहने वाले 25 परिवार आज भी सड़क किनारे झुग्गी-झोपड़ी में रात गुजारने को मजबूर हैं। ये गरीब परिवार विगत 20 वर्षों से सुविधाओं के अभाव में गुजर बसर कर रहे हैं। इन परिवारों को राज्य सरकार के किसी भी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा। झुग्गी-झोपड़ी में निवास करने वाले इन परिवारों के पास जमीन का पट्टा नहीं होने से पानी, बिजली, सड़क की सुविधा से भी वंचित हैं। ये अंधेरे में रात बिता रहे हैं, जिसके कारण बच्चे भी पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं। 

अपनी समस्याओं को लेकर ये परिवार पंडरिया नगर पंचायत एवं एसडीएम पंडरिया ऑफिस में 20 साल से चक्कर लगा रहे हैं, उसके बावजूद कोई सुध नहीं ले रहा है। इन्हें किसी तरह से शासकीय मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं। गरीब परिवार वालों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर कलेक्टर के नाम से ज्ञापन सौंपा और घर का पट्टा व अन्य सुविधाएं देने की मांग की।


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