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: Chhattisgarh: सीतापुर के राजौटी गांव में घुसे 42 हाथी, कड़ाके की ठंड में रातभर जाग रहे ग्रामीण

News Desk / Fri, Dec 9, 2022


हाथियों ने तोड़ा ग्रामीण का घर

हाथियों ने तोड़ा ग्रामीण का घर - फोटो : अमर उजाला

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सीतापुर वन परिक्षेत्र के सरगा जंगल की ओर से 42 हाथियों का दल बीती रात रजौटी गांव में पहुंच गया और पांच ग्रामीणों के मकान को क्षतिग्रस्त कर दिया। हाथियों ने खेत और खलिहान में रखे अनाज को भी काफी नुकसान पहुंचाया। हाथियों के गांव में पहुंचने की खबर पर देर रात वन विभाग गांव में पहुंचा और हाथियों को नावापारा जंगल की ओर खदेड़ा। हाथियों का दल जंगल में ही डटा हुआ है। इसके कारण ग्रामीण दशहत में हैं।

वन परिक्षेत्र सीतापुर के रजौटी में बीती रात 42 की संख्या में हाथी घुस आए। हाथियों के गांव में घुस आने से अफरा-तफरी मच गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण एकजुट होकर हाथियां को खदेड़ने में जुट गए। सूचना पर वन विभाग गांव में पहुंचा और ग्रामीणों को हाथियों से दूर रहने की हिदायत दी। वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा रात में कड़ी मशक्कत के बाद हाथियों के दल को नावापारा जंगल की ओर खदेड़ा गया है। 

यह दल काफी दिनों से आस-पास के जंगल सरगा, गेरसा, ढोंढागांव, भरतपुर इलाके में घूम रहा था। रात में हाथी गांव में घुसकर फसलों एवं खलिहान में रखे अनाज को चट कर जा रहे हैं। इससे ग्रामीण सहमे हुए हैं और रातभर जागने को मजबूर हैं। हाथियों ने बीती रात रजौटी में हीरालाल, गोविंद के मकानों सहित पांच ग्रामीणों को क्षतिग्रस्त कर दिया है। हाथी पियारो बाई के खलिहान में रखे अनाज को खा गए। जंगली हाथियों द्वारा बेलजोरा, धरमपुर क्षेत्र में भी किसानों की फसल को नुकसान पहुंचाया गया है। 

बीती रात ये हाथी बेलजोरा बस्ती के किनारे से ग्राम धरमपुर के नजदीक पहुंच गए थे। कड़ाके की ठंड में हाथियों के कारण ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। वन वनपरिक्षेत्र अधिकारी विजय कुमार तिवारी ने बताया  कि बीती रात सूचना मिलते ही टीम गांव में पहुंच गई थी। हाथी पास के जंगलों में डटे हुए हैं। वन विभाग का अमला लगातार हाथियों की निगरानी कर रहा है। ग्रामीणों को जंगल न जाने एवं हाथियों से दूर रहने की हिदायत दी गई है।

विस्तार

सीतापुर वन परिक्षेत्र के सरगा जंगल की ओर से 42 हाथियों का दल बीती रात रजौटी गांव में पहुंच गया और पांच ग्रामीणों के मकान को क्षतिग्रस्त कर दिया। हाथियों ने खेत और खलिहान में रखे अनाज को भी काफी नुकसान पहुंचाया। हाथियों के गांव में पहुंचने की खबर पर देर रात वन विभाग गांव में पहुंचा और हाथियों को नावापारा जंगल की ओर खदेड़ा। हाथियों का दल जंगल में ही डटा हुआ है। इसके कारण ग्रामीण दशहत में हैं।

वन परिक्षेत्र सीतापुर के रजौटी में बीती रात 42 की संख्या में हाथी घुस आए। हाथियों के गांव में घुस आने से अफरा-तफरी मच गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण एकजुट होकर हाथियां को खदेड़ने में जुट गए। सूचना पर वन विभाग गांव में पहुंचा और ग्रामीणों को हाथियों से दूर रहने की हिदायत दी। वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा रात में कड़ी मशक्कत के बाद हाथियों के दल को नावापारा जंगल की ओर खदेड़ा गया है। 

यह दल काफी दिनों से आस-पास के जंगल सरगा, गेरसा, ढोंढागांव, भरतपुर इलाके में घूम रहा था। रात में हाथी गांव में घुसकर फसलों एवं खलिहान में रखे अनाज को चट कर जा रहे हैं। इससे ग्रामीण सहमे हुए हैं और रातभर जागने को मजबूर हैं। हाथियों ने बीती रात रजौटी में हीरालाल, गोविंद के मकानों सहित पांच ग्रामीणों को क्षतिग्रस्त कर दिया है। हाथी पियारो बाई के खलिहान में रखे अनाज को खा गए। जंगली हाथियों द्वारा बेलजोरा, धरमपुर क्षेत्र में भी किसानों की फसल को नुकसान पहुंचाया गया है। 

बीती रात ये हाथी बेलजोरा बस्ती के किनारे से ग्राम धरमपुर के नजदीक पहुंच गए थे। कड़ाके की ठंड में हाथियों के कारण ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। वन वनपरिक्षेत्र अधिकारी विजय कुमार तिवारी ने बताया  कि बीती रात सूचना मिलते ही टीम गांव में पहुंच गई थी। हाथी पास के जंगलों में डटे हुए हैं। वन विभाग का अमला लगातार हाथियों की निगरानी कर रहा है। ग्रामीणों को जंगल न जाने एवं हाथियों से दूर रहने की हिदायत दी गई है।


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