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MP में वोटर लिस्ट को लेकर बड़ा अपडेट : SIR के बाद 42.74 लाख नाम कटे, 8.40 लाख की मैपिंग नहीं, जानिए लिस्ट में कैसे ढूंढें अपना नाम, कैसे जुड़वाएं

मध्य प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision- SIR) की ड्राफ्ट लिस्ट जारी हो चुकी है। ड्राफ्ट लिस्ट के मुताबिक, मध्य प्रदेश में वोटर लिस्ट से 42.74 लाख नाम हटाए गए हैं। इसके अलावा, 8.40 लाख नाम मैप नहीं किए गए हैं। जिनके नाम हटाए गए हैं, उनमें 19.19 लाख पुरुष और 23.64 लाख महिलाएं हैं।

ड्राफ्ट लिस्ट को इलेक्शन कमीशन की वेबसाइट पर ऑनलाइन देखा जा सकता है। इसे ऑफलाइन देखने के लिए आप अपने बूथ के BLO से कॉन्टैक्ट कर सकते हैं। विधानसभा क्षेत्रों की लिस्ट एक दिन पहले इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) को सौंपी गई थी। वहां से ड्राफ्ट लिस्ट बूथ लेवल पर BLO को बांटी गई।

7 नवंबर को शुरू हुआ यह प्रोसेस लगभग 45 दिनों तक चला, इस दौरान हजारों बूथ लेवल ऑफिसर घर-घर जाकर वोटरों का फिजिकल वेरिफिकेशन करते रहे। जिन लोगों के नाम ड्राफ्ट लिस्ट में नहीं हैं, उन्हें इलेक्शन कमीशन की तरफ से नोटिस के जरिए अपना नाम दोबारा जुड़वाने का मौका दिया जाएगा।

मध्य प्रदेश में अब कुल पोलिंग स्टेशनों की संख्या 71,930 हो गई है। साथ ही, मध्य प्रदेश में पोलिंग स्टेशनों की संख्या लगभग 7,000 बढ़ गई है। राज्य में अब कुल पोलिंग स्टेशनों की संख्या 71,930 हो गई है।

चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार, एक शहरी पोलिंग बूथ पर ज़्यादा से ज़्यादा 1,200 वोटर और एक ग्रामीण पोलिंग बूथ पर ज़्यादा से ज़्यादा 1,000 वोटर होने चाहिए। अगर दावों और आपत्तियों के निपटारे के बाद, नए नाम जुड़ने की वजह से किसी खास बूथ पर वोटरों की संख्या इस लिमिट से ज़्यादा हो जाती है, तो वहां एक सहायक पोलिंग स्टेशन बनाया जाता है।

1. ड्राफ्ट लिस्ट में अपना नाम कैसे चेक करें? लिस्ट जारी होने के बाद अब आप दो आसान तरीकों से अपना नाम जांच सकते हैं।

  • ऑनलाइन: चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट (eci.gov.in) पर जाएं या अपने स्मार्टफोन में Voter Helpline App डाउनलोड करें। ऐप में 'Search in Electoral Roll' (मतदाता सूची में खोजें) विकल्प पर जाकर आप अपना नाम, पिता का नाम या अपनी वोटर आईडी (EPIC) नंबर डालकर स्थिति जांच सकते हैं।

  • ऑफलाइन: यदि आप ऑनलाइन प्रक्रिया में सहज नहीं हैं तो आप अपने क्षेत्र के बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) से संपर्क कर सकते हैं। उनके पास पूरे क्षेत्र की ड्राफ्ट सूची उपलब्ध होगी। इसके अलावा यह सूची आपके तहसील कार्यालय या जिला निर्वाचन कार्यालय में भी निरीक्षण के लिए उपलब्ध रहेगी।

2. मेरा नाम 2003 की लिस्ट में था, पर 2025 की ड्राफ्ट लिस्ट में नहीं है? आपको घबराने की कोई जरूरत नहीं है। ड्राफ्ट लिस्ट अंतिम नहीं होती। यदि आपका नाम पुरानी सूची में था, लेकिन अब नहीं है तो इसका मतलब है कि सत्यापन के दौरान किसी कारण (जैसे पते पर न मिलना, डुप्लीकेसी या तकनीकी गलती) से आपका नाम हटा दिया गया है।

आप अपना नाम दोबारा जुड़वाने के लिए दावा पेश कर सकते हैं। इसके लिए आपको फॉर्म-6 भरना होगा। यह फॉर्म आप ऑनलाइन Voter Helpline App के माध्यम से या ऑफलाइन अपने बीएलओ को जमा कर सकते हैं। 14 फरवरी 2026 तक का समय इसी काम के लिए दिया गया है।

3. ड्राफ्ट लिस्ट जारी होने के बाद बीएलओ (BLO) की क्या भूमिका होगी? अब बीएलओ की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाएगी। वे तीन अहम काम करेंगे-

  • अपने-अपने मतदान केंद्रों पर विशेष कैंप लगाएंगे, जहां लोग आकर मदद ले सकते हैं।

  • नए नाम जोड़ने (फॉर्म-6), नाम हटाने पर आपत्ति (फॉर्म-7) या किसी जानकारी में सुधार (फॉर्म-8) के आवेदन लेंगे।

  • प्राप्त हुए सभी दावों और आपत्तियों का घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन करेंगे और अपनी रिपोर्ट निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) को सौंपेंगे।

4. नाम दोबारा जुड़वाने के लिए कौन-से दस्तावेज लगेंगे? आपको अपनी नागरिकता और जन्मतिथि साबित करने के लिए कुछ दस्तावेज देने होंगे। यह आपके जन्म की तारीख पर निर्भर करता है:

  • यदि आपका जन्म 1 जुलाई 1987 से पहले भारत में हुआ हो: आपको केवल अपनी जन्मतिथि और जन्म स्थान की पुष्टि के लिए कोई एक दस्तावेज देना होगा।

  • यदि आपका जन्म 1 जुलाई 1987 और 2 दिसंबर 2004 के बीच हुआ हो: आपको अपनी जन्मतिथि/स्थान का प्रमाण और साथ ही अपने माता या पिता में से किसी एक की भारतीय नागरिकता का प्रमाण देना होगा।

  • यदि आपका जन्म 2 दिसंबर 2004 के बाद हुआ हो: आपको अपनी जन्मतिथि/स्थान का प्रमाण और साथ ही अपने माता और पिता दोनों की भारतीय नागरिकता का प्रमाण देना होगा।

  • 5. अगर मेरे मोहल्ले के कई लोगों के नाम गलत तरीके से काट दिए गए हैं, तो क्या करें? यदि आपको लगता है कि किसी विशेष क्षेत्र या समुदाय के नाम जानबूझकर या गलती से सामूहिक रूप से काट दिए गए हैं तो आप इसके खिलाफ आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।

    आप फॉर्म-7 भरकर व्यक्तिगत या सामूहिक रूप से आपत्ति दर्ज कर सकते हैं। इसके अलावा आप एक लिखित शिकायत सीधे अपने जिले के जिला निर्वाचन अधिकारी (कलेक्टर) को भी दे सकते हैं। चुनाव आयोग के स्पष्ट निर्देश हैं कि बिना किसी नोटिस या भौतिक सत्यापन के किसी भी जीवित मतदाता का नाम नहीं काटा जा सकता।

    6. एक ही पते पर 100 लोगों का नाम होने जैसी गलतियों का क्या होगा? चुनाव आयोग अब 'लॉजिकल एरर' यानी तार्किक त्रुटियों पर बहुत सख्ती बरत रहा है। यदि एक ही घर के पते पर असामान्य रूप से अधिक संख्या में मतदाता पंजीकृत हैं तो बीएलओ के लिए इसका भौतिक सत्यापन करना अनिवार्य है। यदि सत्यापन में पाया जाता है कि वे लोग वहां नहीं रहते हैं तो उनके नाम हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यदि कोई मतदाता अपना पता बदलवाना चाहता है तो उसे फॉर्म-8 भरकर आवेदन करना होगा।

  • 7. क्या जिन लोगों के नाम हटाए गए हैं, उनकी कोई अलग सूची जारी होगी? जी हां, पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग यह प्रावधान रखता है। जब 21 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी तो उसके साथ एक हटाए गए नामों की सूची भी जारी की जाएगी। इस सूची में उन सभी लोगों के नाम और कारण होते हैं, जिनके नाम हटाए गए हैं। यह सूची मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को भी उपलब्ध कराई जाती है।

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