Logo
Breaking News Exclusive
गरियाबंद में 13 कमरों की ड्राइंग के बाद बने सिर्फ 9 कमरे; 48.48 लाख की सीक्रेट कहानी जानिए 4 साल में 15 से ज्यादा मौतें, फिर भी सीएमओ ने महिलाओं से ज्ञापन लेने से किया इनकार बालाघाट में 30 से ज्यादा मौतों का दावा; कुपोषण, मलेरिया और 6 महीने से बंद 'राशन' की पूरी इनसाइड स्टोरी शहडोल में चुन्नी से घोंटा गला, बेटी की लगातार बीमार होने से चिढ़ी थी, अंधविश्वास में खूनी खेल पानी भरते समय फिसला पैर, 20 साल की लड़की की गई जान, चप्पल देख कुएं में ढूंढने पहुंचे परिजन 10 दिन तक JCB और क्रेन से प्रतिमा हिला तक नहीं सका प्रशासन, 1000 साल पुरानी मूर्ति में मिली इंटरलॉक तकनीक! 30 पर FIR, 14 गिरफ्तार, 7 शराब दुकानें सील, राहुल गांधी बोले- MP में भारत की सबसे भ्रष्ट सरकार छात्रावास की जमीन पर कब्जे का विरोध, अमरकंटक-रीवा मार्ग जाम से दोनों तरफ 2 KM लंबी कतारें, कलेक्टर को बुलाने पर अड़े 13 प्राचार्यों-अधिकारियों का तबादला, कई जिलों के DEO बदले गए फर्जी Noc बनाकर खैर लकड़ी तस्करी, पुलिस ने थैले में भरीं 500 की 162 गड्डियां गरियाबंद में 13 कमरों की ड्राइंग के बाद बने सिर्फ 9 कमरे; 48.48 लाख की सीक्रेट कहानी जानिए 4 साल में 15 से ज्यादा मौतें, फिर भी सीएमओ ने महिलाओं से ज्ञापन लेने से किया इनकार बालाघाट में 30 से ज्यादा मौतों का दावा; कुपोषण, मलेरिया और 6 महीने से बंद 'राशन' की पूरी इनसाइड स्टोरी शहडोल में चुन्नी से घोंटा गला, बेटी की लगातार बीमार होने से चिढ़ी थी, अंधविश्वास में खूनी खेल पानी भरते समय फिसला पैर, 20 साल की लड़की की गई जान, चप्पल देख कुएं में ढूंढने पहुंचे परिजन 10 दिन तक JCB और क्रेन से प्रतिमा हिला तक नहीं सका प्रशासन, 1000 साल पुरानी मूर्ति में मिली इंटरलॉक तकनीक! 30 पर FIR, 14 गिरफ्तार, 7 शराब दुकानें सील, राहुल गांधी बोले- MP में भारत की सबसे भ्रष्ट सरकार छात्रावास की जमीन पर कब्जे का विरोध, अमरकंटक-रीवा मार्ग जाम से दोनों तरफ 2 KM लंबी कतारें, कलेक्टर को बुलाने पर अड़े 13 प्राचार्यों-अधिकारियों का तबादला, कई जिलों के DEO बदले गए फर्जी Noc बनाकर खैर लकड़ी तस्करी, पुलिस ने थैले में भरीं 500 की 162 गड्डियां

: Chhatisgarh News: भ्रष्टाचार के खिलाफ आजाद मंच ने आवाज की बुलंद, आंदोलन का किया आगाज

News Desk / Thu, Dec 8, 2022


विक्रांत तिवारी, आजाद मंच प्रमुख

विक्रांत तिवारी, आजाद मंच प्रमुख - फोटो : वीडियो ग्रेब

ख़बर सुनें

आजाद मंच ने बिलासपुर प्रेस क्लब में अपने पहले आंदोलन के सफलतापूर्वक पूरे होने के बाद ने दूसरे आंदोलन का आगाज किया। इनका पहला आंदोलन सिटी बस संचालन था, अब दूसरा आंदोलन फाइट अगेंस्ट करप्शन है। आजाद मंच प्रमुख विक्रांत तिवारी ने कहा कि भ्रष्टाचार सरकारी प्रोटोकॉल बनता जा रहा है, जिसने छत्तीसगढ़ को दीमक की तरह अंदर से खोखला करना शुरू कर दिया है। इस दीमक की दवा बन कर इसे खत्म करेंगे। 

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सोच कुछ समय पहले सामने आई, जिसमें उन्होंने छत्तीसगढ़ के बेरोजगार युवाओं को हर हाथ काम जैसी सोच के साथ ठेका पद्धति में काम दिलाने के लिए पंजीकृत करवाया और एक पारदर्शी प्रक्रिया के तहत उन्हें काम मिलने का भरोसा दिलाया, किंतु आज इस तरीके के भ्रष्टाचारी जो कमीशन खोरी के चक्कर में सिर्फ उन युवाओं के भविष्य के साथ ही नहीं बल्कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सोच पर भी चोट पहुंचा रहे हैं।

जिसमें युवाओं को अपने पैरों पर खड़े करने के लिए ऐसी योजनाओं सार्वजनिक जिसे मुख्यमंत्री ने की थी। आज ऑनलाइन टेंडरों को विभाग उनके अधिकारी कर्मचारी लगातार मजाक का विषय बना चुके हैं। अगर नगरी निकाय विभाग की बात की जाए तो सिर्फ कमीशन के कारण ही करोड़ों के काम महीनों तक रुके पड़े रहते हैं। ऐसे कई मामले आज हमारे ही आसपास की नगर पंचायतों में देखे जा रहे हैं।

विस्तार

आजाद मंच ने बिलासपुर प्रेस क्लब में अपने पहले आंदोलन के सफलतापूर्वक पूरे होने के बाद ने दूसरे आंदोलन का आगाज किया। इनका पहला आंदोलन सिटी बस संचालन था, अब दूसरा आंदोलन फाइट अगेंस्ट करप्शन है। आजाद मंच प्रमुख विक्रांत तिवारी ने कहा कि भ्रष्टाचार सरकारी प्रोटोकॉल बनता जा रहा है, जिसने छत्तीसगढ़ को दीमक की तरह अंदर से खोखला करना शुरू कर दिया है। इस दीमक की दवा बन कर इसे खत्म करेंगे। 

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सोच कुछ समय पहले सामने आई, जिसमें उन्होंने छत्तीसगढ़ के बेरोजगार युवाओं को हर हाथ काम जैसी सोच के साथ ठेका पद्धति में काम दिलाने के लिए पंजीकृत करवाया और एक पारदर्शी प्रक्रिया के तहत उन्हें काम मिलने का भरोसा दिलाया, किंतु आज इस तरीके के भ्रष्टाचारी जो कमीशन खोरी के चक्कर में सिर्फ उन युवाओं के भविष्य के साथ ही नहीं बल्कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सोच पर भी चोट पहुंचा रहे हैं।

जिसमें युवाओं को अपने पैरों पर खड़े करने के लिए ऐसी योजनाओं सार्वजनिक जिसे मुख्यमंत्री ने की थी। आज ऑनलाइन टेंडरों को विभाग उनके अधिकारी कर्मचारी लगातार मजाक का विषय बना चुके हैं। अगर नगरी निकाय विभाग की बात की जाए तो सिर्फ कमीशन के कारण ही करोड़ों के काम महीनों तक रुके पड़े रहते हैं। ऐसे कई मामले आज हमारे ही आसपास की नगर पंचायतों में देखे जा रहे हैं।


Source link

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन