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: Ambikapur: कोल माइंस में नौकरी को लेकर खोला मोर्चा; 6 घंटे तक चक्काजाम, आश्वासन के बाद हटे बेरोजगार युवक

News Desk / Mon, Jan 9, 2023


चक्काजाम कर प्रदर्शन करते बेरोजगार युवक

चक्काजाम कर प्रदर्शन करते बेरोजगार युवक - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

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परसा केते कोल ब्लॉक में नौकरी की मांग को लेकर माइंस प्रभावित नवयुवक बेरोजगार युवकों ने करीब छह घंटे तक चक्काजाम कर प्रदर्शन किया। सैकड़ों की संख्या में लोगों की भीड़ को काबू करने पुलिस एवं प्रशासन की मौजूदगी में अडानी के जीएम ने सात दिनों में योग्य युवकों को नौकरी दिए जाने का लिखित आश्वासन दिया। आश्वासन के बाद युवकों ने आंदोलन खत्म किया। राजस्थान विद्युत उत्पादन कंपनी को आवंटित इस कोल ब्लाक की एमडीओ अडानी इंटरप्राइसेस कंपनी है।


 
सरगुजा जिले के उदयपुर ब्लॉक में अडानी माइंस प्रभावित गांव परसा, बासेन, साल्ही, घाटबर्रा,फतेहपुर, हरिहरपुर, गुमगा, डांडगांव सहित आसपास गांव के करीब 250 बेरोजगार नवयुवकों ने मंगलवार सुबह अदानी के मेन गेट और साल्ही गेट में एकत्र होकर चक्काजाम कर दिया। माइंस में ड्यूटी करने जा रहे कर्मियों की मांग को लेकर प्रदर्शन के दौरान खदान के कर्मचारियां की वाहन को रोक दिया। इसकी जानकारी अडानी के अधिकारियों को मिलने पर सूचना पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को दी गई। 

सूचना पर उदयपुर तहसीलदार मनीष सूर्यवंशी और उदयपुर एसआई शमरेंद्र सिंह सहित पुलिस व प्रशासन की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। सैकड़ों बेरोजगार नवयुवकों की ओर से घंटों गेट में प्रदर्शन के बाद प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में अदानी के जीएम संजय श्रीवास्तव, उत्तम कुमार झा सहित एचआर के अन्य अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से चर्चा की। पीकेईबी और पीबी कोल ब्लॉक के सहयोगी कंपनी में उपलब्धता के आधार पर 7 दिवस में योग्यतानुसार माइंस में नौकरी में लिए जाने के लिखित आश्वासन के बाद आंदोलन को समाप्त किया गया। दोपहर करीब 12 बजे अदानी के कर्मचारी माइंस में प्रवेश कर सके। प्रदर्शन में विनोद कुमार पोर्ते, मनोहर सिंह, महेश कुमार, प्यारेलाल सिंह, जयंत सिंह पोर्ते,सुनील लकड़ा, अमरजीत सिंह, नरेंद्र सिंह, पवन सिंह सहित बड़ी संख्या में बेरोजगार मौजूद रहे। 

जरूरतमंदों को नहीं मिला रोजगार
प्रदर्शन कर रहे चंदन सिंह पोर्ते ने कहा कोल ब्लाक खुलने से लोगों में रोजगार को लेकर उत्साह था। कोल माइंस खुले 12 वर्ष से अधिक समय हो गया है, लेकिन अब तक अदानी कोल माइंस में प्रभावित गांव के बहुत कम लोगों को रोजगार मिला है। 

कई बार आश्वासन, फिर भी  नहीं मिल रोजगार
नवयुवक बेरोजगार मनोहर सिंह ऊईके ने कहा कि माइंस प्रभावित गांव के बेरोजगार अब तक कई बार अदानी में नौकरी के लिए प्रशासन एवं अदानी प्रबंधन को ज्ञापन दे चुके हैं। हर बार सिर्फ आश्वासन देकर अन्य राज्य के लोगों को रोजगार दिया जा रहा है। स्थानीय प्रभावित गांव के लोगों के साथ सिर्फ धोखा दिया गया है। इस बार योग्यता पूर्ण समस्त लोगों को नौकरी में रखना होगा नहीं तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।

 

विस्तार

परसा केते कोल ब्लॉक में नौकरी की मांग को लेकर माइंस प्रभावित नवयुवक बेरोजगार युवकों ने करीब छह घंटे तक चक्काजाम कर प्रदर्शन किया। सैकड़ों की संख्या में लोगों की भीड़ को काबू करने पुलिस एवं प्रशासन की मौजूदगी में अडानी के जीएम ने सात दिनों में योग्य युवकों को नौकरी दिए जाने का लिखित आश्वासन दिया। आश्वासन के बाद युवकों ने आंदोलन खत्म किया। राजस्थान विद्युत उत्पादन कंपनी को आवंटित इस कोल ब्लाक की एमडीओ अडानी इंटरप्राइसेस कंपनी है।


 
सरगुजा जिले के उदयपुर ब्लॉक में अडानी माइंस प्रभावित गांव परसा, बासेन, साल्ही, घाटबर्रा,फतेहपुर, हरिहरपुर, गुमगा, डांडगांव सहित आसपास गांव के करीब 250 बेरोजगार नवयुवकों ने मंगलवार सुबह अदानी के मेन गेट और साल्ही गेट में एकत्र होकर चक्काजाम कर दिया। माइंस में ड्यूटी करने जा रहे कर्मियों की मांग को लेकर प्रदर्शन के दौरान खदान के कर्मचारियां की वाहन को रोक दिया। इसकी जानकारी अडानी के अधिकारियों को मिलने पर सूचना पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को दी गई। 



सूचना पर उदयपुर तहसीलदार मनीष सूर्यवंशी और उदयपुर एसआई शमरेंद्र सिंह सहित पुलिस व प्रशासन की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। सैकड़ों बेरोजगार नवयुवकों की ओर से घंटों गेट में प्रदर्शन के बाद प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में अदानी के जीएम संजय श्रीवास्तव, उत्तम कुमार झा सहित एचआर के अन्य अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से चर्चा की। पीकेईबी और पीबी कोल ब्लॉक के सहयोगी कंपनी में उपलब्धता के आधार पर 7 दिवस में योग्यतानुसार माइंस में नौकरी में लिए जाने के लिखित आश्वासन के बाद आंदोलन को समाप्त किया गया। दोपहर करीब 12 बजे अदानी के कर्मचारी माइंस में प्रवेश कर सके। प्रदर्शन में विनोद कुमार पोर्ते, मनोहर सिंह, महेश कुमार, प्यारेलाल सिंह, जयंत सिंह पोर्ते,सुनील लकड़ा, अमरजीत सिंह, नरेंद्र सिंह, पवन सिंह सहित बड़ी संख्या में बेरोजगार मौजूद रहे। 

जरूरतमंदों को नहीं मिला रोजगार
प्रदर्शन कर रहे चंदन सिंह पोर्ते ने कहा कोल ब्लाक खुलने से लोगों में रोजगार को लेकर उत्साह था। कोल माइंस खुले 12 वर्ष से अधिक समय हो गया है, लेकिन अब तक अदानी कोल माइंस में प्रभावित गांव के बहुत कम लोगों को रोजगार मिला है। 

कई बार आश्वासन, फिर भी  नहीं मिल रोजगार
नवयुवक बेरोजगार मनोहर सिंह ऊईके ने कहा कि माइंस प्रभावित गांव के बेरोजगार अब तक कई बार अदानी में नौकरी के लिए प्रशासन एवं अदानी प्रबंधन को ज्ञापन दे चुके हैं। हर बार सिर्फ आश्वासन देकर अन्य राज्य के लोगों को रोजगार दिया जा रहा है। स्थानीय प्रभावित गांव के लोगों के साथ सिर्फ धोखा दिया गया है। इस बार योग्यता पूर्ण समस्त लोगों को नौकरी में रखना होगा नहीं तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।

 


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