'50 हजार में महिला प्रोफेसर आ जाती, तुम आ जाओ' : प्रोफेसर का छात्राओं से अश्लील डिमांड, प्रिंसिपल ने दबाया मामला, छात्रों के बवाल पर प्रोफेसर का इस्तीफा
छत्तीसगढ़ के बेमेतरा स्थित शासकीय पंडित जवाहरलाल नेहरू कला एवं विज्ञान महाविद्यालय (पीजी कॉलेज) में एक प्रोफेसर की शर्मनाक और अश्लील करतूत से भूचाल आ गया है। कॉलेज के राजनीतिक विज्ञान विभाग के प्रोफेसर ज्योति प्रभात (जेपी) राणा पर छात्राओं को आधी रात फोन और व्हाट्सएप पर बेहद अश्लील मैसेज भेजने, पैसों का लालच देकर गलत प्रस्ताव (अश्लील मांग) देने और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने का गंभीर आरोप लगा है।
मामला दबाने की कोशिश कर रही कॉलेज प्राचार्य के रवैये से नाराज होकर जब छात्र-छात्राएं बेमेतरा कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और शिकायत की, तो घबराए आरोपी प्रोफेसर ने इस्तीफा सौंप दिया। मंगलवार को आक्रोशित छात्रों ने कॉलेज परिसर को छावनी में तब्दील कर मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया और प्रोफेसर के खिलाफ FIR दर्ज कराने की मांग की।

'50 हजार में महिला प्रोफेसर आती है...': पैसों का लालच और अश्लील ऑफर
पीड़ित छात्राओं और छात्र नेता परमेश्वर पात्रे द्वारा कलेक्टर कार्यालय में सौंपे गए ज्ञापन और साक्ष्यों में प्रोफेसर जेपी राणा के खौफनाक और शर्मनाक व्यवहार का खुलासा हुआ है:
एक छात्रा ने सबूतों के साथ आरोप लगाया कि प्रोफेसर राणा उसे देर रात आपत्तिजनक और गंदे संदेश भेजता था। जब छात्रा ने विरोध किया, तो उसे करियर खराब करने और परीक्षा में नंबर काटने की धमकी दी जाती थी।
छात्रों का आरोप है कि प्रोफेसर ने एक छात्रा से बेहद ही अभद्र भाषा में कहा— "50 हजार में तो महिला प्रोफेसर आ जाती है, तुम आ जाओ..." और पैसों का लालच देकर अनुचित संबंध बनाने का दबाव बनाया। पीड़ित छात्रा का दावा है कि कॉलेज की कई अन्य छात्राएं भी इस प्रोफेसर की गंदी नीयत और ब्लैकमेलिंग का शिकार रही हैं।

प्रिंसिपल ने मामला दबाने की कोशिश की, नाराज छात्र पहुंचे कलेक्टर ऑफिस
घटना का खुलासा होने के बाद जब छात्र-छात्राएं सबसे पहले शिकायत लेकर कॉलेज की प्राचार्य डॉ. वीणा त्रिपाठी के पास पहुंचे, तो आरोप है कि प्रबंधन ने मामले को दबाने और कॉलेज स्तर पर ही 'रफा-दफा' करने की बात कही।
प्रिंसिपल के इस रवैये से असंतुष्ट होकर दर्जनों छात्र-छात्राएं बेमेतरा कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर प्रोफेसर के खिलाफ निष्पक्ष जांच और सख्त आपराधिक कार्रवाई की मांग की।
कॉलेज गेट पर जड़ा ताला, इस्तीफे की कॉपी सार्वजनिक करने पर अड़े छात्र
कलेक्टोरेट में शिकायत के बाद ही खबर आई कि प्रोफेसर जेपी राणा ने इस्तीफा दे दिया है। मंगलवार सुबह आक्रोशित छात्रों ने कॉलेज में मोर्चा खोल दिया। छात्रों ने कॉलेज प्रशासन पर पारदर्शिता न बरतने और इस्तीफा छिपाने का आरोप लगाते हुए मुख्य गेट पर ताला लगा दिया और जमकर नारेबाजी की।
कई घंटों तक चले उग्र प्रदर्शन और दबाव के बाद आखिरकार प्राचार्य ने छात्रों के सामने प्रोफेसर के इस्तीफे की मूल प्रति दिखाई, जिसके बाद ही छात्रों ने ताला खोला। आरोपी प्रोफेसर जेपी राणा पिछले 3 साल से राजनीतिक विज्ञान विभाग में पदस्थ था।
छात्रों की मांग: सिर्फ इस्तीफा काफी नहीं, जिंदगी भर के लिए बैन और जेल हो
इस्तीफा मंजूर होने के बावजूद छात्रों का आक्रोश शांत नहीं हुआ है। छात्र संगठनों और छात्राओं की मांग है कि
आरोपी प्रोफेसर के खिलाफ पुलिस थाने में तुरंत नामजद एफआईआर दर्ज कर उसकी गिरफ्तारी की जाए। आरोपी को भविष्य में प्रदेश के किसी भी कॉलेज या विश्वविद्यालय में अध्यापन कार्य करने से स्थायी रूप से प्रतिबंधित किया जाए।
मामले के बाद से ही आरोपी प्रोफेसर जेपी राणा का मोबाइल फोन बंद आ रहा है और वह फरार है। फिलहाल पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कड़ी वैधानिक कार्रवाई की तैयारी में हैं।
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