Logo
Breaking News Exclusive
किचन में खाना बनाते समय कुल्हाड़ी से काटा, दूसरी पत्नी के साथ अलग रहता था आरोपी पति NEET पेपर लीक पर 36 दिन से डटे है प्रदर्शनकारी; जंतर-मंतर पर पुलिस पर पथराव, लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागे अमरकंटक समेत अनूपपुर के 7 थाना प्रभारी बदले गए, देखें आपके इलाके में कौन बना नया TI घर में झाड़-फूंक कर रहे तांत्रिक की कुल्हाड़ी से हत्या, आरोपी बोला- जादू-टोने से मार दिए मेरे बच्चे गरियाबंद में NH पर कीचड़ में फंसी गाड़ियां, पुलिस जवानों की गाड़ियां भी जाम की लंबी कतार में वन विभाग की बोलेरो और ट्रक में जोरदार भिड़ंत, उड़े परखच्चे, 8 कर्मचारियों की हालत नाजुक नड्डा के आवास पर जाने का न्योता ठुकराया, बोले- 'न्यूट्रल वेन्यू पर ही होगी बात'; दिल्ली में 16 मेट्रो स्टेशन बंद, 10 FIR वृंदावन पहुंचकर संत प्रेमानंद महाराज के किए दर्शन, जानिए 3 साल में 8वीं बार मिलने क्यों आए ? 2 सगे भाइयों ने मौसी की सास को कुल्हाड़ी से काट डाला; बोले- टोने-टोटके से परिवार को मार डाली, बच्चे को बचाने की हत्या 20 लाख के बीमे के लिए ड्राइवर प्रेमी संग मिलकर रची साजिश, करैत सांप के साथ पकड़े गए किचन में खाना बनाते समय कुल्हाड़ी से काटा, दूसरी पत्नी के साथ अलग रहता था आरोपी पति NEET पेपर लीक पर 36 दिन से डटे है प्रदर्शनकारी; जंतर-मंतर पर पुलिस पर पथराव, लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागे अमरकंटक समेत अनूपपुर के 7 थाना प्रभारी बदले गए, देखें आपके इलाके में कौन बना नया TI घर में झाड़-फूंक कर रहे तांत्रिक की कुल्हाड़ी से हत्या, आरोपी बोला- जादू-टोने से मार दिए मेरे बच्चे गरियाबंद में NH पर कीचड़ में फंसी गाड़ियां, पुलिस जवानों की गाड़ियां भी जाम की लंबी कतार में वन विभाग की बोलेरो और ट्रक में जोरदार भिड़ंत, उड़े परखच्चे, 8 कर्मचारियों की हालत नाजुक नड्डा के आवास पर जाने का न्योता ठुकराया, बोले- 'न्यूट्रल वेन्यू पर ही होगी बात'; दिल्ली में 16 मेट्रो स्टेशन बंद, 10 FIR वृंदावन पहुंचकर संत प्रेमानंद महाराज के किए दर्शन, जानिए 3 साल में 8वीं बार मिलने क्यों आए ? 2 सगे भाइयों ने मौसी की सास को कुल्हाड़ी से काट डाला; बोले- टोने-टोटके से परिवार को मार डाली, बच्चे को बचाने की हत्या 20 लाख के बीमे के लिए ड्राइवर प्रेमी संग मिलकर रची साजिश, करैत सांप के साथ पकड़े गए

: '5000 दोगे तभी करूंगा पोस्टमॉर्टम': गरियाबंद में चीरफाड़ करने वाले की 2 साल से पद खाली, बिना पैसे के नहीं होता काम, ये रिवाज कब खत्म करेगा सरकारी सिस्टम ?

गिरीश जगत, गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में चीरफाड़ करने वाले स्वीपर का पद पिछले 2 साल से खाली पड़ा है। ऐसे में ओडिशा के स्वीपर से चीरफाड़ कराना पड़ता है। मृतक के परिजनों को दुःख की घड़ी में मुंहमांगी कीमत चुकानी पड़ती है। एक दिन पहले लापता हुए युवक का शव संदिग्ध अवस्था में मिला, जिसका पोस्टमॉर्टम कराने के लिए स्वीपर को 4 हजार देने पड़े।

दरअसल, ढेपगुड़ा मार्ग पर एक पुल के पास 35 वर्षीय लोकेश्वर नागेश की लाश मिली।पंचनामा की कार्रवाई के बाद देवभोग थाना में मर्ग कायम कर उसे पोस्टमॉर्टम के लिए मर्च्यूरी लाया गया। सुबह मिले शव को 10 बजे तक मर्च्यूरी ले आया गया था, लेकिन पोस्टमॉर्टम के लिए चीरफाड़ करने वाले स्वीपर के इंतजार में शाम 4 बज गए। लाचार पुलिस को ओडिशा से स्वीपर बुलाना पड़ा। मेहनताना तय करता है स्वीपर स्वीपर आते ही पहले अपना मेहनताना तय करता है। इस बार उसने अपनी फीस 5 हजार बताई। मृतक का परिवार गरीब था। उसने इस फीस को देने में अक्षमता जाहिर की तो स्वीपर भी काम के लिए हाथ खड़ा कर दिया। मांगी गई रकम पर हामी भरने के बाद किसी तरह पीएम हुआ। 4 हजार में माना स्वीपर रूपए देने की बारी आई तो पीड़ित परिवार 3500 देने लगे, तो लेने से स्वीकार करने से इनकार करता। अंत में भारी मशक्कत के बाद उसे 4 हजार दिया गया। मृतक के भाई भवर सिंह नागेश ने कहा कि परिजनों से मांग कर जितना एकत्र किए उतना दे रहे थे। बाद में किसी तरह 4 हजार में मान गए। पीएम के बदले पैसे का रिवाज कब खत्म होगा ? मसला एक स्वीपर जैसे छोटे से पद की भर्ती का है, लेकिन यह समस्या क्षेत्र वालों के लिए बहुत बड़ी है। पीएम के बदले पैसे देने की यह मजबूरी तब तक खत्म नहीं हो सकेगी, जब तक जिम्मेदार इस पद की पूर्ति न कर दे। स्वास्थ्य गत बेहतर सुविधाओं के लिए जूझ रहे देवभोग क्षेत्र में स्वीपर जैसे महत्वपूर्ण पद में भर्ती की आवश्यकता है। पुलिस को कराना पड़ता है व्यवस्था सिविल अस्पताल का दर्जा प्राप्त देवभोग अस्पताल में साफ सफाई के लिए दो स्वीपर हैं, लेकिन इनमें से चीर-फाड़ कोई नहीं करता। कोरोना काल में स्वीपर सुभाष सिंदूर की मौत के बाद चीरफाड़ करने वाले स्वीपर का पद पिछले दो साल से रिक्त पड़ा है। मैनपुर अस्पताल में यह स्वीपर है, लेकिन 80 किमी दूर होने के कारण समय पर नहीं आ पाता। कहा जाता है कि आता भी है तो 5 हजार से ज्यादा खर्च देने पड़ते हैं। प्रति माह औसतन 8 या फिर दुर्घटना बढ़ा तो उससे ज्यादा संख्या में पीएम करना होता है। पीएम भले ही डॉक्टर करते हैं, लेकिन यहां चीर फाड़ कराने वाले की व्यवस्था कराना पुलिस का काम हो गया है। कई बार तो स्वीपर का मेहनताना पुलिस के जेब से भरना पड़ता है। स्वीपर ओडिशा के होते है, ऐसे में उनके सारे नखरे पुलिस को चुपचाप झेलना पड़ता है। देवभोग एएसआई हुकुम सिंह ने कहा कि 16 मार्च शाम से घर से लापता युवक का शव केकराजोर मार्ग पर मिला। बाहरी कोई चोंट नहीं थी, पुल से गिरने की वजह से मौत होने की आशंका है। पीएम रिपोर्ट के बाद ही स्थिति का पता चल सकेगा। यहां स्वीपर नहीं होने के कारण हमेशा की तरह ओडिशा से स्वीपर बुलाया गया था। वहीं देवभोग बीएमओ सुनील रेड्डी ने कहा कि दो साल से चीरफाड़ करने वाले स्वीपर का पद रिक्त है। हर बार मांग पत्र में यह जानकारी उच्च कार्यालय भेजी जाती है, लेकिन अब तक नहीं भरा गया। Read more- Landmines, Tanks, Ruins: The Afghanistan Taliban Left Behind in 2001 29 IAS-IPS

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन