आतंकियों को पनाह देने वालों पर होगी स्ट्राइक : पहलगाम आतंकी हमले पर रूस-चीन समेत BRICS देशों का सख्त रुख, PM मोदी बोले- भविष्य सबका, फैसला भी सबका
MP CG Times / Sun, Sep 13, 2026
नई दिल्ली। देश की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन (2026) में भारत ने बड़ी कूटनीतिक सफलता हासिल की है। रूस, चीन, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका समेत BRICS देशों ने पहलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले की एकसुर में कड़ी निंदा की है। सदस्य देशों ने स्पष्ट किया है कि आतंकवाद को किसी भी धर्म या समुदाय से नहीं जोड़ा जा सकता और आतंकियों को पनाह व फंडिंग देने वालों के खिलाफ एकजुट होकर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और सदस्य देशों के बीच अलग-अलग राजनीतिक मतभेदों के बावजूद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने आम सहमति बनाने में केंद्रीय भूमिका निभाई। गलवान झड़प के 7 साल बाद पहली बार भारत पहुंचे चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ PM मोदी की केमिस्ट्री इस सम्मेलन का मुख्य आकर्षण रही।

ब्रिक्स 'नई दिल्ली घोषणा': 10 सबसे अहम बातें
पहलगाम आतंकी हमले की निंदा: 22 अप्रैल 2025 को हुए पहलगाम हमले (जिसमें 26 मासूमों की जान गई थी) की कड़े शब्दों में निंदा की गई।
आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस: आतंकवाद के हर रूप, स्वरूप और उसकी वजह की निंदा करते हुए साझा लड़ाई का ऐलान।
धर्म से न जोड़ें: आतंकवाद को किसी खास धर्म, राष्ट्रीयता या समुदाय से जोड़ने के प्रयासों का कड़ा विरोध।
सीमा पार आतंकवाद व पनाहगाहों पर एक्शन: टेरर फंडिंग रोकने, आतंकियों को सुरक्षित ठिकाने (Safe Havens) देने वालों पर मिलकर कार्रवाई करने पर सहमति।
आतंकियों की जवाबदेही तय हो: आतंकी संगठनों और उनके आकाओं के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सामूहिक जवाबदेही तय होगी।
UN आतंकरोधी संधि जल्द बने: संयुक्त राष्ट्र (UN) की अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद पर प्रस्तावित व्यापक संधि (CCIT) को जल्द अपनाने की मांग की गई।
मूल सिद्धांतों की मजबूती: आपसी सम्मान, संप्रभु समानता, क्षेत्रीय अखंडता और सर्वसम्मति से निर्णय लेने के सिद्धांतों पर जोर।
एकतरफा टैरिफ की निंदा: वैश्विक व्यापार में एकतरफा टैरिफ और पाबंदियों पर चिंता जताते हुए इन्हें WTO के नियमों के दायरे में रखने की बात कही।
परमाणु खतरे पर चिंता: दुनिया में बढ़ते तनाव और परमाणु हथियारों के इस्तेमाल के जोखिम पर गहरी चिंता व्यक्त की गई।
भारत की अध्यक्षता की सराहना: सभी देशों ने भारत द्वारा BRICS Plus और आउटरीच वार्ताओं के सफल संचालन की जमकर तारीफ की।
BRICS समिट में PM मोदी के संबोधन की 5 बड़ी बातें
अगले 20 साल का नया एजेंडा: PM मोदी ने BRICS के अगले 20 वर्षों के लिए नया विजन और फैसलों को लागू करने के लिए एक स्थायी मैकेनिज्म (स्थायी व्यवस्था) बनाने का प्रस्ताव रखा।
ग्लोबल साउथ की भागीदारी: AI, साइबरस्पेस, अंतरिक्ष और बायोटेक्नोलॉजी के अंतरराष्ट्रीय नियम तय करने में विकासशील देशों (Global South) की बराबर भागीदारी का आह्वान किया।
युवाओं और नीति-निर्माताओं की ट्रेनिंग: युवा राजनयिकों और नीति-निर्माताओं को अंतरराष्ट्रीय वार्ता और कानून निर्माण में प्रशिक्षित करने का सुझाव दिया।
नाविकों के लिए इमरजेंसी नेटवर्क: समुद्र में मुसीबत में फंसने वाले नाविकों के इलाज, उनके परिवारों से संपर्क और सुरक्षित निकासी के लिए वैश्विक इमरजेंसी नेटवर्क बनाने की बात कही।
'भविष्य सबका, फैसला भी सबका': प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि दुनिया का भविष्य साझा है, तो उसे आकार देने और फैसले लेने का अधिकार भी किसी एक देश या समूह के बजाय सभी देशों के पास होना चाहिए।
7 साल बाद भारत आए शी जिनपिंग, 'भारत मंडपम' में रामेश्वरम मंदिर की झलक
गलवान घाटी में हुई सैन्य झड़प के बाद चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग पहली बार भारत दौरे पर पहुंचे हैं। PM मोदी ने 'भारत मंडपम' में शी जिनपिंग का गर्मजोशी से स्वागत किया।
स्वागत मंच के बैकड्रॉप पर तमिलनाडु के प्रसिद्ध रामनाथस्वामी मंदिर (रामेश्वरम) की भव्य तस्वीर सजाई गई थी। प्रधानमंत्री मोदी ने खुद राष्ट्रपति जिनपिंग को इस ऐतिहासिक मंदिर के समृद्ध इतिहास और सांस्कृतिक महत्व की जानकारी दी। BRICS समिट की औपचारिक बैठकों के बाद PM मोदी और शी जिनपिंग के बीच महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता भी तय की गई है।
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