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: छत्तीसगढ़ ED रेड की इनसाइड स्टोरी: ड्राइवर के घर 1 किलो चावल के पैसे नहीं थे, पत्नी उधार लेकर गई, फिर पलंग ने उगले ढाई करोड़, जानिए क्यों हाथ मलते रह गई पुलिस ?

Inside story of Chhattisgarh ED raid: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने गुरुवार शाम भिलाई हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में रहने वाले एक कार चालक के घर पर छापा मारा. देर रात तक चली इस छापेमारी में 2.5 करोड़ रुपये जब्त किये गये. इस मामले में पड़ोसी दुकानदार ने कहा- अभी उसकी पत्नी ने एक किलो चावल उधार लिया था, अचानक करोड़ों रुपये कहां से आ गए.

Inside story of Chhattisgarh ED raid: जब मीडिया मौके पर पहुंची तो किसी को यकीन ही नहीं हुआ कि हाउसिंग बोर्ड के ब्लॉक नंबर 15, क्वार्टर नंबर 15 निवासी असीम दास उर्फ बब्बा के घर में इतनी बड़ी रकम मिली है। दरअसल, यह वह कॉलोनी है जहां गरीबी रेखा से नीचे या मध्यम वर्ग के लोग रहते हैं. Inside story of Chhattisgarh ED raid: बब्बा भी वर्षों से उसी तीन मंजिले जर्जर भवन में वन बीएचके मकान में रहते हैं और गाड़ी चलाते हैं. बिल्डिंग के नीचे स्थित अग्रवाल किराना दुकान के संचालक ने बताया कि गुरुवार तक बब्बा के पास चावल खरीदने के लिए पैसे नहीं थे. उसकी पत्नी ने उसकी दुकान से एक किलो चावल उधार लिया है। उसके पास अचानक इतना पैसा कैसे आ गया? Inside story of Chhattisgarh ED raid: कुछ दूरी पर स्थित एक अन्य किराना दुकान मालिक से जब हमने बात की तो उन्होंने बताया कि बब्बा बहुत सीधे-सादे और गरीब थे. उनके पास सिगरेट खरीदने के पैसे नहीं थे. अगर वह उधार सिगरेट लेता था तो वह कई दिनों तक नजर नहीं आता था कि कहीं वह उससे उधार के पैसे न मांगने लगे. लोग चर्चा कर रहे हैं कि आखिर उसके पास अचानक इतना पैसा कहां से आ गया. ईडी की टीम ताला तोड़कर घर में दाखिल हुई Inside story of Chhattisgarh ED raid: गुरुवार शाम करीब 6-7 ईडी अधिकारी दिल्ली पासिंग कार डीएल 1 सीएजी 9199 से यहां पहुंचे. इससे पहले ही आसिम ने अपनी पत्नी और बच्चे को कहीं भेज दिया था और खुद फरार हो गया था। जब ईडी की टीम असीम दास के घर पहुंची तो वहां ताला लगा हुआ था. Inside story of Chhattisgarh ED raid: इसके बाद अधिकारियों ने पड़ोस में रहने वाली एक लड़की को बुलाया. उनके सामने वीडियो रिकार्डिंग में वह घर का ताला तोड़कर अंदर जाकर तलाश करने लगी। तलाशी के दौरान उन्हें बिस्तर के नीचे नोटों के बंडल मिले. ईडी आसिम और उनके परिवार की तलाश कर रही है. नोट गिनने के लिए बैंक से मशीन मंगवानी पड़ी Inside story of Chhattisgarh ED raid: भारी मात्रा में करेंसी नोट देखने के बाद ईडी के अधिकारी एसबीआई की इंडस्ट्रियल एरिया हाउसिंग बोर्ड शाखा पहुंचे. वहां से वे नोट गिनने की मशीन ले आये. सारे नोट गिनने में उन्हें करीब 4-5 घंटे लग गए. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ईडी ने कमरे से 2.5 करोड़ रुपये जब्त किए हैं. इसमें 500 रुपये के बंडल और 200 व 100 रुपये के नोट थे। रात करीब 12 बजे ईडी की टीम नोट लेकर यहां से रायपुर के लिए रवाना हो गई. सारा पैसा गुरुवार को दिन में आ गया Inside story of Chhattisgarh ED raid: जब हमने असीम दास के पड़ोसियों से बात की तो पता चला कि ये नोट 2 नवंबर की दोपहर को ही आ गए थे. दोपहर को तीन लड़के तीन अलग-अलग बैग लेकर आए. इसके बाद वह एक बोरा लेकर आया. बैग व बोरी को कमरे में रखने के बाद वह ताला लगाकर वहां से चला गया. कुछ ही घंटों बाद ईडी की छापेमारी हुई. सबसे बड़ा सवाल ये है कि ये पैसा किसका है? Inside story of Chhattisgarh ED raid: ईडी की टीम ने वन बीएचके क्वार्टर से 2.5 करोड़ रुपये जब्त किये. अब सबके मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि ये पैसा किसका था. ये पैसा कहां से आया? कोई इसे चुनावी पैसा बता रहा है तो कोई कह रहा है कि ये सट्टेबाजी ऐप का पैसा है. आसिम खुद सट्टेबाजी पैनल चलाता था. वह दीपक नेपाली से जुड़ा था. ये पैसे दीपक नेपाली के ही थे. दुर्ग पुलिस हाथ मलती रह गई Inside story of Chhattisgarh ED raid: जैसे ही जामुल पुलिस को पता चला कि ईडी ने हाउसिंग बोर्ड में छापा मारा है और वहां कई करोड़ रुपये मिले हैं, तो उनके होश उड़ गए. हर कोई यही कह रहा था कि अगर दुर्ग पुलिस यह रकम पकड़ लेती तो बड़ी सफलता होती. Read more- Landmines, Tanks, Ruins: The Afghanistan Taliban Left Behind in 2001 29 IAS-IPS

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