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कलेक्टर ने आपा खोया, कहा- दो जूते मारूंगा : अधीक्षक को दी ‘जूते मारने’ की धमकी, अधीक्षक बोले- ऐसा अपमान बर्दाश्त नहीं, जानिए क्या है पूरा मामला

मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में कलेक्टर अंशुल गुप्ता का एक वीडियो और व्यवहार चर्चा का विषय बन गया है। बुधवार दोपहर उदयपुर स्थित शासकीय आदिवासी बालक आश्रम के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया।

निरीक्षण के समय आश्रम में एक भी छात्र मौजूद नहीं था। जब कलेक्टर ने इस बारे में छात्रावास अधीक्षक चैन सिंह चिढ़ार से सवाल किया तो उन्होंने बताया कि क्षेत्र में शीतलहर के चलते दो दिन की छुट्टी घोषित की गई थी, इसलिए बच्चे घर चले गए हैं।

जवाब सुनते ही कलेक्टर का फूटा गुस्सा

अधीक्षक का जवाब सुनकर कलेक्टर अंशुल गुप्ता भड़क गए। आरोप है कि उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों के सामने अधीक्षक के साथ अपशब्दों का इस्तेमाल किया और यहां तक कह दिया कि “अभी तुम्हें दो जूते मारूंगा।”

कर्मचारियों में फैली नाराजगी

कलेक्टर के इस व्यवहार से जिले के अन्य सरकारी कर्मचारियों में भी नाराजगी देखने को मिली है। नाम न छापने की शर्त पर कर्मचारियों ने कहा कि कलेक्टर भले ही जिले के सर्वोच्च अधिकारी हों, लेकिन उन्हें मातहत कर्मचारियों से मर्यादित भाषा में बात करनी चाहिए।

“ऐसा अपमान बर्दाश्त नहीं” — अधीक्षक

अपमान से आहत छात्रावास अधीक्षक चैन सिंह चिढ़ार ने मौके पर ही मुख्यमंत्री के नाम शिकायती पत्र लिखा। उन्होंने कहा कि इस तरह की अभद्र भाषा और सार्वजनिक रूप से धमकी देना अपमानजनक है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

मुख्यमंत्री को लिखा गया शिकायती पत्र

अधीक्षक ने अपने पत्र में लिखा कि 7 जनवरी 2026 को निरीक्षण के दौरान जब उन्होंने बच्चों के छुट्टी पर होने की जानकारी दी, तो कलेक्टर ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया और जूते मारने की धमकी दी। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि वे अनुसूचित जाति वर्ग से आते हैं और उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया।

छुट्टी के आदेश को लेकर भ्रम

दरअसल, शीतलहर के चलते विदिशा कलेक्टर ने नर्सरी से पांचवीं कक्षा तक के स्कूलों में 7 और 8 जनवरी की छुट्टी घोषित की थी। हालांकि छात्रावास के लिए अलग से छुट्टी के आदेश जारी नहीं हुए थे। इसके बावजूद अधीक्षक ने बच्चों को घर भेज दिया, जिससे कलेक्टर नाराज हो गए।

अब बढ़ सकता है मामला

अधीक्षक का कहना है कि वे जल्द ही मुख्यमंत्री से मिलकर अपना आवेदन सौंपेंगे और पूरे मामले की शिकायत करेंगे। वहीं इस घटना के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी मामला तूल पकड़ता नजर आ रहा है।

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