: MP News: रिश्तेदारों ने पाकिस्तानी से करा दी शादी, कश्मीर से आई लड़की ने भोपाल में ली पनाह
News Desk / Mon, Jan 16, 2023
कश्मीरी लड़की ने भोपाल में ली पनाह - फोटो : अमर उजाला
विस्तार
एक कश्मीरी युवती की शादी उसके ही करीबी रिश्तेदारों ने एक पाकिस्तानी से करा दी। वह उस पर दुबई जाने का दबाव बनाने लगा तो वह युवती उधमपुर से भागकर भोपाल आ गई। जम्मू-कस्मीर पुलिस उसे तलाश रही थी। युवती ने गोविंदपुरा थाने की महिला डेस्क पर शिकायत दर्ज कराई और परिवार के साथ जाने को मना कर दिया। वह अब भोपाल में ही रहना चाहती है।
मामला जम्मू-कश्मीर के उधमपुर की 23 वर्षीय युवती की है। उसने बताया कि वह माता-पिता के साथ रहती थी। चचेरी बहन और जीजा ने रोशन नाम के युवक से उसकी आर्य समाज मंदिर में शादी करवा दी। पता चला कि वह पाकिस्तानी हिंदू है तो उसने कोर्ट मैरिज करने के लिए कहा। कोर्ट ने छह दिसंबर को पाकिस्तानी नागरिक होने की वजह से शादी को रजामंदी नहीं दी। साथ ही आर्य समाज मंदिर की शादी को भी निरस्त कर दिया। इसके बाद भी परिजनों ने दबाव बनाया। रोशन उसके साथ मारपीट करने लगा। दुबई चलने के लिए दबाव बनाने लगा।
मारपीट शुरू कर दी
युवती ने बताया कि रोशन का राज खुला तो वह उसे पीटने लगा था। 12 दिसंबर को रोशन दुबई चला गया तो दीदी-जीजा ने परेशान करना शुरू किया। 15 दिसंबर को मौका पाकर वह अपने घर लौट गई। जब दबाव बढ़ा तो उसने भोपाल मेट्रो प्रोजेक्ट में काम कर रहे मनजीत नाम के दोस्त से संपर्क किया और सात जनवरी को भोपाल आ गई। मनजीत भी जम्मू-कश्मीर का है और दोनों साथ में स्कूल में पढ़ते थे।
परिजनों ने गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखाई
युवती ने घर पर एक लेटर छोड़ा था कि वह घर से जा रही है। मेरी शादी जहां हुई है, वहां मैं नहीं रहना चाहती। युवती के परिजनों ने जम्मू-कश्मीर पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने उसे तलाश लिया। मनजीत को भी फोन कर मामले में फंसाने की धमकी मिलने लगी। इस वजह से नौ जनवरी को ऊर्जा महिला हेल्प डेस्क गोविंदपुरा से संपर्क किया और वहां पूरी कहानी सुनाई। यह भी कहा कि वह लौटना नहीं चाहती। अब भोपाल में ही रहना चाहती है।
युवती ने जाने से किया मना
भोपाल में महिला हेल्प डेस्क पर हेड कॉन्स्टेबल सोनिया पटेल और काउंसलर सुषमा संजीव ने युवती की काउंसलिंग की। इसके बाद उधमपुर पुलिस से संपर्क किया गया, तब पुलिस दीदी-जीजा के साथ भोपाल आई। युवती बालिग है, इस वजह से वह मर्जी से रुक सकती है। भोपाल पुलिस ने मदद की तो उधमपुर पुलिस को बेरंग लौटना पड़ा।
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