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: ED Raid in Chhattisgarh: अधिवक्ताओं ने ईडी की कार्रवाई को गलत ठहराया कोर्ट में बोले- गिरफ्तारी गैरकानूनी आधार बताएं

News Desk / Fri, Oct 14, 2022


Publish Date: | Fri, 14 Oct 2022 12:12 PM (IST)

रायपुर। ED Raid in Chhattisgarh Update: छत्तीसगढ़ में ईडी की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। गिरफ्तार किए गए आइएएस समीर विश्नोई समेत व्यापारी सुनील अग्रवाल, लक्ष्मीकांत तिवारी को लेकर ईडी की टीम गुरुवार शाम पौने चार बजे जिला कोर्ट पहुंची। ईडी ने इन्हें चतुर्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय सिंह राजपूत की कोर्ट में पेश कर पूछताछ और दस्तावेज संकलन के लिए 14 दिन की कस्टडी मांगी। ईडी की ओर से अधिवक्ता रमाकांत मिश्रा और बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता विजय अग्रवाल और फैजल रिजवी ने अपनी दलील रखी। तीन घंटे से अधिक समय तक दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस के बाद न्यायाधीश ने आठ दिन का रिमांड स्वीकृत किया।

पत्रकारों से चर्चा करते हुए अधिवक्ता फैजल रिजवी ने बताया कि ईडी ने 14 दिन की कस्टडी मांगी थी, हमने उसका विरोध किया है। आइटी रेड पहले हुई थी। जो भी मिला है, वह इनकमटैक्स में मिला है। वह ईडी के शेड्यूल आफेंस में नहीं आता है। ईडी द्वारा की गई गिरफ्तारी को वकीलों ने गैरकानूनी बताया है। फैजल रिजवी ने कहा कि किस आधार पर उन्होंने गिरफ्तारी की है, उसकी जानकारी अभी दी जाए।

सीआरपीएफ के घेरे में कोर्ट लाए गए आइएएस और व्यापारी

ईडी दफ्तर से आइएएस समीर विश्नोई, व्यापारी सुनील अग्रवाल और लक्ष्मीकांत तिवारी (सूर्यकांत तिवारी के चाचा) को सीआरपीएफ जवानों के घेरे में लेकर ईडी के अधिकारी आंबेडकर अस्पताल पहुंचे। वहां मेडिकल चेकअप के बाद इन्हें शाम को कोर्ट में लाया गया। इस दौरान पत्रकारों को फोटो खींचते देखकर आइएएस समीर विश्नोई ने हाथ से इशारा करते हुए रोकने की कोशिश की। इस दौरान पत्रकारों ने उनसे बातचीत करना चाहा पर वे सीधे कोर्ट रूम की तरफ बढ़ गए।

दो दिन में एक बार मिल सकेंगे अधिवक्ता

न्यायाधीश अजय सिंह राजपूत ने आइएएस समीर विश्नोई, सुनील अग्रवाल और लक्ष्मीकांत तिवारी को आठ दिन की रिमांड पर ईडी को सौंपने के साथ ही तीनों आरोपितों के अधिवक्ताओं को दो दिन में एक बार, एक घंटे तक मुलाकात करने का समय दिया है। दरअसल अधिवक्ता विजय अग्रवाल, फैजल रिजवी ने न्यायाधीश के समक्ष यह मांग रखी थी कि ईडी की पूछताछ में हमें भी बैठने की अनुमति दी जाए, केवल सुनने की क्षमता से नहीं, बल्कि मेरे पक्षकार से पूछताछ के दौरान बोलने की अनुमति भी मिले।

न्यायाधीश ने ईडी को आदेशित है कि अगली सुनवाई में फाइल के पेज व्यवस्थित और अनुसूची के अनुसार दस्तावेजों को व्यवस्थित करके लाएं। आइएएस समीर विश्नोई के बचाव पक्ष से अधिवक्ता एसके फरहान, लक्ष्मीकांत तिवारी की तरफ से फैजल रिजवी और सुनील अग्रवाल की तरफ से दिल्ली से विजय अग्रवाल समेत दो वकील आए थे। ईडी की तरफ से अधिवक्ता विजेंद्र मिश्रा साथ आए थे, जबकि बिलासपुर से अधिवक्ता सौरभ मिश्रा नहीं आ पाए।

Posted By: Ashish Kumar Gupta

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