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: Chhatisgarh News: भ्रष्टाचार के खिलाफ आजाद मंच ने आवाज की बुलंद, आंदोलन का किया आगाज

News Desk / Thu, Dec 8, 2022


विक्रांत तिवारी, आजाद मंच प्रमुख

विक्रांत तिवारी, आजाद मंच प्रमुख - फोटो : वीडियो ग्रेब

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आजाद मंच ने बिलासपुर प्रेस क्लब में अपने पहले आंदोलन के सफलतापूर्वक पूरे होने के बाद ने दूसरे आंदोलन का आगाज किया। इनका पहला आंदोलन सिटी बस संचालन था, अब दूसरा आंदोलन फाइट अगेंस्ट करप्शन है। आजाद मंच प्रमुख विक्रांत तिवारी ने कहा कि भ्रष्टाचार सरकारी प्रोटोकॉल बनता जा रहा है, जिसने छत्तीसगढ़ को दीमक की तरह अंदर से खोखला करना शुरू कर दिया है। इस दीमक की दवा बन कर इसे खत्म करेंगे। 

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सोच कुछ समय पहले सामने आई, जिसमें उन्होंने छत्तीसगढ़ के बेरोजगार युवाओं को हर हाथ काम जैसी सोच के साथ ठेका पद्धति में काम दिलाने के लिए पंजीकृत करवाया और एक पारदर्शी प्रक्रिया के तहत उन्हें काम मिलने का भरोसा दिलाया, किंतु आज इस तरीके के भ्रष्टाचारी जो कमीशन खोरी के चक्कर में सिर्फ उन युवाओं के भविष्य के साथ ही नहीं बल्कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सोच पर भी चोट पहुंचा रहे हैं।

जिसमें युवाओं को अपने पैरों पर खड़े करने के लिए ऐसी योजनाओं सार्वजनिक जिसे मुख्यमंत्री ने की थी। आज ऑनलाइन टेंडरों को विभाग उनके अधिकारी कर्मचारी लगातार मजाक का विषय बना चुके हैं। अगर नगरी निकाय विभाग की बात की जाए तो सिर्फ कमीशन के कारण ही करोड़ों के काम महीनों तक रुके पड़े रहते हैं। ऐसे कई मामले आज हमारे ही आसपास की नगर पंचायतों में देखे जा रहे हैं।

विस्तार

आजाद मंच ने बिलासपुर प्रेस क्लब में अपने पहले आंदोलन के सफलतापूर्वक पूरे होने के बाद ने दूसरे आंदोलन का आगाज किया। इनका पहला आंदोलन सिटी बस संचालन था, अब दूसरा आंदोलन फाइट अगेंस्ट करप्शन है। आजाद मंच प्रमुख विक्रांत तिवारी ने कहा कि भ्रष्टाचार सरकारी प्रोटोकॉल बनता जा रहा है, जिसने छत्तीसगढ़ को दीमक की तरह अंदर से खोखला करना शुरू कर दिया है। इस दीमक की दवा बन कर इसे खत्म करेंगे। 

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सोच कुछ समय पहले सामने आई, जिसमें उन्होंने छत्तीसगढ़ के बेरोजगार युवाओं को हर हाथ काम जैसी सोच के साथ ठेका पद्धति में काम दिलाने के लिए पंजीकृत करवाया और एक पारदर्शी प्रक्रिया के तहत उन्हें काम मिलने का भरोसा दिलाया, किंतु आज इस तरीके के भ्रष्टाचारी जो कमीशन खोरी के चक्कर में सिर्फ उन युवाओं के भविष्य के साथ ही नहीं बल्कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सोच पर भी चोट पहुंचा रहे हैं।

जिसमें युवाओं को अपने पैरों पर खड़े करने के लिए ऐसी योजनाओं सार्वजनिक जिसे मुख्यमंत्री ने की थी। आज ऑनलाइन टेंडरों को विभाग उनके अधिकारी कर्मचारी लगातार मजाक का विषय बना चुके हैं। अगर नगरी निकाय विभाग की बात की जाए तो सिर्फ कमीशन के कारण ही करोड़ों के काम महीनों तक रुके पड़े रहते हैं। ऐसे कई मामले आज हमारे ही आसपास की नगर पंचायतों में देखे जा रहे हैं।


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