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: Korba: कांग्रेस विधायक के साथ ग्रामीणों की SECL खदान में तालाबंदी, मोहित केरकेट्टा बोले- अब नहीं सहेंगे

News Desk / Tue, Nov 22, 2022


कोरबा में एसईसीएल की रानी अटारी खदान में ग्रामीणों ने तालाबंदी कर किया प्रदर्शन।

कोरबा में एसईसीएल की रानी अटारी खदान में ग्रामीणों ने तालाबंदी कर किया प्रदर्शन। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

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छत्तीसगढ़ के कोरबा में संचालित SECL की रानी अटारी विजय वेस्ट माइंस को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा एक बार फिर से फूट पड़ा। सैकड़ों की संख्या में बुधवार को ग्रामीण माइंस के बाहर पहुंच गए और विरोध करने लगे। इस दौरान कांग्रेस से पाली तनखार के विधायक मोहित केरकेट्टा ने भी ग्रामीणों का समर्थन कर दिया और मौके पर पहुंच माइंस में तालाबंदी कर दी। उन्होंने कहा कि, बहुत हुआ, अब नहीं सहेंगे। 

दरअसल, SECL की चिरमिरी क्षेत्र में रानी अटारी विजय वेस्ट भूमिगत खदान संचालित है। यहां से कोयला लोडिंग कर बीजाडांड, तनेरा, सरमा, कोरबी होते हुए परिवहन किया जाता है। रानी अटारी, आसपास के पंडो जनजाति व ग्रामीणों ने बुधवार को खदान का घेराव कर दिया और धरने पर बैठ गए। विधायक मोहितराम केरकेट्टा के नेतृत्व में खदान पहुंचे ग्रामीणों ने वहां जमकर नारेबाजी की और फिर तालाबंदी कर दी। 

ग्रामीणों का कहना है कि इसके चलते मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए हैं और उनके घर के किचन तक में धूल भरी हुई है। इसके चलते वे बीमार हो रहे हैं। सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। पिछली बार सड़क 20 साल पहले बनी थी। पूरी तरह से उसका नामोनिशान मिट चुका है। आरोप लगाया कि SECL प्रबंधन सिर्फ खानापूर्ति करते हुए बड़े-बड़े बोल्डर डालकर मिट्टी भर देता है। भारी वाहन चलने से रोड की धूल घर के बर्तनों तक में जमा हो गई है। 

विधायक मोहित केरकेट्टा ने कहा कि यहां के ग्रामीणों के साथ विजय वेस्ट प्रबंधन अपनी वादा खिलाफी के साथ अन्याय कर रहा है। प्रभावित ग्रामीणों के रोजगार के भुगतान में कमीशनखोरी कर यहां के दलाल उन्हें कम भुगतान कर रहे है। उन्होंने कहा कि CSR मद से SECL प्रबंधन ने कितने रुपये 20 सालों में कलेक्टर को क्षेत्र के विकास के लिए दिए हैं, बता दें। जर्जर सड़कों पर एक पैसा भी खर्च नहीं किया गया। 

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छत्तीसगढ़ के कोरबा में संचालित SECL की रानी अटारी विजय वेस्ट माइंस को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा एक बार फिर से फूट पड़ा। सैकड़ों की संख्या में बुधवार को ग्रामीण माइंस के बाहर पहुंच गए और विरोध करने लगे। इस दौरान कांग्रेस से पाली तनखार के विधायक मोहित केरकेट्टा ने भी ग्रामीणों का समर्थन कर दिया और मौके पर पहुंच माइंस में तालाबंदी कर दी। उन्होंने कहा कि, बहुत हुआ, अब नहीं सहेंगे। 

दरअसल, SECL की चिरमिरी क्षेत्र में रानी अटारी विजय वेस्ट भूमिगत खदान संचालित है। यहां से कोयला लोडिंग कर बीजाडांड, तनेरा, सरमा, कोरबी होते हुए परिवहन किया जाता है। रानी अटारी, आसपास के पंडो जनजाति व ग्रामीणों ने बुधवार को खदान का घेराव कर दिया और धरने पर बैठ गए। विधायक मोहितराम केरकेट्टा के नेतृत्व में खदान पहुंचे ग्रामीणों ने वहां जमकर नारेबाजी की और फिर तालाबंदी कर दी। 

ग्रामीणों का कहना है कि इसके चलते मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए हैं और उनके घर के किचन तक में धूल भरी हुई है। इसके चलते वे बीमार हो रहे हैं। सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। पिछली बार सड़क 20 साल पहले बनी थी। पूरी तरह से उसका नामोनिशान मिट चुका है। आरोप लगाया कि SECL प्रबंधन सिर्फ खानापूर्ति करते हुए बड़े-बड़े बोल्डर डालकर मिट्टी भर देता है। भारी वाहन चलने से रोड की धूल घर के बर्तनों तक में जमा हो गई है। 

विधायक मोहित केरकेट्टा ने कहा कि यहां के ग्रामीणों के साथ विजय वेस्ट प्रबंधन अपनी वादा खिलाफी के साथ अन्याय कर रहा है। प्रभावित ग्रामीणों के रोजगार के भुगतान में कमीशनखोरी कर यहां के दलाल उन्हें कम भुगतान कर रहे है। उन्होंने कहा कि CSR मद से SECL प्रबंधन ने कितने रुपये 20 सालों में कलेक्टर को क्षेत्र के विकास के लिए दिए हैं, बता दें। जर्जर सड़कों पर एक पैसा भी खर्च नहीं किया गया। 


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