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: Damoh Triple Murder: झकझोरने वाला खुलासा, गोली मारकर नब्ज टटोला और सिर पत्थर से कुचला, मौत कंफर्म होने पर फरार

News Desk / Tue, Oct 25, 2022


दमोह हत्याकांड में मृतक

दमोह हत्याकांड में मृतक - फोटो : सोशल मीडिया

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दमोह जिले के देवरान गांव में एक ही परिवार के तीन लोगों की हत्या के बाद अब जनजीवन सामान्य है। मंगलवार सुबह गांव के लोगों ने दलित परिवार के तीन लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। दमोह से करीब 15 किलोमीटर दूर स्थित इस देवरान गांव में पुलिसकर्मी तैनात हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हत्याकांड में जान गंवाने वाले व्यक्ति मानकलाल के घर के आसपास उनके रिश्तेदार और परिवार के लोग बैठे हैं। वारदात वाली जगह से कुछ दूरी पर ही चार पुलिसकर्मी तैनात हैं। गांव में अस्थाई पुलिस चौकी भी बना दी गई है। गांव में बड़ा बदलाव यह है कि दीपावली के बाद भी लोग सिर्फ इस हत्याकांड के बारे में ही चर्चा कर रहे हैं। हालांकि, इस हत्याकांड में अभी तक चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

थाने जाने लगे तो अंधाधुंध गोलियां चलाई...
मानकलाल अहिरवार की पत्नी सीता ने बताया, मंगलवार सुबह करीब साढ़े छह बजे आरोपी हमें गाली दे रहे थे। ससुर ने उन्हें समझाया कि विवाद न करें। इस बीच आरोपियों ने धमकी दी कि अब गोलियां चलेंगी। मेरे पति और परिवार के लोगों ने सोचा कि थाने में जाकर शिकायत की जाए। सुबह करीब सात बजे हम घर से निकले, मैं थोड़ी पीछे थी, तभी जगदीश पटेल के परिवार के करीब 17-18 लोग तलवार, लाठी और बंदूक लेकर पहुंचे। इनमें लग्गी, कोदूलाल, घनश्याम और वंदना शामिल थे।

उन्होंने आते ही गोलियां चलानी शुरू कर दी। मेरे पति, देवर महेश, सास और ससुर (राजप्यारी और घमंडी) को गोली लगी। देवर महेश को छोटे देवर ने घर में खींच लिया। पति, सास और ससुर घायल पड़े थे। आरोपियों ने उनका पत्थर सिर कुचल दिया। आरोपियों ने गालियां देकर उसे बच्चों सहित गांव छोड़कर जाने को कहा। उन्होंने तीनों की नब्ज देखकर पुष्टि की थी कि तीनों मर गए, तब वे यहां से भागे। जाते समय आरोपियों ने हमें भी जान से मारने की धमकी दी है। इससे परिवार में दहशत है।

आरोप लगाकर हड़पना चाहते हैं संपत्ति...
सीता अहिरवार ने बताया, मेरे पति पर छेड़खानी का झूठा आरोप लगाते थे। आरोपी चाहते थे कि हम घर छोड़कर भाग जाएं। उनकी नजर हमारी संपत्ति पर है। इसलिए उन्होंने अंधाधुंध गोली चलाकर हत्या की है। मेरे चार बेटे हैं, जो अब अनाथ हो चुके हैं। मैं चाहती हूं कि सरकार एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा दे, मुझे नौकरी दे और आरोपियों का घर बुलडोजर से तोड़ा जाए।

चार महीने से बहू को परेशान कर रहा था मानक...
आरोपी घटना को अंजाम देने के बाद फरार हो गए। चार लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, लेकिन इस परिवार का बुजुर्ग मुखिया नारायण पटेल उसी घर में दो दिन से बिना कुछ खाए पीए सब कुछ ठीक होने का इंतजार कर रहा है।

बुजुर्ग का कहना है, पड़ोसी का बेटा मानक चार महीने से उसकी बहू के साथ छेड़खानी कर रहा था। मंगलवार सुबह भी जब उसकी बहू शौच के लिए गई थी तो मानक ने छेड़खानी की थी। कई बार मना किया, लेकिन वो नहीं माने और फिर उनके बच्चों से विवाद हो गया। मैं उस समय अपने घर में था, मुझे नहीं पता क्या हुआ। फिलहाल, मैं अकेला घर में भूखा प्यासा बैठा हूं।

विस्तार

दमोह जिले के देवरान गांव में एक ही परिवार के तीन लोगों की हत्या के बाद अब जनजीवन सामान्य है। मंगलवार सुबह गांव के लोगों ने दलित परिवार के तीन लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। दमोह से करीब 15 किलोमीटर दूर स्थित इस देवरान गांव में पुलिसकर्मी तैनात हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हत्याकांड में जान गंवाने वाले व्यक्ति मानकलाल के घर के आसपास उनके रिश्तेदार और परिवार के लोग बैठे हैं। वारदात वाली जगह से कुछ दूरी पर ही चार पुलिसकर्मी तैनात हैं। गांव में अस्थाई पुलिस चौकी भी बना दी गई है। गांव में बड़ा बदलाव यह है कि दीपावली के बाद भी लोग सिर्फ इस हत्याकांड के बारे में ही चर्चा कर रहे हैं। हालांकि, इस हत्याकांड में अभी तक चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

थाने जाने लगे तो अंधाधुंध गोलियां चलाई...
मानकलाल अहिरवार की पत्नी सीता ने बताया, मंगलवार सुबह करीब साढ़े छह बजे आरोपी हमें गाली दे रहे थे। ससुर ने उन्हें समझाया कि विवाद न करें। इस बीच आरोपियों ने धमकी दी कि अब गोलियां चलेंगी। मेरे पति और परिवार के लोगों ने सोचा कि थाने में जाकर शिकायत की जाए। सुबह करीब सात बजे हम घर से निकले, मैं थोड़ी पीछे थी, तभी जगदीश पटेल के परिवार के करीब 17-18 लोग तलवार, लाठी और बंदूक लेकर पहुंचे। इनमें लग्गी, कोदूलाल, घनश्याम और वंदना शामिल थे।

उन्होंने आते ही गोलियां चलानी शुरू कर दी। मेरे पति, देवर महेश, सास और ससुर (राजप्यारी और घमंडी) को गोली लगी। देवर महेश को छोटे देवर ने घर में खींच लिया। पति, सास और ससुर घायल पड़े थे। आरोपियों ने उनका पत्थर सिर कुचल दिया। आरोपियों ने गालियां देकर उसे बच्चों सहित गांव छोड़कर जाने को कहा। उन्होंने तीनों की नब्ज देखकर पुष्टि की थी कि तीनों मर गए, तब वे यहां से भागे। जाते समय आरोपियों ने हमें भी जान से मारने की धमकी दी है। इससे परिवार में दहशत है।


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