Logo
Breaking News Exclusive
राजिम में बच्चों की पढ़ाई छूटी, कॉपी-किताबें जलीं, आंखों में अब भी खौफ जिंदा, पढ़िए 1 फरवरी की इनसाइड स्टोरी गरियाबंद में दीवार में छिपाया हाथी का दांत; जानिए खुदाई से कैसे खुला सीक्रेट राज ? MP Petrol Crisis 2026, Petrol Shortage या Panic Buying, अफवाह से कैसे मची भगदड़ ? MP Petrol Crisis 2026, 58.8 करोड़ लीटर पेट्रोल स्टॉक के बावजूद क्यों मची भगदड़, पूरी इनसाइड स्टोरी Investment Tips March 2026, आज इन शेयर्स पर रखें नजर, चेक करिए लिस्ट ! Sensex में 900 अंक की तेजी, Nifty भी 300 अंक चढ़ा; पढ़िए Share Market Update Lockdown in India 2026, ‘Lockdown due to War’ क्यों हो रहा ट्रेंड; जानिए पूरा सच डॉक्टर ने पत्नी को जिंदा जलाकर मार डाला, 2-2 लाख में किराए के किलर भी बुलाए गरियाबंद में सिविक एक्शन, ओड-अममौरा में स्वास्थ्य जांच, बांटी गई दवाइयां-रोजमर्रा के उपयोग की सामग्रियां मध्य प्रदेश के कई शहरों में पेट्रोल-डीजल की किल्लत, Petrol Pump पर लंबी कतारें, कई जगह स्टॉक खत्म राजिम में बच्चों की पढ़ाई छूटी, कॉपी-किताबें जलीं, आंखों में अब भी खौफ जिंदा, पढ़िए 1 फरवरी की इनसाइड स्टोरी गरियाबंद में दीवार में छिपाया हाथी का दांत; जानिए खुदाई से कैसे खुला सीक्रेट राज ? MP Petrol Crisis 2026, Petrol Shortage या Panic Buying, अफवाह से कैसे मची भगदड़ ? MP Petrol Crisis 2026, 58.8 करोड़ लीटर पेट्रोल स्टॉक के बावजूद क्यों मची भगदड़, पूरी इनसाइड स्टोरी Investment Tips March 2026, आज इन शेयर्स पर रखें नजर, चेक करिए लिस्ट ! Sensex में 900 अंक की तेजी, Nifty भी 300 अंक चढ़ा; पढ़िए Share Market Update Lockdown in India 2026, ‘Lockdown due to War’ क्यों हो रहा ट्रेंड; जानिए पूरा सच डॉक्टर ने पत्नी को जिंदा जलाकर मार डाला, 2-2 लाख में किराए के किलर भी बुलाए गरियाबंद में सिविक एक्शन, ओड-अममौरा में स्वास्थ्य जांच, बांटी गई दवाइयां-रोजमर्रा के उपयोग की सामग्रियां मध्य प्रदेश के कई शहरों में पेट्रोल-डीजल की किल्लत, Petrol Pump पर लंबी कतारें, कई जगह स्टॉक खत्म

: 1942 में भर्ती 18 रुपये की पगार, 25 दुश्मनों का किया खात्मा, मिलिये 105 साल के आजाद हिन्द फौज के सिपाही से

News Desk / Thu, Jan 26, 2023


धमतरी. छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में सुभाष चन्द्र बोस की आजाद हिन्द फौज का एक सिपाही आज भी जिंदा है. बर्मा, असम और रंगून में जापानी सेना के साथ मिलकर युद्ध लड़ चुके सिपाही मनराखन लाल देवांगन की उम्र 105 साल है. आप जान कर हैरान होंगे कि उन्हें आज तक बुखार तक नहीं हुआ. धमतरी शहर से 5 किलोमीटर दूर है भटगांव और यहां रहते हैं मनराखन लाल देवांगन. मनराखन लाल वैसे तो एक किसान के बेटे थे लेकिन 1942 में वो दोस्तो के साथ रायपुर घूमने गए जहां आजाद हिंद फौज में सबको भर्ती होने की अपील की जा रही थी.

अपने देश के लिए कुछ कर गुजरने की लालसा में उन्होंने फौजी बनने का निर्णय लिया और फॉर्म भर दिया. बाद में उनकी कद, काठी, आंखों की विधिवत जांच की गई और फिजिकली फिट होने पर उस दौर के चौथी पास मनराखन को आजाद हिंद फौज में भर्ती कर लिया गया. पुणे में उन्हें हथियार चलाने और तमाम फौजी ट्रेनिंग मिली. मनराखन लाल की याद्दाश्त अभी भी दुरुस्त है. वो बताते हैं कि ट्रेनिंग के बाद उन्हें 397 कंपनी में बतौर सिपाही रखा गया और देश के कई हिस्सों में तैनाती रही. बाद में उनको कंपनी नम्बर 520 में ट्रांसफर दिया गया.

इसके बाद उनकी कंपनी को देश के पूर्वी सीमा में भेजा गया जहां असम, मणिपुर, बर्मा (रंगून) में तैनाती रही और जापानी फौज के साथ मिलकर उन्होंने जंग भी लड़ी. उस जंग में मनराखन ने 25 दुश्मन फौजियों को मारा भी. इस तरह के कई किस्से आज भी उन्हें याद हैं. मनराखन लाल से आजाद हिंद फौज ने 5 साल का बांड भरवाया था. 1947 में फिरोजपुर जो आज मौजूदा पाकिस्तान में है वहां से उन्होंने रिटायरमेंट लिया. आजाद हिंद फौज में उन्हें 18 रुपये वेतन मिलता था. रिटायरमेंट के समय उन्हें 1000 रुपये दिए गए थे. मनराखन लाल बताते हैं कि उन्हें कभी नेताजी सुभाष चन्द्र बोस से सीधे मिलने का मौका नहीं मिला लेकिन, सेना के मुखिया के तौर पर उनका भाषण जरूर सुना है.

आपके शहर से (रायपुर)

छत्तीसगढ़
  • फौजियों के इस गांव में हैं 630 घर, हर घर से एक युवक कर रहा देश की सरहदों की रक्षा

    फौजियों के इस गांव में हैं 630 घर, हर घर से एक युवक कर रहा देश की सरहदों की रक्षा

  • बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री को शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का चैलेंज- जोशीमठ की धसकती जमीन रोककर दिखाएं

    बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री को शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का चैलेंज- जोशीमठ की धसकती जमीन रोककर दिखाएं

  • ...जब 1971 की लड़ाई में पाकिस्तान में 40 मील अंदर घुस गए थे हम, सुनें भूतपूर्व सैनिक से कैसे छुड़ाए थे पाक के छक्‍के

    ...जब 1971 की लड़ाई में पाकिस्तान में 40 मील अंदर घुस गए थे हम, सुनें भूतपूर्व सैनिक से कैसे छुड़ाए थे पाक के छक्‍के

  • VIDEO: खुल्लम-खुल्ला प्यार करेंगे हम दोनों...सड़क पर प्रेमी जोड़े का रोमांस, बाइक पर बाहों में बाहें डाले निकले, टंकी पर बैठी थी युवती

    VIDEO: खुल्लम-खुल्ला प्यार करेंगे हम दोनों...सड़क पर प्रेमी जोड़े का रोमांस, बाइक पर बाहों में बाहें डाले निकले, टंकी पर बैठी थी युवती

  • CM योगी की फैन, श्रीकृष्ण की भक्त और... बागेश्‍वर धाम के दरबार में सुल्‍ताना से शुभी बनी लड़की ने खोले द‍िल के राज

    CM योगी की फैन, श्रीकृष्ण की भक्त और... बागेश्‍वर धाम के दरबार में सुल्‍ताना से शुभी बनी लड़की ने खोले द‍िल के राज

  • बाइक पर रोमांस का सच आया सामने! प्रेम‍िका ने बताया आख‍िर क्‍यों क‍िया था खुल्‍लम खुल्ला प्‍यार?

    बाइक पर रोमांस का सच आया सामने! प्रेम‍िका ने बताया आख‍िर क्‍यों क‍िया था खुल्‍लम खुल्ला प्‍यार?

  • bageshwar dham: पंड‍ित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को लेकर CM भूपेश बघेल ने द‍िया बड़ा बयान, कहा- चमत्कार नहीं दिखाना चाहिए, ये जादूगरों का काम

    bageshwar dham: पंड‍ित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को लेकर CM भूपेश बघेल ने द‍िया बड़ा बयान, कहा- चमत्कार नहीं दिखाना चाहिए, ये जादूगरों का काम

  • 4 साल से घर में पाल रखा था कछुआ, कूबड़ में उभरी बालाजी की तस्वीर, लोग उमड़े तो कई गांवों में निकाली झांकी

    4 साल से घर में पाल रखा था कछुआ, कूबड़ में उभरी बालाजी की तस्वीर, लोग उमड़े तो कई गांवों में निकाली झांकी

  • 'न निकाह पढ़ेंगे और न पढ़ने देंगे', मौलवियों ने ही मुस्लिम समाज को चेताया

    'न निकाह पढ़ेंगे और न पढ़ने देंगे', मौलवियों ने ही मुस्लिम समाज को चेताया

  • Korba News: छात्रावास में गुरुजी पढ़ा रहे थे प्रेम का पाठ, बच्चों ने खड़ी कर दी खाट, जानें पूरी कहानी

    Korba News: छात्रावास में गुरुजी पढ़ा रहे थे प्रेम का पाठ, बच्चों ने खड़ी कर दी खाट, जानें पूरी कहानी

छत्तीसगढ़

मनराखन लाल 1947 मेंं अपने गांव लौट गए और खेती बााड़ी करने लग गए. उनके 5 बेटे, दो बेटियां और 9 नाती हुए. 5 में से 3 बेटे अब इस दुनिया मे नही हैं. जीवित दो में एक 72 साल के बेटे को लकवा है  लेकिन 21 मार्च 1918 में जन्मे खुद मनराखन लाल की उम्र आज 105 साल की हो चुकी है. उम्र की शतक जमा चुके ये नेताजी के सिपाही आज भी पिच पर डटे हुए हैं और पूरी तरह से स्वस्थ हैं. बिना चश्मे के ये बुजुर्ग अखबार पढ़ लेता है. इन्हें कोई बीमारी नहीं है. वो बताते हैं कि आज तक उन्हें एक बार भी बुखार तक नहीं आया. गांव के शिक्षक दिनेश पाण्डेय बताते हैं कि जब मनराखन लाल फौज से वापस गांव आये तब लोग उन्हें फौज से भागा हुआ भगोड़ा कह कर तंज कसते थे.

कोई मनराखन की बताई हकीकत पर भरोसा नही करता था लेकिन 2012 में जब कुछ पढ़े लिखे लोगों ने उनके रिटायरमेंट के दसतावेज जांचे, संबंधित संस्थाओं से संपर्क किया तब उन्हें सरकार ने पेंशन देना शुरू किया. 2012 से 2019 तक उन्हें 3 हजार पेंशन मिलता था जो अब बढ़ा कर 7 हजार किया गया है. अब तक गुमनामी में जीते रहे मनराखन लाल को 2012 के बाद लोगों ने स्वीकार किया और आज उनका हर कोई सम्मान करता है. आज उनके नाती कैलाश और उनका परिवार भी खुद पर गर्व करता है कि वो… आजाद हिंद फौज के सिपाही के वंशज हैं. मनराखन लाल ने अपनी खेती को अपने बेटों में बंटवारा कर दिया है. उनके नाती आज खेती, और दुकानदारी करते हैं. सभी खुशहाल हैं और गर्व से जी रहे हैं. आज भी इस सिपाही का जज्बा जस का तस जवान है.

Tags: Netaji subhas chandra bose, Raipur news


Source link

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन