इस विषय पर शहर के वरिष्ठ आर्किटेक्ट अतुल शेठ कहते हैं कि वर्तमान मास्टर प्लान 2021 में जो पूरा हुआ है, उसमें कई बातें हैं जो शहर के लिए अति आवश्यक मानी गई थी जिसमें शहर की सडक़ें, शहर के लिए पानी, ऊर्जा आदि क्षेत्रों में कई काम हुए हैं। प्रतिशत की दृष्टि से 50 प्रतिशत से ज्यादा नंबर हम दे सकते हैं। मगर बसाहट, आवास, हरित क्षेत्र, यातायात, परिवहन, ड्रेनेज, बरसाती पानी की निकासी, खेलकूद के मैदान आदि कई क्षेत्र, आज भी चुनौती बने हुए हैं। नर्मदा का पानी शहर में तो आया, मगर घर तक नहीं पहुंचा। आज भी 45 प्रतिशत से ज्यादा आबादी, बगैर नर्मदा के पानी के है।
: Indore News: बुनियादी जरूरतों कोपूरा न कर सका इंदौर का पुराना मास्टर प्लान, अब नए की तैयारी शुरू
News Desk / Sun, Feb 5, 2023
वर्तमान मास्टर प्लान के अध्याय 7 में इस बारे में कई बातें हैं जो बहुत स्पष्ट हैं, मगर इस पूरे अध्याय को अनदेखा कर दिया गया। सारे अधिकारी, जनप्रतिनिधि और विशेषज्ञों ने भी नहीं देखा। इसी का परिणाम है कि मास्टर प्लान 2021 एक असफल मास्टर प्लान साबित हुआ। आज जरूरत है कि हमारी गलतियों से, अनुभव से, हमें सीखने की। मुझे लगता है कि शहर के जिम्मेदार अधिकारियों ने, जनप्रतिनिधियों ने और विशेषज्ञों ने बैठकर आकलन करते हुए एक दृष्टि पत्र बनाना चाहिए आगामी 50 वर्षों के लिए इसे शासन को सौंपना चाहिए। जिससे शासन को भी मास्टर प्लान बनाने में सहयोग हो सके, वही मास्टर प्लान बनाने वाले भी शहर की वास्तविक आवश्यकताओं से रूबरू हो सकंे और उससे मुंह मोड़ ना सके।
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