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: 'भारत जोड़ो न्याय यात्रा' से प्रियंका गांधी नदारद, तो उठे ऐसे सवाल

MP CG Times / Sun, Jan 14, 2024

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नई दिल्ली। आगामी लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए सभी दलों ने कमर कस ली है। इसी कड़ी में राहुल गांधी ने मणिपुर से लेकर मुंबई तक भारत जोड़ो न्याय यात्रा निकालने का फैसला किया है। इस यात्रा में शामिल होने के बाबत सभी नेता मणिपुर पहुंचे, जहां से राहुल ने यात्रा की विधिवत शुरुआत की। अपने संबोधन में राहुल ने मुख्तलिफ मसलों का जिक्र कर केंद्र की मोदी सरकार को आड़े हाथों लिया। जिसमें उन्होंने प्रमुखता से पिछले कई माह से हिंसा की आग में झुलस रहे मणिपुर का जिक्र करके भी केंद्र की मोदी सरकार पर हमला बोला। कांग्रेस नेता ने इस बात पर जोर दिया कि मणिपुर में जो कुछ भी हुआ है, उसकी जिम्मेदार कोई और नहीं, बल्कि मोदी सरकार है।

बता दें कि यह यात्रा मार्च में मुंबई में जाकर विराम लेगी। इससे पहले राहुल ने भारत जोड़ो यात्रा निकाला था, जो कि जम्मू-कश्मीर के लाल चौक पर जाकर खत्म हुई थी, लेकिन आपको बता दें कि कांग्रेस का इस यात्रा का सियासी मोर्चे पर कोई अपेक्षित फायदा नहीं पहुंच पा रहा है, जिसे लेकर समय-समय पर बीजेपी भी तंज कसती रहती है, लेकिन इस बातों से बेखबर राहुल फिलहाल यात्रा निकालने में मशगूल हो चुके हैं। अब ऐसे में उनकी इस यात्रा का आगामी लोकसभा चुनाव पर क्या असर पड़ता है। इस पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी, लेकिन उससे पहले आपको बता दें कि भारत न्याय यात्रा के बीच प्रियंका गांधी को लेकर एक या दो नहीं, बल्कि बेशुमार सवाल उठ रहे हैं। सवाल यात्रा में उनकी गैर-मौजूदगी को लेकर। सवाल उनकी निष्क्रियता को लेकर। सवाल उनके नदारद होने को लेकर।


वहीं, ध्यान देने वाली बात है कि ना ही भारत जोड़ो यात्रा में प्रियंका शामिल हुईं थीं और ना ही वो भारत जोड़ो न्याय यात्रा में वो शामिल हुईं हैं, जिसके बाद से लोगों के जेहन में अनेकों सवाल हैं कि आखिर ऐसा क्यों? हालांकि, भारत जोड़ो यात्रा जब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंची थी, तो प्रियंका ने कमोबेश सक्रियता दिखाई थी। अब ऐसे में आगामी लोकसभा चुनाव से पहले भारत जोड़ो न्याय यात्रा में प्रियंका गांधी की क्या भूमिका रहती है। ये देखने वाली बात होगी।

Priyanka Gandhi

ध्यान दें, प्रियंका कांग्रेस की काबिल नेत्रियों में एक मानी जाती हैं, जो कि मुख्तलिफ मसलों को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर हमलावर रहती हैं। यही नहीं, बीते दिनों कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने तो प्रियंका को राहुल से उम्दा सियासी सूरमा बताते हुए प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बताते हुए उनकी पैरोकारी तक की थी, जिसके बाद देश के राष्ट्रीय चैनलों में यह बहस छिड़ गई थी कि क्या आगामी दिनों में कांग्रेस प्रियंका को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में प्रोजेक्ट कर सकती है, लेकिन आपको बता दें कि हाल ही में हुई इंडिया गठबंधन की बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का नाम प्रधानमंत्री पद के लिए प्रस्तावित किया गया था, जिस पर आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मुहर भी लगाई थी, लेकिन इसके बाद नीतीश कुमार नाराज हो गए थे। हालांकि, उनकी नाराजगी दूर करने के लिए इंडिया गठबंधन की ओर से उन्हें संयोजक पद की जिम्मेदारी देने का फैसला किया गया, लेकिन नीतीश ने यह पद लेने से साफ इनकार कर दिया।


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