Logo
Breaking News Exclusive
तेल नदी पर 7 करोड़ का एनीकट बनेगा, जानिए CM विष्णुदेव के गरियाबंद दौरे की कहानी ? पानी के बीच में लिप-टू-लिप KISS किया, अर्धनग्न होकर एक-दूसरे से चिपककर नहाए 1 करोड़ 50 लाख के गांजे की डिलीवरी, कौन चला रहा करोड़ों का सिंडिकेट; जानिए कौन है पुष्पराजगढ़ का गांजा तस्कर ? RBI की मॉनेटरी पॉलिसी के फैसलों का ऐलान आज, जानिए रेपो रेट कितना रखने का अनुमान ? 5 जून को सोने-चांदी के रेट कितने बदले, जानिए आज के लेटेस्ट 24K, 22K,18K का भाव ? ETF में नहीं लगा सकेंगे मनचाहा पैसा, जानिए किसने तय कर दी लिमिट ? नौकरी जाने से पहले तैयार कर लें ये बैकअप, मुसीबत से पहले जान लीजिए प्लान ? पत्नी मायके से नहीं आ रही थी, मासूम को जबरन साथ लाया; बोला था- अगर नहीं आई तो इसे मार डालूंगा 3.5 क्विंटल गांजे के साथ पकड़ाया पुराना 'फरार' आरोपी; तस्कर से 'यारी' या काम में लापरवाही? टाटा मोटर्स और फॉक्सकॉन जैसी कंपनियां देंगी नौकरियां; 500 पदों पर होगी सीधी भर्ती, जानिए कौन है पात्र तेल नदी पर 7 करोड़ का एनीकट बनेगा, जानिए CM विष्णुदेव के गरियाबंद दौरे की कहानी ? पानी के बीच में लिप-टू-लिप KISS किया, अर्धनग्न होकर एक-दूसरे से चिपककर नहाए 1 करोड़ 50 लाख के गांजे की डिलीवरी, कौन चला रहा करोड़ों का सिंडिकेट; जानिए कौन है पुष्पराजगढ़ का गांजा तस्कर ? RBI की मॉनेटरी पॉलिसी के फैसलों का ऐलान आज, जानिए रेपो रेट कितना रखने का अनुमान ? 5 जून को सोने-चांदी के रेट कितने बदले, जानिए आज के लेटेस्ट 24K, 22K,18K का भाव ? ETF में नहीं लगा सकेंगे मनचाहा पैसा, जानिए किसने तय कर दी लिमिट ? नौकरी जाने से पहले तैयार कर लें ये बैकअप, मुसीबत से पहले जान लीजिए प्लान ? पत्नी मायके से नहीं आ रही थी, मासूम को जबरन साथ लाया; बोला था- अगर नहीं आई तो इसे मार डालूंगा 3.5 क्विंटल गांजे के साथ पकड़ाया पुराना 'फरार' आरोपी; तस्कर से 'यारी' या काम में लापरवाही? टाटा मोटर्स और फॉक्सकॉन जैसी कंपनियां देंगी नौकरियां; 500 पदों पर होगी सीधी भर्ती, जानिए कौन है पात्र

: इस मेडिकल कॉलेज के 6 HOD समेत 9 डॉक्टरों का इस्तीफा: निजी प्रैक्टिस पर रोक से नाराज, कहा- वेतन में भी 20% की कटौती की गई

6 HODs of Chandulal Chandrakar Medical College Durg resigned: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में स्थित चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज के 9 डॉक्टरों ने इस्तीफा दे दिया है। इन डॉक्टरों ने निजी प्रैक्टिस पर रोक के विरोध में इस्तीफा दिया है। इस्तीफा देने वाले सभी वरिष्ठ डॉक्टर हैं। इनमें 3 वरिष्ठ रेजिडेंट डॉक्टर भी शामिल हैं। डॉक्टरों के मुताबिक रोक के साथ ही वेतन में 20 फीसदी की कटौती भी की गई है। राज्य सरकार ने सरकारी डॉक्टरों के निजी अस्पतालों में प्रैक्टिस करने पर रोक लगा दी है। इसके विरोध में कचांदुर भिलाई स्थित चंदूलाल चंद्राकर शासकीय मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर भी हैं। सूत्रों के मुताबिक इस्तीफा देने वाले डॉक्टरों में मेडिसिन, सर्जरी, शिशु रोग, स्त्री रोग, एनेस्थीसिया और रेडियोलॉजी जैसे विभागों के प्रमुख भी शामिल हैं। इन डॉक्टरों ने दिया इस्तीफा
  • डॉ. रूपेश कुमार अग्रवाल, एचओडी पीडियाट्रिक्स
  • डॉ. नवील शर्मा, एचओडी सर्जरी
  • डॉ. नरेश देशमुख, एपी एनेस्थीसिया
  • डॉ. कौशल एचओडी एनेस्थीसिया
  • डॉ. समीर कथारे, एचओडी रेडियो डायग्नोसिस
  • डॉ. अंजना, एचओडी ऑब्स गायनी
  • डॉ. करण चंद्राकर, एसोसिएट प्रोफेसर पैथोलॉजी
  • डॉ. सिंघल एचओडी मेडिसिन
  • डॉ. मिथलेश कुमार यदु, एसआर पीडिया
  • स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी किया आदेश
  • स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी किया आदेश
राज्य सरकार ने 2 अगस्त को जारी किया था आदेश छत्तीसगढ़ सरकार के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग मंत्रालय ने 2 अगस्त 2024 को एक आदेश जारी किया था। विशेष सचिव चंदन कुमार की ओर से जारी इस आदेश में साफ लिखा था कि सरकारी मेडिकल कॉलेज या अस्पताल में सेवा दे रहे सभी डॉक्टर अब निजी या अन्य अस्पतालों में प्रैक्टिस नहीं कर सकेंगे। अधिक ब्याज का लालच देकर डॉक्टर ने की 200 करोड़ की ठगी: छत्तीसगढ़ में रिटायर्ड अफसरों-कर्मचारियों, व्यापारियों-डॉक्टरों को बनाया निशाना, BSR में कराया इन्वेस्ट

डॉक्टरों ने इन परेशानियों का जिक्र किया-

  1. छत्तीसगढ़ में कुछ ही सालों में कई मेडिकल कॉलेज खुलने से डॉक्टरों की कमी हुई, सरकार ने प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टरों को सरकारी नौकरी के लिए बुलाया।
  2. डॉक्टरों को संविदा में नियुक्त दी गई, जिसके तहत उनके साथ केवल 1 साल का एग्रीमेंट किया गया। साथ ही अवधि खत्म होने के बाद नौकरी बची रहने का कोई आश्वासन भी नहीं दिया गया।
  3. नियम में यह है कि यदि कोई नियमित डॉक्टर आ जाए तो संविदा कर्मी को तुरंत बर्खास्त कर दिया जाएगा।
  4. इस वजह से संविदा डॉक्टर प्राइवेट प्रैक्टिस बंद नहीं करना चाहते क्योंकि उन्हें नौकरी का कोई आश्वासन नहीं है।
  5. प्राइवेट प्रैक्टिस के नाम पर सरकार के 20 प्रतिशत तनख्वाह पहले ही काट ली है, और उसके बाद भी प्राइवेट अस्पतालों को पंजीयन रद्द करने की धमकी दी जा रही है।
  6. प्राइवेट अस्पतालों में तनख्वाह सरकारी के तुलना में 2 से 3 गुना ज्यादा है।
  7. सरकारी अस्पतालों में कोई सुविधा नहीं है। वहां ऑपरेशन थिएटर, ओपीडी, प्रोसिजर रूम में उपकरणों की के बाद भी उन्हें काम करना पड़ता है।
  8. सरकारी अफसरशाही के सामने संविदा डॉक्टरों की एक नहीं सुनी जाती है।
  9. विभिन्न क्षेत्रों के सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टर शहर में 1 या 2 ही हैं, वो ही घूम-घूम के सभी जगह अपनी सेवा प्रदान करते हैं, उन्हें 1 जगह बांध दिया जाएगा तो बाकी सभी क्षेत्रों में परेशानी हो जाएगी।
  10. NPA काटने के बाद भी डॉक्टरों को प्राइवेट अस्पतालों में प्रैक्टिस नहीं करने दिया जाता है।
Read More- Landmines, Tanks, Ruins: The Afghanista Taliban Left Behind in 2001 29 IAS-IPS

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन