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: Earthquake Tremors Update: भूकंप से 95 की मौत, 130 घायल: रिक्टर स्केल पर 7.1 तीव्रता, जानिए कहां-कहां दिखा असर ?

Delhi Bihar Earthquake Tremors Update West Bengal Earthquake: चीन के तिब्बत प्रांत में मंगलवार सुबह आए भूकंप में 95 लोगों की मौत हो गई और 130 लोग घायल हो गए। चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक सुबह 9.05 बजे (भारतीय समयानुसार सुबह 6.30 बजे) आए इस भूकंप का केंद्र तिब्बत के शिजांग में जमीन से 10 किलोमीटर नीचे था।

Delhi Bihar Earthquake Tremors Update West Bengal Earthquake: भारत के राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) के मुताबिक रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 7.1 थी। भूकंप का असर भारत के नेपाल, भूटान, सिक्किम और उत्तराखंड में भी देखने को मिला। फिलहाल भारत में जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है। Delhi Bihar Earthquake Tremors Update West Bengal Earthquake: एनसीएस ने बताया कि पहले भूकंप के तुरंत बाद क्षेत्र में दो और भूकंप आए। स्थानीय अधिकारी लगातार स्थिति का जायजा ले रहे हैं, जिससे हताहतों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। प्रभावित क्षेत्र में लेवल-3 आपातकाल घोषित Delhi Bihar Earthquake Tremors Update West Bengal Earthquake: रिपोर्ट के मुताबिक भूकंप के बाद बड़ी संख्या में लोग मलबे में फंसे हुए हैं। Earthquake Tremors Update: उन्हें बचाया जा रहा है। चीन के सीसीटीवी न्यूज के अनुसार, चीन की स्टेट काउंसिल ने भूकंप प्रभावित क्षेत्र में टास्क फोर्स भेजकर लेवल-3 आपातकाल घोषित कर दिया है। Earthquake Tremors Update: Delhi Bihar Earthquake Tremors Update West Bengal Earthquake: चीनी वायुसेना भी प्रभावित क्षेत्र में बचाव कार्य में जुटी हुई है। भूकंप के कारण क्षेत्र का बुनियादी ढांचा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है, जिसके कारण यहां बिजली और पानी दोनों कट गए हैं। Delhi Bihar Earthquake Tremors Update West Bengal Earthquake: लेवल-3 आपातकाल तब घोषित किया जाता है जब दुर्घटना इतनी बड़ी हो कि स्थानीय प्रशासन और राज्य सरकार उससे निपट न सकें। ऐसी स्थिति में केंद्र सरकार अपनी ओर से तत्काल मदद भेजती है। Earthquake Tremors Update: 400 किमी दूर तक महसूस किया गया असर मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, स्थानीय अधिकारी भूकंप से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए क्षेत्र के लोगों से संपर्क कर रहे हैं। झटके इतने तेज थे कि इसका असर 400 किमी दूर नेपाल की राजधानी काठमांडू में भी महसूस किया गया। आज का भूकंप पिछले 5 सालों में 200 किमी के दायरे में दर्ज किया गया सबसे शक्तिशाली भूकंप था। इसका केंद्र उस स्थान पर स्थित है जहां भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेट टकराती हैं। इन प्लेटों के टकराने से हिमालय पर्वत में ऊंची लहरें उठती हैं। भूकंप क्यों आते हैं? हमारी धरती की सतह मुख्य रूप से 7 बड़ी और कई छोटी टेक्टोनिक प्लेटों से बनी है। ये प्लेटें लगातार तैरती रहती हैं और कभी-कभी आपस में टकराती हैं। टकराने की वजह से कभी-कभी प्लेटों के कोने मुड़ जाते हैं और अत्यधिक दबाव की वजह से ये प्लेटें टूटने लगती हैं। ऐसे में नीचे से निकलने वाली ऊर्जा बाहर आने का रास्ता खोज लेती है और इस गड़बड़ी के बाद भूकंप आता है। Read More- Landmines, Tanks, Ruins: The Afghanista Taliban Left Behind in 2001 29 IAS-IPS

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