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: Janjgir-Champa: धान का पैसा खाते में आया, हाथ में नहीं, बैंक की लाइन में देर रात तक लगे रहे किसानों का हंगामा

News Desk / Mon, Dec 26, 2022


सहकारी बैंक के बाहर किसानों का हंगामा।

सहकारी बैंक के बाहर किसानों का हंगामा। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

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छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान बेचने के बाद रकम बैंक खातों में तो आ गई है, लेकिन किसानों के हाथ में नहीं आई। बैंक की लंबी लाइन में देर रात तक किसान उन रुपयों को पाने के लिए जद्दोजहद करते रहते हैं। ऐसा ही मामला जांजगीर-चांपा में भी आया है। यहां सोमवार को पूरे दिन बैंक में लगे किसानों को रात में रकम मिल सकी। कई किसान तो बैरंग ही लौट गए। ऐसे में किसानों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने हंगामा किया। 

धान की राशि राज्य सरकार की ओर से किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी गई है। इसे लेने के लिए बैंक की सभी 20 शाखाओं में किसानों की भीड़ उमड़ रही है। राशि निकालने के लिए किसान बैंक खुलने से पहले ही सुबह 8 बजे से लाइन में लग जा रहे हैं। सोमवार को भी किसान रुपये लेने के लिए पहुंचे थे। दिनभर के इंतजार के बाद शाम को रुपये मिलना शुरू हुआ, लेकिन फिर भी कई किसानों को बैरंग ही लौटना पड़ा। 

बैंक की ओर से दोपहर करीब 3.30 बजे विड्रॉल फार्म खत्म होने की बात कहते हुए देना बंद कर दिया। वहीं बाकी बचे किसानों को भी देर शाम 7 से 8 बजे तक भुगतान किया जा सका। इसके चलते किसानों का सब्र जवाब दे गया। उन्होंने बैंक में ही हंगामा करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। किसानों का कहना था कि वे 15 से 20 किमी दूर से आते हैं। ऐसे में रास्ते में उनसे लूट भी हो सकती है। फिर भी अफसर इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। 

किसानों ने उग्र आंदोलन की दी चेतावनी
कृषक चेतना मंच के जिला सहसंयोजक संदीप तिवारी का कहना है कि पिछले कई दिनों से हर रोज सहकारी बैंक में किसानों को पैसा पाने के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। देर शाम को पैसा देना किसानों को शुरू कर रहे हैं। बैंक प्रबंधन किसी प्रकार का किसानों की सुविधा के लिए कोई प्रयास नहीं कर रहा है। जल्द ही व्यवस्था नहीं सुधारा गया तो आगे चक्काजाम सहित उग्र आंदोलन किया जाएगा।

विस्तार

छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान बेचने के बाद रकम बैंक खातों में तो आ गई है, लेकिन किसानों के हाथ में नहीं आई। बैंक की लंबी लाइन में देर रात तक किसान उन रुपयों को पाने के लिए जद्दोजहद करते रहते हैं। ऐसा ही मामला जांजगीर-चांपा में भी आया है। यहां सोमवार को पूरे दिन बैंक में लगे किसानों को रात में रकम मिल सकी। कई किसान तो बैरंग ही लौट गए। ऐसे में किसानों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने हंगामा किया। 

धान की राशि राज्य सरकार की ओर से किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी गई है। इसे लेने के लिए बैंक की सभी 20 शाखाओं में किसानों की भीड़ उमड़ रही है। राशि निकालने के लिए किसान बैंक खुलने से पहले ही सुबह 8 बजे से लाइन में लग जा रहे हैं। सोमवार को भी किसान रुपये लेने के लिए पहुंचे थे। दिनभर के इंतजार के बाद शाम को रुपये मिलना शुरू हुआ, लेकिन फिर भी कई किसानों को बैरंग ही लौटना पड़ा। 

बैंक की ओर से दोपहर करीब 3.30 बजे विड्रॉल फार्म खत्म होने की बात कहते हुए देना बंद कर दिया। वहीं बाकी बचे किसानों को भी देर शाम 7 से 8 बजे तक भुगतान किया जा सका। इसके चलते किसानों का सब्र जवाब दे गया। उन्होंने बैंक में ही हंगामा करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। किसानों का कहना था कि वे 15 से 20 किमी दूर से आते हैं। ऐसे में रास्ते में उनसे लूट भी हो सकती है। फिर भी अफसर इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। 

किसानों ने उग्र आंदोलन की दी चेतावनी
कृषक चेतना मंच के जिला सहसंयोजक संदीप तिवारी का कहना है कि पिछले कई दिनों से हर रोज सहकारी बैंक में किसानों को पैसा पाने के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। देर शाम को पैसा देना किसानों को शुरू कर रहे हैं। बैंक प्रबंधन किसी प्रकार का किसानों की सुविधा के लिए कोई प्रयास नहीं कर रहा है। जल्द ही व्यवस्था नहीं सुधारा गया तो आगे चक्काजाम सहित उग्र आंदोलन किया जाएगा।


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