Logo
Breaking News Exclusive
डॉक्टर ने पत्नी को जिंदा जलाकर मार डाला, 2-2 लाख में किराए के किलर भी बुलाए गरियाबंद में सिविक एक्शन, ओड-अममौरा में स्वास्थ्य जांच, बांटी गई दवाइयां-रोजमर्रा के उपयोग की सामग्रियां मध्य प्रदेश के कई शहरों में पेट्रोल-डीजल की किल्लत, Petrol Pump पर लंबी कतारें, कई जगह स्टॉक खत्म 1 एकड़ में 2 करोड़ की अफीम मिली, तरबूज-ककड़ी बताकर खेती, दोस्तों संग मिलकर कारोबार किया सरकारी आवासों पर अवैध कब्जे का जाल, ट्रांसफर के बावजूद नहीं छोड़ रहे घर, जानिए कौन हैं ये रसूखदार ? धान के कटोरे में 'मौत' की खेती, BJP नेता से लेकर मास्टर माइंड तक, पढ़िए अफीम नेटवर्क की सीक्रेट कहानी ! पत्नी से SEX करना चाह रहा था पति, आधीरात जाग गए ससुराल वाले, एक ही कमरे में सो रहे थे, पढ़िए मर्डर मिस्ट्री इनमें BJP के सबसे ज्यादा MP; 31 माननीय अरबपति, 40% CM पर क्राइम केसेस, जानिए कौन सबसे अमीर ? Anuppur में 2500KM दूर पार्सल से भेजते थे ATM, रोजाना लाखों का ट्रांजैक्शन, जानिए कैसे ऑपरेट होता था नेटवर्क ? Anuppur में खूनी सड़क हुई लाल, 2 लोगों की मौत, 2 गंभीर घायल, जानिए कैसे हुआ हादसा ? डॉक्टर ने पत्नी को जिंदा जलाकर मार डाला, 2-2 लाख में किराए के किलर भी बुलाए गरियाबंद में सिविक एक्शन, ओड-अममौरा में स्वास्थ्य जांच, बांटी गई दवाइयां-रोजमर्रा के उपयोग की सामग्रियां मध्य प्रदेश के कई शहरों में पेट्रोल-डीजल की किल्लत, Petrol Pump पर लंबी कतारें, कई जगह स्टॉक खत्म 1 एकड़ में 2 करोड़ की अफीम मिली, तरबूज-ककड़ी बताकर खेती, दोस्तों संग मिलकर कारोबार किया सरकारी आवासों पर अवैध कब्जे का जाल, ट्रांसफर के बावजूद नहीं छोड़ रहे घर, जानिए कौन हैं ये रसूखदार ? धान के कटोरे में 'मौत' की खेती, BJP नेता से लेकर मास्टर माइंड तक, पढ़िए अफीम नेटवर्क की सीक्रेट कहानी ! पत्नी से SEX करना चाह रहा था पति, आधीरात जाग गए ससुराल वाले, एक ही कमरे में सो रहे थे, पढ़िए मर्डर मिस्ट्री इनमें BJP के सबसे ज्यादा MP; 31 माननीय अरबपति, 40% CM पर क्राइम केसेस, जानिए कौन सबसे अमीर ? Anuppur में 2500KM दूर पार्सल से भेजते थे ATM, रोजाना लाखों का ट्रांजैक्शन, जानिए कैसे ऑपरेट होता था नेटवर्क ? Anuppur में खूनी सड़क हुई लाल, 2 लोगों की मौत, 2 गंभीर घायल, जानिए कैसे हुआ हादसा ?

: आबादी के हिसाब में आरक्षण की तैयारी, छत्तीसगढ़ में 81% कोटा दे सकती है कांग्रेस सरकार

News Desk / Sun, Nov 20, 2022


रायपुर: छत्तीसगढ़ में एक दिसंबर से विधानसभा के दो दिवसीय सत्र की शुरुआत हो रही है। कांग्रेस की सरकार एसटी-एससी और अन्य श्रेणी के लोगों को नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण (Chhattisgarh reservation policy) देने के लिए कानून बनाने की योजना बनाई है। हाल ही में हाईकोर्ट के फैसले से उत्पन्न गतिरोध को हल करने के लिए विशेष सत्र बुलाया गया है। सरकार 2012 में आरक्षण 58 फीसदी तक ले जाने का फैसला किया था। इस पर कोर्ट ने कहा था कि 50 फीसदी से अधिक आरक्षण नहीं दे सकते हैं, यह असंवैधानिक है। वहीं, अगर सरकार अपनी आनुपातिक-कोटा योजना के साथ चलती है तो वह छत्तीसगढ़ में 81 फीसदी तक आरक्षण दे सकती है। संभवत: यह देश में सबसे ज्यादा होगा।


ऐसे में संकेत हैं कि भूपेश बघेल सरकार एसटी के लिए 32 फीसदी, एससी के लिए 12 फीसदी और ओबीसी के लिए 27 फीसदी आरक्षण पर विचार कर रही है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए 10 फीसदी कोटा के साथ, यह आरक्षण को 81 फीसदी तक ले जाएगा। 2012 के आदेश में आदिवासियों को लिए 32 फीसदी, अनूसूचित जाति के लिए 12 फीसदी और अन्य पिछड़े वर्गों के लिए 14 फीसदी आरक्षण दिया गया था। एचसी के फैसले के बाद आदिवासियों के लिए कोटा 20 फीसदी है, एससी कोटा 16 फीसदी हो गया है और ओबीसी आरक्षण वही है जो अविभाजित मध्यप्रदेश में था।

वहीं, सीएम भूपेश बघेल ने बार-बार कहा है कि उनकी सरकार कुल जनसंख्या में विभिन्न श्रेणियों के अनुपात के आधार पर आरक्षण सुनिश्चित करने के लिए दृढ़ है। विधेयक पेश करने के अलावा, कांग्रेस सरकार एक प्रस्ताव भी ला सकती है, जिसमें केंद्र से छत्तीसगढ़ के आरक्षण को संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल करने का आग्रह किया जा सकता है, जिसमें केंद्रीय और राज्य कानून शामिल हैं, जिन्हें अदालत में चुनौती नहीं दी जा सकती है।

वहीं, जब अनुसूचित जनजातियों के आरक्षण को 32 फीसदी पर बहाल करने की बात आती है तो सत्तारूढ़ कांग्रेस, विपक्षी बीजेपी और अन्य राजनीतिक दल एक ही जगह नजर आते हैं। कांग्रेस सरकार 24 नवंबर को होने वाली कैबिनेट की बैठक में संशोधन विधेयकों के मसौदे को अंतिम रूप दे सकती है।

कांग्रेस सरकार यह कदम ऐसे समय में उठाने जा रही है, जब आदिवासी समुदाय प्रदेश में 32 फीसदी आरक्षण की मांग कर रहे हैं। वहीं, विधानसभा चुनाव में एक साल का वक्त बचा है। ऐसे में सरकार कोई मुसीबत मोल नहीं लेना चाहती है। राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक अपील दायर की है और इस मुद्दे को हर करने के अपने विकल्पों पर विचार कर रही है।

इसे भी पढ़ें
भानुप्रतापपुर उपचुनाव: कांग्रेस-बीजेपी के फेवर में हैं ये बातें, जानें आदिवासी आरक्षण के मुद्दे से किसे होगा नुकसान


Source link

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन