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: Korba: गांव के पास पहुंचा 39 हाथियों का दल, फसलें की चौपट, डरकर रात भर जागते रहते हैं ग्रामीण

News Desk / Tue, Dec 13, 2022


संकेतिक फोटो

संकेतिक फोटो - फोटो : Pixabay

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छत्तीसगढ़ के कोरबा में एक बार फिर हाथियों की आमद ने ग्रामीणों को परेशानी में डाल दिया है। क्षेत्र में पहुंचे 39 हाथियों के दल से लोग दहशत में है। हाथियों ने भी आते ही उत्पात मचाना शुरू कर दिया है। उन्होंने किसानों की सब्जियों की फसल को चौपट कर दिया। हाथियों की दहशत इतनी है कि ग्रामीण रात में जागने को भी मजबूर हो रहे हैं। वहीं वन विभाग की ओर से भी सतर्क रहने की सलाह ग्रामीणों को दी जा रही है। 

जानकारी के मुताबिक, कोरबा वन मंडल की करतला रेंज में हाथियों का दल पहुंचा है। बताया जा रहा है कि यह हाथी कोटमेर के आस-पास घूम रहे हैं। वहीं कोरबा रेंज में भी एक दतैंल हाथी मौजूद है। किसानों की फसलों को चौपट करते हुए हाथियों का दल कोरबी की ओर बढ़ा है। बताया जा रहा है कि धान की फसल कटने के बाद हाथी अब गांवों के नजदीक पहुंच रहे हैं। हालांकि अभी तक हाथियों ने जान का नुकसान नहीं पहुंचाया है। 

कोरबा वनमंडल हाथियों से सबसे अधिक प्रभावित रहा है। हालांकि दो साल से हाथी कम ही आते हैं। धरमजयगढ़ वनमंडल की सीमा में करतला रेंज आता है। इसी वजह से मांड नदी पारकर हाथी पहुंच जाते हैं। हाथियों के आने के बाद वन विभाग की ओर से चांपा, कोटमेर, करतला और आस-पास गांवों में मुनादी कराई गई है। फिलहाल ग्रामीणों को सतर्क किया जा रहा है। वहीं वन विभाग की टीम हाथियों पर निगरानी रख रही है। 

विस्तार

छत्तीसगढ़ के कोरबा में एक बार फिर हाथियों की आमद ने ग्रामीणों को परेशानी में डाल दिया है। क्षेत्र में पहुंचे 39 हाथियों के दल से लोग दहशत में है। हाथियों ने भी आते ही उत्पात मचाना शुरू कर दिया है। उन्होंने किसानों की सब्जियों की फसल को चौपट कर दिया। हाथियों की दहशत इतनी है कि ग्रामीण रात में जागने को भी मजबूर हो रहे हैं। वहीं वन विभाग की ओर से भी सतर्क रहने की सलाह ग्रामीणों को दी जा रही है। 

जानकारी के मुताबिक, कोरबा वन मंडल की करतला रेंज में हाथियों का दल पहुंचा है। बताया जा रहा है कि यह हाथी कोटमेर के आस-पास घूम रहे हैं। वहीं कोरबा रेंज में भी एक दतैंल हाथी मौजूद है। किसानों की फसलों को चौपट करते हुए हाथियों का दल कोरबी की ओर बढ़ा है। बताया जा रहा है कि धान की फसल कटने के बाद हाथी अब गांवों के नजदीक पहुंच रहे हैं। हालांकि अभी तक हाथियों ने जान का नुकसान नहीं पहुंचाया है। 

कोरबा वनमंडल हाथियों से सबसे अधिक प्रभावित रहा है। हालांकि दो साल से हाथी कम ही आते हैं। धरमजयगढ़ वनमंडल की सीमा में करतला रेंज आता है। इसी वजह से मांड नदी पारकर हाथी पहुंच जाते हैं। हाथियों के आने के बाद वन विभाग की ओर से चांपा, कोटमेर, करतला और आस-पास गांवों में मुनादी कराई गई है। फिलहाल ग्रामीणों को सतर्क किया जा रहा है। वहीं वन विभाग की टीम हाथियों पर निगरानी रख रही है। 


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