Logo
Breaking News Exclusive
धान के कटोरे में 'मौत' की खेती, BJP नेता से लेकर मास्टर माइंड तक, पढ़िए अफीम नेटवर्क की सीक्रेट कहानी ! पत्नी से SEX करना चाह रहा था पति, आधीरात जाग गए ससुराल वाले, एक ही कमरे में सो रहे थे, पढ़िए मर्डर मिस्ट्री इनमें BJP के सबसे ज्यादा MP; 31 माननीय अरबपति, 40% CM पर क्राइम केसेस, जानिए कौन सबसे अमीर ? Anuppur में 2500KM दूर पार्सल से भेजते थे ATM, रोजाना लाखों का ट्रांजैक्शन, जानिए कैसे ऑपरेट होता था नेटवर्क ? Anuppur में खूनी सड़क हुई लाल, 2 लोगों की मौत, 2 गंभीर घायल, जानिए कैसे हुआ हादसा ? स्कूल में दी गई घटिया रोटियां, सोशल मीडिया के जरिए बच्चों की गुहार गुड़ी पड़वा, Eid और Ram Navami पर क्या छुट्टी है, शेयर बाजार खुला रहेगा या बंद? विदेशी आग ने मचाई तबाही, जानिए क्यों झुलसा शेयर बाजार ? गुस्साए ग्रामीणों ने बनाया बंधक, 500 पैकेट सरकारी खाद बारिश में भीगी स्ट्रोक पीड़ित को 17KM खटिया से ढोकर लाया गया, एंबुलेंस नहीं पहुंची, BMO 15 घंटे से बेखबर धान के कटोरे में 'मौत' की खेती, BJP नेता से लेकर मास्टर माइंड तक, पढ़िए अफीम नेटवर्क की सीक्रेट कहानी ! पत्नी से SEX करना चाह रहा था पति, आधीरात जाग गए ससुराल वाले, एक ही कमरे में सो रहे थे, पढ़िए मर्डर मिस्ट्री इनमें BJP के सबसे ज्यादा MP; 31 माननीय अरबपति, 40% CM पर क्राइम केसेस, जानिए कौन सबसे अमीर ? Anuppur में 2500KM दूर पार्सल से भेजते थे ATM, रोजाना लाखों का ट्रांजैक्शन, जानिए कैसे ऑपरेट होता था नेटवर्क ? Anuppur में खूनी सड़क हुई लाल, 2 लोगों की मौत, 2 गंभीर घायल, जानिए कैसे हुआ हादसा ? स्कूल में दी गई घटिया रोटियां, सोशल मीडिया के जरिए बच्चों की गुहार गुड़ी पड़वा, Eid और Ram Navami पर क्या छुट्टी है, शेयर बाजार खुला रहेगा या बंद? विदेशी आग ने मचाई तबाही, जानिए क्यों झुलसा शेयर बाजार ? गुस्साए ग्रामीणों ने बनाया बंधक, 500 पैकेट सरकारी खाद बारिश में भीगी स्ट्रोक पीड़ित को 17KM खटिया से ढोकर लाया गया, एंबुलेंस नहीं पहुंची, BMO 15 घंटे से बेखबर

: रक्षाबंधन स्पेशल- मुंहबोली बहन को शौचालय किया गिफ्ट: अमिताभ बच्चन भी गांव को दे चुके हैं 20 लाख, पढ़िए भाई-बहन के रिश्ते की कहानी

Chhattisgarh Bilaspur Manzoor Pahari village Rakshabandhan Gifted toilet to step sister: मंजूर पहरी गांव भाई-बहन के रिश्ते के लिए जाना जाता है। नाम ऐसा है कि अमिताभ बच्चन ने खुद गांव के लिए 20 लाख रुपए भेजे थे। और तो और, गांव के सरपंच भाई को जिला पंचायत ने भाई नंबर 1 का खिताब दिया है। ऐसा इसलिए क्योंकि गांव के ही एक भाई ने अपनी गोद ली हुई दिव्यांग बहन की पढ़ाई-लिखाई, ट्राईसाइकिल और शौचालय का इंतजाम किया। मंजूर पहरी गांव बिलासपुर जिले के सीपत के पास है। यहां की 22 वर्षीय आरती यादव को हर कोई जानता है। आरती बचपन से ही इसी गांव के श्रीराम नेताम को राखी बांधती आ रही है। हालांकि वह उसका सगा भाई नहीं है। श्रीराम बचपन से ही आरती की दिव्यांगता को देखते आ रहे हैं और उसकी कई तरह से मदद कर रहे हैं। रक्षाबंधन पर बहनों को ‘शहर की सरकार’ का तोहफा: राजधानी में आज बसों में फ्री यात्रा, मंत्री और महापौर ने बहनों को खिलाई मिठाई खुद घसीटकर स्कूल जाती थी आरती बताती है कि वह गांव के स्कूल में पढ़ती थी। उसे आने-जाने में काफी परेशानी होती थी। तब भी श्रीराम नेताम भैया आते थे और यथासंभव मदद करते थे। लेकिन उसे खुद घसीटकर चलना पड़ता था। तब भैया कहते थे कि एक दिन मैं तुम्हारे लिए कार खरीदूंगा। डेढ़-दो साल पहले भैया ने मेरा फॉर्म भरा और सरकार से मदद मिली, जिससे मुझे ट्राइसाइकिल मिल गई। अब मुझे घसीटकर नहीं जाना पड़ता। बाल्टी मुंह में दबाकर शौचालय जाना पड़ता था आरती की हालत ऐसी थी कि जब उसे शौचालय जाना होता था तो पानी की बाल्टी मुंह में दबाकर ले जाना पड़ता था। हालत ऐसी थी कि कई बार पानी गिर जाता था। अम्मा को भी घर से छाता लेकर जाना पड़ता था। ऐसा लगता था जैसे मैं बोझ हूं। भैया इस परेशानी को समझते थे। जब राष्ट्रीय स्वच्छता मिशन शुरू हुआ तो भैया ने इसमें हिस्सा लिया और सरकारी मदद से मेरे घर में शौचालय बनवाया। इसका नतीजा यह हुआ कि श्रीराम नेताम भैया को जिला पंचायत ने भाई नंबर वन की उपाधि दी। छत्तीसगढ़ में 8 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट: रक्षाबंधन पर जोरदार बरसेंगे बदरा, जानिए किस-किस जिले में बरसात ? भाई नंबर वन ने कहा- मुझे अपनी बहन की रक्षा करनी थी, उसे सम्मान भी देना था इस बारे में श्रीराम नेताम कहते हैं कि मैं बचपन से आरती को देखता आ रहा हूं। वह बहुत स्वाभिमानी लड़की है। वह मदद नहीं लेना चाहती। जब भी मुझे उसे कुछ उपहार देना होता तो मैं राखी के बहाने दे देता। रक्षाबंधन पर वह मना नहीं कर पाती। मैं पढ़ाई के लिए किताबें, कॉपी, ट्यूशन जैसी चीजों के लिए दूसरों से मदद लेता। आरती के नाम पर कभी किसी ने मना नहीं किया। गांव का हर व्यक्ति उसके साथ था। उसे अपनी बहन मानता था। जब अमिताभ बच्चन ने भाई-बहन से मुलाकात की स्वच्छता मिशन में पुरस्कार मिलने के बाद ये दोनों भाई-बहन गांव में काफी लोकप्रिय हो गए। इतना कि इनकी ख्याति अमिताभ बच्चन तक पहुंच गई। अमिताभ बच्चन दोनों से मिलना चाहते थे। जब सरकार को इस बारे में पता चला तो सरकार ने दोनों को भेजने का इंतजाम किया। दोनों से मिलने के बाद अमिताभ इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने गांव के लिए 20 लाख रुपये भी दिए। आरती को पढ़ाई के लिए किया प्रोत्साहित श्रीराम कहते हैं कि आरती ने दसवीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी लेकिन मैंने हमेशा उसे प्राइवेट परीक्षा देने के लिए प्रोत्साहित किया। मैं चाहता हूं कि वह आगे पढ़े। हालांकि उसके लिए दिव्यांग पेंशन की व्यवस्था की गई है लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। उसे आगे बढ़ने और पढ़ाई करने के लिए जो भी मदद चाहिए, हम देंगे। फिलहाल मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत उसके लिए मकान बनवाने का प्रयास किया जा रहा है। Read more- Landmines, Tanks, Ruins: The Afghanista Taliban Left Behind in 2001 29 IAS-IPS

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन