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: कोरोना वायरस था मानव निर्मित, Wuhan लैब के वैज्ञानिक का खुलासा

News Desk / Mon, Dec 5, 2022


दुनिया के कई देशों में तबाही मचाने वाला कोविड-19 एक मानव निर्मित वायरस था। चीन की विवादास्पद Wuhan लैबोरेटरी में काम कर चुके अमेरिका के एक वैज्ञानिक ने यह खुलासा किया है। अमेरिका में रहने वाले इस वैज्ञानिक Andrew Huff का कहना है कि यह वायस लैबोरेटरी से लीक हुआ था। 

द सन न्यूजपेपर में प्रकाशित Huff के बयान के हवाले से न्यूयॉर्क पोस्ट ने रिपोर्ट दी है कि कोविड चीन सरकार की फंडिंग वाली इस लैबोरेटरी से लीक हुआ था। रिपोर्ट में बताया गया है कि इस महामारी का कारण चीन में कोरोना वायरस की अमेरिकी सरकार की फंडिंग थी। Huff ने अपनी किताब 'The Truth About Wuhan' में यह दावा किया है। इस किताब के कुछ हिस्सों को द सन में प्रकाशित किया गया है। अमेरिका के गैर सरकारी संगठन EcoHealth Alliance के Huff पूर्व वाइस प्रेसिडेंट हैं। यह संगठन संक्रामक बीमारियों की स्टडी करता है। 

हफ का कहना है कि चीन ने पर्याप्त सुरक्षा के बिना एक्सपेरिमेंट्स किए थे और इससे यह वायरस वुहान लैब से लीक हुआ था। कोरोना की शुरुआत को लेकर हुई बहस के केंद्र में वुहान लैब थी। हालांकि, चीन की सरकार और लैब के वर्कर्स ने इससे इनकार किया था कि कोरोना वायरस की शुरुआत लैब से हुई थी। हफ ने किताब में लिखा है, "विदेशी लैबोरेट्रीज में बायोसेफ्टी को सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त उपाय नहीं होते। इसी वजह से Wuhan Institute of Virology से कोरोना वायरस लीक हुआ था।" 

EcoHealth Alliance एक दशक से अधिक से चमगादड़ों में विभिन्न कोरोना वायरस की स्टडी कर रहा है। इसे अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) से फंडिंग मिलती है। इस स्टडी में वुहान लैब भी शामिल थी। अमेरिकी सरकार की प्रमुख एजेंसी NIH बायोमेडिकल और पब्लिक हेल्थ रिसर्च से जुड़ी है। हफ का कहना है कि चीन की सरकार को शुरुआत से पता था कि यह एक खतरनाक वायरस है। हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इस तबाही के लिए अमेरिकी सरकार अधिक जिम्मेदार है। कोरोना वायरस के कारण चीन और अमेरिका सहित बहुत से देशों में तबाही हुई थी। चीन  के कुछ शहरों में कोरोना के मामले दोबारा बढ़ने पर सरकार ने पिछले कुछ महीनों में पाबंदियों को कड़ा किया था।  
 

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