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: Chhattisgarh: NIA ने नक्सली हमले में 23 के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट, बीजापुर में 22 जवान हुए थे शहीद

News Desk / Wed, Dec 21, 2022


सांकेतिक फोटो

सांकेतिक फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने पिछले साल छत्तीसगढ़ में हुए नक्सली हमले में 23 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर की है। इस नक्सली हमले में 22 जवान शहीद हो गए थे। NIA प्रवक्ता की ओर से बताया गया कि हमला बीजापुर के तर्रेम क्षेत्र के टेकलगुडियाम गांव के पास तीन अप्रैल 2021 को हुआ था। इस हमले में 35 से अधिक लोग घायल हुए थे। 

पांच जून को NIA ने दर्ज की FIR
इस हमले के बाद तर्रेम थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। हालांकि मामले की गंभीरता को देखते हुए इसी साल 5 जून को NIA ने केस दर्ज किया। इस दौरान जांच में पता चला कि आरोपी नक्सली ने आतंकी हमले को अंजाम देने की साजिश रची। उसने सीपीआई माओवादियों के हथियारबंद साथियों के साथ CRPF, कोबरा, DRG और राज्य पुलिस के जवानों पर बैरल ग्रेनेड लांचर (बीजीएल) और ऑटोमैटिक हथियारों से हमला किया। 

टीसीओसी का हिस्सा था हमला
अफसरों की ओर से बताया गया कि नक्सलियों ने कोबरा बटालियन के जवान राकेश्वर सिंह मन्हास को भी अगवा कर लिया था और उसके हथियार लूट लिए। जांच से यह भी पता चला कि पुलिस पार्टी और सुरक्षा कर्मियों पर यह हमला नक्सलियों के TCOC (Tactical Counter Offensive Campaign) का हिस्सा था। जांच के दौरान नक्सलियों के वरिष्ठ नेताओं की भूमिका भी पता चला है। 

विस्तार

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने पिछले साल छत्तीसगढ़ में हुए नक्सली हमले में 23 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर की है। इस नक्सली हमले में 22 जवान शहीद हो गए थे। NIA प्रवक्ता की ओर से बताया गया कि हमला बीजापुर के तर्रेम क्षेत्र के टेकलगुडियाम गांव के पास तीन अप्रैल 2021 को हुआ था। इस हमले में 35 से अधिक लोग घायल हुए थे। 

पांच जून को NIA ने दर्ज की FIR
इस हमले के बाद तर्रेम थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। हालांकि मामले की गंभीरता को देखते हुए इसी साल 5 जून को NIA ने केस दर्ज किया। इस दौरान जांच में पता चला कि आरोपी नक्सली ने आतंकी हमले को अंजाम देने की साजिश रची। उसने सीपीआई माओवादियों के हथियारबंद साथियों के साथ CRPF, कोबरा, DRG और राज्य पुलिस के जवानों पर बैरल ग्रेनेड लांचर (बीजीएल) और ऑटोमैटिक हथियारों से हमला किया। 

टीसीओसी का हिस्सा था हमला
अफसरों की ओर से बताया गया कि नक्सलियों ने कोबरा बटालियन के जवान राकेश्वर सिंह मन्हास को भी अगवा कर लिया था और उसके हथियार लूट लिए। जांच से यह भी पता चला कि पुलिस पार्टी और सुरक्षा कर्मियों पर यह हमला नक्सलियों के TCOC (Tactical Counter Offensive Campaign) का हिस्सा था। जांच के दौरान नक्सलियों के वरिष्ठ नेताओं की भूमिका भी पता चला है। 


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