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: Mission 2023: BJP ने हारी 103 सीटों पर उम्मीदवारों की तलाश की शुरू, कार्यकर्ताओं को करेंगी एक्टिव

News Desk / Fri, Oct 21, 2022


बीजेपी ने 2023 की रणनीति बनानी शुरू की

बीजेपी ने 2023 की रणनीति बनानी शुरू की - फोटो : अमर उजाला

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मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव में अभी एक साल का समय बचा है। इसके पहले ही बीजेपी और कांग्रेस ने चुनाव जीतने की रणनीति पर काम तेज कर दिया है। बीजेपी का फोकस हारी 103 सीटों पर है। इन सीटों पर पार्टी को मजबूत करने के साथ ही उम्मीदवारों की तलाश भी शुरू कर दी गई है।
 
बीजेपी के अस्थायी कार्यालय में शुक्रवार को बैठक हुई। इसमें प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव और संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा उपस्थित थे। पार्टी ने 2018 में हारी सीटों पर रणनीति बनानी शुरू कर दी है। इसके लिए पार्टी ने वरिष्ठों को जिम्मेदारी दी है। बीजेपी 2023 में 200 सीटें जीतने का लक्ष्य लेकर चल रही है। इसके लिए बीजेपी ने हारी सीटों पर उम्मीदवारों की तलाश भी शुरू कर दी है। इसके लिए क्षेत्र में प्रभावी चेहरे के साथ एक्टिव कार्यकर्ताओं की जानकारी जुटाने के लिए कहा गया है। इसके लिए संबंधित विधानसभा क्षेत्र में कार्यकर्ताओं को भेजा जाएगा। जो संभावित दावेदारों के कमजोर और मजबूत पक्ष की रिपोर्ट तैयार कर संगठन को भेजेंगे। इसके अलावा यह हर सीट पर विधानसभा प्रभारी, बूथ संयोजक और पन्ना प्रभारियों से प्रभारी लोगों और बूथ स्तर पर वोटरों की संख्या की जानकारी जुटाएंगे। इसमें यह भी पता लगाएंगे कि राज्य और केंद्र सरकार की योजना का लाभ कितने लोग ले रहे हैं।
 
कार्यकर्ताओं को एक्टिव करेंगे
बीजेपी ने 103 सीटों को मजबूत करने की रणनीति बनाई है। इसके लिए वरिष्ठ नेता, पूर्व जिला अध्यक्ष, क्षेत्र में प्रभाव रखने वाले नेता, पूर्व संगठन मंत्रियों और विधायकों को एक-एक सीट की जिम्मेदारी सौंपी है। इनका काम कार्यकर्ताओं की नाराजगी दूर करना और संगठन से दूर हुए कार्यकर्ताओं को एक्टिव करना है।
 
 
प्रभारियों को सौंपी जिम्मेदारी
हारी सीटों को बीजेपी ने आकांक्षी नाम दिया है। इनको मजबूत करने के लिए प्रभारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। बीजेपी ने छह पूर्व संगठन मंत्री शैलेंद्र बरुआ, आशुतोष तिवारी, जितेंद्र लिटोरिया, केशव सिंह भदौरिया, पूर्व प्रदेश पदाधिकारी विनोद गोटिया और विधायक राजेंद्र शुक्ला को शामिल किया है।
 
10% वोट बढ़ाने बनाएंगे रणनीति
कांग्रेस से बीजेपी में आए विधायकों की सीटों पर भी नाराज कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को मनाया जाएगा। पार्टी ने प्रभारियों को हर बूथ पर 10 प्रतिशत वोट बढ़ाने को लेकर रणनीति बनाने को कहा है। साथ ही सुझाव भी मांगे हैं।
 
बीजेपी के पास 127, कांग्रेस के पास 96 सीट
प्रदेश की 230 सीटों वाली मध्य प्रदेश विधानसभा में बीजेपी के पास 127, कांग्रेस के पास 96 और अन्य के पास 7 सीटें है। बीजेपी ने हारी 103 सीटों पर चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। बीजेपी कांग्रेस विधायकों की सीटों पर अभी से जनता की नाराजगी का फायदा उठाने में जुट गई है।

विस्तार

मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव में अभी एक साल का समय बचा है। इसके पहले ही बीजेपी और कांग्रेस ने चुनाव जीतने की रणनीति पर काम तेज कर दिया है। बीजेपी का फोकस हारी 103 सीटों पर है। इन सीटों पर पार्टी को मजबूत करने के साथ ही उम्मीदवारों की तलाश भी शुरू कर दी गई है।
 
बीजेपी के अस्थायी कार्यालय में शुक्रवार को बैठक हुई। इसमें प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव और संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा उपस्थित थे। पार्टी ने 2018 में हारी सीटों पर रणनीति बनानी शुरू कर दी है। इसके लिए पार्टी ने वरिष्ठों को जिम्मेदारी दी है। बीजेपी 2023 में 200 सीटें जीतने का लक्ष्य लेकर चल रही है। इसके लिए बीजेपी ने हारी सीटों पर उम्मीदवारों की तलाश भी शुरू कर दी है। इसके लिए क्षेत्र में प्रभावी चेहरे के साथ एक्टिव कार्यकर्ताओं की जानकारी जुटाने के लिए कहा गया है। इसके लिए संबंधित विधानसभा क्षेत्र में कार्यकर्ताओं को भेजा जाएगा। जो संभावित दावेदारों के कमजोर और मजबूत पक्ष की रिपोर्ट तैयार कर संगठन को भेजेंगे। इसके अलावा यह हर सीट पर विधानसभा प्रभारी, बूथ संयोजक और पन्ना प्रभारियों से प्रभारी लोगों और बूथ स्तर पर वोटरों की संख्या की जानकारी जुटाएंगे। इसमें यह भी पता लगाएंगे कि राज्य और केंद्र सरकार की योजना का लाभ कितने लोग ले रहे हैं।
 
कार्यकर्ताओं को एक्टिव करेंगे
बीजेपी ने 103 सीटों को मजबूत करने की रणनीति बनाई है। इसके लिए वरिष्ठ नेता, पूर्व जिला अध्यक्ष, क्षेत्र में प्रभाव रखने वाले नेता, पूर्व संगठन मंत्रियों और विधायकों को एक-एक सीट की जिम्मेदारी सौंपी है। इनका काम कार्यकर्ताओं की नाराजगी दूर करना और संगठन से दूर हुए कार्यकर्ताओं को एक्टिव करना है।
 
 
प्रभारियों को सौंपी जिम्मेदारी
हारी सीटों को बीजेपी ने आकांक्षी नाम दिया है। इनको मजबूत करने के लिए प्रभारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। बीजेपी ने छह पूर्व संगठन मंत्री शैलेंद्र बरुआ, आशुतोष तिवारी, जितेंद्र लिटोरिया, केशव सिंह भदौरिया, पूर्व प्रदेश पदाधिकारी विनोद गोटिया और विधायक राजेंद्र शुक्ला को शामिल किया है।
 
10% वोट बढ़ाने बनाएंगे रणनीति
कांग्रेस से बीजेपी में आए विधायकों की सीटों पर भी नाराज कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को मनाया जाएगा। पार्टी ने प्रभारियों को हर बूथ पर 10 प्रतिशत वोट बढ़ाने को लेकर रणनीति बनाने को कहा है। साथ ही सुझाव भी मांगे हैं।
 
बीजेपी के पास 127, कांग्रेस के पास 96 सीट
प्रदेश की 230 सीटों वाली मध्य प्रदेश विधानसभा में बीजेपी के पास 127, कांग्रेस के पास 96 और अन्य के पास 7 सीटें है। बीजेपी ने हारी 103 सीटों पर चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। बीजेपी कांग्रेस विधायकों की सीटों पर अभी से जनता की नाराजगी का फायदा उठाने में जुट गई है।

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