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: Rajnandgaon: थानों में खुलेंगे 'सियान डेस्क', बुजुर्गों की समस्याओं को करेंगे दूर

News Desk / Thu, Oct 13, 2022


राजनांदगांव के थाने में खोली गई सियान डेस्क

राजनांदगांव के थाने में खोली गई सियान डेस्क - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

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छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव पुलिस एक अनोखी पहल करने जा रही है। इसके तहत जिले के सभी थानों ने सियान डेस्क खोली जाएगी। इसका मकसद थाने आने वाले बुजुर्गों की समस्याओं को दूर करना होगा। खास बात यह है कि इस दौरान अकेले रहने वाले बुजुर्गों को लेकर विशेष सावधानी बरती जाएगी। इसकी जिम्मेदारी भी डेस्क की होगी। 

दरअसल, थाने आने और अपनी समस्याएं बताने से बुजुर्ग बचते हैं। इससे भी ज्यादा समस्या उन बुजुर्गों की है, जो अकेले रहते हैं। ऐसे में उनके आपराधिक घटनाओं का शिकार होना ज्यादा आसान होता है। इसे देखते हुए राज्य सरकार ने सभी थानों में सियान डेस्क बनाने के निर्देश दिए हैं। इसी के तहत राजनांदगांव से इसकी शुरुआत की गई है। इसके जरिए जहां थाने में आने वाले बुजुर्गों की समस्या सुनने और उसके निराकरण के लिए एक स्पेशल अधिकारी नियुक्त रहेगा, वहीं उनके घर भी जाकर पुलिसकर्मी निगरानी रख सकेंगे। 

एडिशनल एसपी लखन पटले ने बताया कि बुजुर्गों की सुविधा को देखते हुए इसे शुरू किया जा रहा है। कई बुजुर्ग अकेले रहते हैं। उनके बेटा या बेटी बाहर चले गए हैं या फिर कहीं और जॉब करते हैं। ऐसे में अकेले रहने वाले बुजुर्गों की देखभाल की ज्यादा जरूरत होती है। वह आपराधिक वारदातों के शिकार न हों, इसका भी विशेष रूप से ध्यान रखा जाएगा। 

विस्तार

छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव पुलिस एक अनोखी पहल करने जा रही है। इसके तहत जिले के सभी थानों ने सियान डेस्क खोली जाएगी। इसका मकसद थाने आने वाले बुजुर्गों की समस्याओं को दूर करना होगा। खास बात यह है कि इस दौरान अकेले रहने वाले बुजुर्गों को लेकर विशेष सावधानी बरती जाएगी। इसकी जिम्मेदारी भी डेस्क की होगी। 

दरअसल, थाने आने और अपनी समस्याएं बताने से बुजुर्ग बचते हैं। इससे भी ज्यादा समस्या उन बुजुर्गों की है, जो अकेले रहते हैं। ऐसे में उनके आपराधिक घटनाओं का शिकार होना ज्यादा आसान होता है। इसे देखते हुए राज्य सरकार ने सभी थानों में सियान डेस्क बनाने के निर्देश दिए हैं। इसी के तहत राजनांदगांव से इसकी शुरुआत की गई है। इसके जरिए जहां थाने में आने वाले बुजुर्गों की समस्या सुनने और उसके निराकरण के लिए एक स्पेशल अधिकारी नियुक्त रहेगा, वहीं उनके घर भी जाकर पुलिसकर्मी निगरानी रख सकेंगे। 

एडिशनल एसपी लखन पटले ने बताया कि बुजुर्गों की सुविधा को देखते हुए इसे शुरू किया जा रहा है। कई बुजुर्ग अकेले रहते हैं। उनके बेटा या बेटी बाहर चले गए हैं या फिर कहीं और जॉब करते हैं। ऐसे में अकेले रहने वाले बुजुर्गों की देखभाल की ज्यादा जरूरत होती है। वह आपराधिक वारदातों के शिकार न हों, इसका भी विशेष रूप से ध्यान रखा जाएगा। 


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