Logo
Breaking News Exclusive
कुएं में पैर फिसलने से गिरी बहन, बचाने कूदा भाई; डूबने से सगे भाई-बहन की मौत कर्मचारी पर डंडे से जानलेवा हमला, 2 आरोपी पकड़ाए; वारदात CCTV में कैद मवेशियों से टकराकर ढाई साल में 10 लोगों की मौत; 3.67 लाख गोवंश पर जिले में सिर्फ 16 गौशालाएं USTR में स्मार्ट सर्विलांस से नदी के रास्ते तस्करी का पर्दाफाश, नुआपाड़ा के मास्टरमाइंड समेत 3 तस्कर गिरफ्तार 8 लाख डकार कर भाग गया ठेकेदार, अब मासूम बच्चे और ग्रामीण मिलकर बना रहे 'अपना स्कूल', भ्रष्ट ठेकेदारों पर मेहरबान प्रशासन MP में डॉक्टर ने किया गजब का कांड, एंटी-रेबीज की जगह Snake Bite इंजेक्शन लगाया जनता को Porn दिखाकर Russia से जंग लड़ेगा Ukraine; 236 करोड़ रुपए कमाई का अनुमान ललितपुर टू सागर 250KM शराब तस्करी रूट; EXCLUSIVE रिपोर्ट में जानिए 20 ‘कातिलों’ का किरदार ? जगदलपुर NIA कोर्ट ने 10 नक्सलियों को माना दोषी; भूपेश-बैज बोले- यह इंसाफ नहीं खानापूर्ति, मास्टरमाइंड खुलेआम घूम रहे पूर्व CM जोगी से लेकर डिप्टी सीएम विजय शर्मा तक; छत्तीसगढ़ के ये 20+ दिग्गज पहले थे 'मास्टर साहब' कुएं में पैर फिसलने से गिरी बहन, बचाने कूदा भाई; डूबने से सगे भाई-बहन की मौत कर्मचारी पर डंडे से जानलेवा हमला, 2 आरोपी पकड़ाए; वारदात CCTV में कैद मवेशियों से टकराकर ढाई साल में 10 लोगों की मौत; 3.67 लाख गोवंश पर जिले में सिर्फ 16 गौशालाएं USTR में स्मार्ट सर्विलांस से नदी के रास्ते तस्करी का पर्दाफाश, नुआपाड़ा के मास्टरमाइंड समेत 3 तस्कर गिरफ्तार 8 लाख डकार कर भाग गया ठेकेदार, अब मासूम बच्चे और ग्रामीण मिलकर बना रहे 'अपना स्कूल', भ्रष्ट ठेकेदारों पर मेहरबान प्रशासन MP में डॉक्टर ने किया गजब का कांड, एंटी-रेबीज की जगह Snake Bite इंजेक्शन लगाया जनता को Porn दिखाकर Russia से जंग लड़ेगा Ukraine; 236 करोड़ रुपए कमाई का अनुमान ललितपुर टू सागर 250KM शराब तस्करी रूट; EXCLUSIVE रिपोर्ट में जानिए 20 ‘कातिलों’ का किरदार ? जगदलपुर NIA कोर्ट ने 10 नक्सलियों को माना दोषी; भूपेश-बैज बोले- यह इंसाफ नहीं खानापूर्ति, मास्टरमाइंड खुलेआम घूम रहे पूर्व CM जोगी से लेकर डिप्टी सीएम विजय शर्मा तक; छत्तीसगढ़ के ये 20+ दिग्गज पहले थे 'मास्टर साहब'

: नक्सल इलाके में 21 साल बाद खुले राम मंदिर के दरवाजे: नक्सलियों ने कराया था बंद, अब जवानों ने खुलवाया, आदिवासियों ने की पूजा-अर्चना

Ram temple doors opened in Sukma Naxal area: 21 साल के लंबे इंतजार के बाद छत्तीसगढ़ के घोर नक्सल प्रभावित सुकमा गांव में भगवान राम के मंदिर के दरवाजे खुल गए हैं। यह मंदिर करीब 5 दशक पुराना है। यहां भगवान राम, सीता और लक्ष्मण की संगमरमर की मूर्तियां स्थापित हैं। इस मंदिर को नक्सलियों ने बंद कर दिया था। जिले के चिंतलनार इलाके के केरलपेंडा गांव में स्थित मंदिर को सीआरपीएफ जवानों की मदद से खोल दिया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि 2003 में नक्सलियों ने बंद करने का आदेश दिया था। इसके बाद लाल आतंक बढ़ने लगा और मंदिर में पूजा-अर्चना पूरी तरह बंद हो गयी। जवानों और ग्रामीणों ने मिलकर की पूजा-अर्चना सीआरपीएफ 74वीं बटालियन के जवानों के साथ ग्रामीणों ने मंदिर की साफ-सफाई की. ग्रामीणों के अनुरोध पर जवानों की मौजूदगी में सामूहिक पूजा व आरती की गयी। ग्रामीणों ने मंदिर के जीर्णोद्धार की इच्छा जताई है। इस पर अधिकारियों ने जल्द काम शुरू कराने का आश्वासन दिया है। मंदिर परिसर में चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया मंदिर परिसर में ही सीआरपीएफ के जवानों ने ग्रामीणों के लिए मेडिकल कैंप भी लगाया. केंदापाल के साथ आसपास के ग्रामीण भी इलाज के लिए यहां पहुंचे। इस दौरान सीआरपीएफ के डॉक्टर ने ग्रामीणों की जांच की और उन्हें दवाएं दीं। नक्सलियों से छिपकर करते थे पूजा ग्रामीणों ने बताया कि नक्सलियों के डर से मंदिर को बंद कर दिया गया था, लेकिन गांव के एक परिवार का एक सदस्य हर दिन चोरी-छिपे पूजा करता रहा। हाल ही में पास के गांव लाखापाल में नया सीआरपीएफ कैंप खुला है। शिविर खुलने के बाद जब सैनिक गाँव वालों का हाल जानने के लिए गाँव आये तो उन्होंने उनसे मंदिर को फिर से खोलने का अनुरोध किया। मंदिर बनाने के लिए वे 80 किलोमीटर पैदल चलकर निर्माण सामग्री लेकर आए थे ग्रामीणों ने बताया कि मंदिर की स्थापना 1970 में बिहारी महाराज जी ने की थी। इसके लिए पूरा गांव 80 किमी दूर सुकमा से पैदल चलकर सिर पर सीमेंट, पत्थर, गिट्टी और सरिया लेकर आया था। इसमें गांव के सभी लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. ग्रामीणों ने बताया कि उस समय न तो सड़कें थीं और न ही माल परिवहन के लिए वाहन उपलब्ध थे। मंदिर की स्थापना के बाद से गांव में मांस और शराब पर प्रतिबंध कहा जाता है कि मंदिर की स्थापना के बाद पूरा क्षेत्र और पूरा गांव श्री राम का भक्त हो गया और लगभग पूरे गांव के ग्रामीणों ने कंठी धारण कर ली। सबसे बड़ी चीज कंठी धारण करने के बाद व्यक्ति न तो मांस खा सकता है और न ही शराब का सेवन कर सकता है। Read more- Landmines, Tanks, Ruins: The Afghanista Taliban Left Behind in 2001 29 IAS-IPS

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन