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शहडोल सांसद हिमाद्री की पूर्व महिला असिस्टेंट की हत्या! : भाजपा नेत्री को दम तोड़ने तक बोलेरो से कुचला, सड़क हादसा या सुनियोजित कत्ल? SIT जांच शुरू

मध्यप्रदेश के रीवा जिले में भाजपा सांसद हिमाद्री सिंह की पूर्व महिला सहायक रहीं रोशनी शुक्ला की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। शुरुआती तौर पर इसे सड़क दुर्घटना माना गया, लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और घटनाक्रम इसे महज एक्सीडेंट नहीं रहने देते।

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए रीवा एसपी ने 23 जनवरी को SIT गठित कर जांच शुरू कर दी है।

क्या हुआ था उस रात?

14 जनवरी, मकर संक्रांति की रात रोशनी रीवा के पास स्थित एक औद्योगिक यूनिट से लौट रही थीं। रात करीब 8:45 बजे बेलवा मोड़ पर बस से उतरने के बाद वह पैदल घर की ओर बढ़ीं।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दो बोलेरो गाड़ियां इलाके में पहले से घूम रही थीं। रोशनी के पास से गुजरते समय एक वाहन सवार ने कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया। रोशनी के विरोध के बाद दोनों गाड़ियां उसके पीछे चल पड़ीं।

कुछ दूरी पर एक बोलेरो ने कथित रूप से उसे टक्कर मारी। इसके बाद दूसरी गाड़ी ने भी कुचल दिया। चश्मदीदों का दावा है कि एक वाहन चालक आगे-पीछे गाड़ी करता रहा।

पुलिस ने अभी तक इसे आधिकारिक रूप से हत्या घोषित नहीं किया है। जांच जारी है।

45 मिनट तक कार के नीचे फंसी रही

स्थानीय लोगों के अनुसार, रोशनी एक वाहन के नीचे फंसी थी। करीब 15 ग्रामीणों ने बांस और बल्लियों की मदद से 45 मिनट मशक्कत कर वाहन हटाया। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां बाद में उनकी मौत हो गई।

परिवार के आरोप और आशंकाएं

परिवार का कहना है कि रोशनी ने पहले भी कुछ लोगों से खतरे की बात कही थी। हालांकि उसने किसी का नाम नहीं बताया था।

मां तारा शुक्ला और भाई प्रकाश शुक्ला ने इसे सामान्य दुर्घटना मानने से इनकार किया है और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

इलाके में पहले से घूम रही थीं संदिग्ध गाड़ियां?

एक महिला प्रत्यक्षदर्शी ने दावा किया कि घटना से पहले कई घंटे तक दो फोर-व्हीलर वाहन आसपास चक्कर लगाते देखे गए, जिससे रेकी की आशंका भी जताई जा रही है। पुलिस इन बयानों की पुष्टि कर रही है।

पुलिस क्या कह रही है?

अभी तक वाहन चालकों की पहचान नहीं

गाड़ियों के नंबर की पुष्टि नहीं

मामला हिट एंड रन और संभावित हत्या — दोनों एंगल से जांच में

पोस्टमार्टम, FSL रिपोर्ट और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जुटाए जा रहे

SIT टीम गठित

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और एसडीओपी ने कहा है कि सभी एंगल से जांच की जा रही है और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

राजनीतिक और सामाजिक हलचल

रोशनी शुक्ला सक्रिय रूप से राजनीतिक और सामाजिक कार्यों से जुड़ी थीं। उनकी मौत के बाद स्थानीय स्तर पर महिला सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

हालांकि, पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

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