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: Chhattisgarh: दशगात्र में भोजन के बाद 66 की बिगड़ी तबीयत, 30 महिलाओं सहित 40 अस्पताल में भर्ती

News Desk / Sun, Dec 25, 2022


फूड प्वाइजनिंग का शिकार महिलाएं व बच्चे अस्पताल में भर्ती किए गए हैं।

फूड प्वाइजनिंग का शिकार महिलाएं व बच्चे अस्पताल में भर्ती किए गए हैं। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

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छत्तीसगढ़ के सूरजपुर में दशगात्र कार्यक्रम में भोजन के बाद 66 लोगों की तबीयत बिगड़ गई। लोगो को उल्टी और दस्त शुरू हो गए। इनमें ज्यादातर महिलाएं और बच्चे थे। इसके बाद हड़कंप मच गया। आनन-फानन में स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी गई। गांव में ही कैंप लगाकर ग्रामीणों का उपचार शुरू हुआ। हालांकि हालत ज्यादा बिगड़ने पर 30 महिलाओं सहित 40 लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 

सौ से ज्यादा लोगों ने किया था भोजन
दरअसल, पूरा मामला रामानुजनगर विकासखंड के बिशुनपुर गांव का है। गांव में रविवार को दशगात्र कार्यक्रम था। इसमें करीब सौ लोग भोजन करने पहुंचे। खाना खाने के बाद लोगों को उल्टी और दस्त भी शुरू हो गया। इसके बाद जानकारी रामानुजनगर बीएमओ को दी गई। बीएमओ आरके विश्वकर्मा सहित डॉक्टर मौके पर पहुंचे और कैंप लगाकर इलाज शुरू किया गया। जिनकी हालत खराब थी उन्हें जिला अस्पताल भेजा गया।

कैंप में इलाज से 26 लोग हुए ठीक
बीएमओ डा. आरके विश्वकर्मा ने बताया कि 66 लोग बीमार हुए थे। गांव में कैंप लगाकर इलाज से 26 लोग ठीक हो गए। जिला अस्पताल में दाखिल कराए गए 40 पीड़ितों में 30 महिलाएं और बच्चे हैं। अस्पताल में भर्ती रीता व मानमती ने बताया कि खाना खाने के करीब आधे से एक घंटे बाद ही सभी लोगों को उल्टी व दस्त होने लगा। कुछ देर में ही बच्चों एवं महिलाओं की हालत ज्यादा खराब होने पर सभी को जिला अस्पताल भेजा गया। 

विस्तार

छत्तीसगढ़ के सूरजपुर में दशगात्र कार्यक्रम में भोजन के बाद 66 लोगों की तबीयत बिगड़ गई। लोगो को उल्टी और दस्त शुरू हो गए। इनमें ज्यादातर महिलाएं और बच्चे थे। इसके बाद हड़कंप मच गया। आनन-फानन में स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी गई। गांव में ही कैंप लगाकर ग्रामीणों का उपचार शुरू हुआ। हालांकि हालत ज्यादा बिगड़ने पर 30 महिलाओं सहित 40 लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 

सौ से ज्यादा लोगों ने किया था भोजन
दरअसल, पूरा मामला रामानुजनगर विकासखंड के बिशुनपुर गांव का है। गांव में रविवार को दशगात्र कार्यक्रम था। इसमें करीब सौ लोग भोजन करने पहुंचे। खाना खाने के बाद लोगों को उल्टी और दस्त भी शुरू हो गया। इसके बाद जानकारी रामानुजनगर बीएमओ को दी गई। बीएमओ आरके विश्वकर्मा सहित डॉक्टर मौके पर पहुंचे और कैंप लगाकर इलाज शुरू किया गया। जिनकी हालत खराब थी उन्हें जिला अस्पताल भेजा गया।

कैंप में इलाज से 26 लोग हुए ठीक
बीएमओ डा. आरके विश्वकर्मा ने बताया कि 66 लोग बीमार हुए थे। गांव में कैंप लगाकर इलाज से 26 लोग ठीक हो गए। जिला अस्पताल में दाखिल कराए गए 40 पीड़ितों में 30 महिलाएं और बच्चे हैं। अस्पताल में भर्ती रीता व मानमती ने बताया कि खाना खाने के करीब आधे से एक घंटे बाद ही सभी लोगों को उल्टी व दस्त होने लगा। कुछ देर में ही बच्चों एवं महिलाओं की हालत ज्यादा खराब होने पर सभी को जिला अस्पताल भेजा गया। 


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