Logo
Breaking News Exclusive
सिरफिरे युवक ने नानी, नाना, मां और ममेरी बहन को डंडे से पीट-पीटकर मार डाला; पुजारी को भी पीटा था होश आने पर 14 साल के नाबालिग के कपड़े उतरे मिले, प्राइवेट-पार्ट और कमर में दर्द होने लगा   खेत में काम करते समय विवाद; 28 साल के बेटे की कुल्हाड़ी से गर्दन काटकर हत्या, वारदात के बाद जंगल में भागा रिश्वतखोरी में टर्मिनेट दागी कर्मी को बनाया प्रभारी तो भड़के किसान; हंगामे के बाद आमसभा स्थगित गरियाबंद में हाथ-पैर और चेहरे की चमड़ियां छिलीं; परीक्षा भी छूटी, क्या वार्डन ने लगाई थी ड्यूटी? गरियाबंद में पट्टा नहीं मिला तो Highway जाम, फिर विधायक रोहित का घेराव; जानिए पूरी कहानी ? जीजा ने फोन किया तो बोला- 'हां दे दिया तलाक', ऑडियो रिकॉर्डिंग सामने आई; पेंड्रा पुलिस ने दर्ज की जीरो FIR आधी रात को 65 साल के 'मुंहबोले बाबा' ने किया रेप; भड़की 17 साल की नाबालिग ने सब्बल मारकर ब्लेड से रेता गला खदानों से घिस गईं हाथों की रेखाएं, बायोमीट्रिक मशीन फेल, राशन नहीं मिल रहा, अरबों का कारोबार, लेकिन गांव में कीचड़-गड्ढे असिस्टेंट कमांडेंट समेत 4 अफसरों-जवानों की मौत; विवाद के बाद AK-47 से दागीं 150 गोलियां सिरफिरे युवक ने नानी, नाना, मां और ममेरी बहन को डंडे से पीट-पीटकर मार डाला; पुजारी को भी पीटा था होश आने पर 14 साल के नाबालिग के कपड़े उतरे मिले, प्राइवेट-पार्ट और कमर में दर्द होने लगा   खेत में काम करते समय विवाद; 28 साल के बेटे की कुल्हाड़ी से गर्दन काटकर हत्या, वारदात के बाद जंगल में भागा रिश्वतखोरी में टर्मिनेट दागी कर्मी को बनाया प्रभारी तो भड़के किसान; हंगामे के बाद आमसभा स्थगित गरियाबंद में हाथ-पैर और चेहरे की चमड़ियां छिलीं; परीक्षा भी छूटी, क्या वार्डन ने लगाई थी ड्यूटी? गरियाबंद में पट्टा नहीं मिला तो Highway जाम, फिर विधायक रोहित का घेराव; जानिए पूरी कहानी ? जीजा ने फोन किया तो बोला- 'हां दे दिया तलाक', ऑडियो रिकॉर्डिंग सामने आई; पेंड्रा पुलिस ने दर्ज की जीरो FIR आधी रात को 65 साल के 'मुंहबोले बाबा' ने किया रेप; भड़की 17 साल की नाबालिग ने सब्बल मारकर ब्लेड से रेता गला खदानों से घिस गईं हाथों की रेखाएं, बायोमीट्रिक मशीन फेल, राशन नहीं मिल रहा, अरबों का कारोबार, लेकिन गांव में कीचड़-गड्ढे असिस्टेंट कमांडेंट समेत 4 अफसरों-जवानों की मौत; विवाद के बाद AK-47 से दागीं 150 गोलियां

: Anti-Conversion law: धर्मांतरण के सभी मामले अवैध नहीं, हाईकोर्ट के खिलाफ मध्य प्रदेश सरकार की याचिका सुनेगी सुप्रीम कोर्ट

News Desk / Mon, Jan 2, 2023


Supreme Court

Supreme Court - फोटो : ANI

ख़बर सुनें

सुप्रीम कोर्ट ने धर्मांतरण कानून पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली राज्य सरकार की याचिका पर सुनवाई की सहमति दे दी है। इसके साथ ही शीर्ष कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि धर्मांतरण के सभी मामलों को अवैध नहीं माना जा सकता। 
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने जिला कलेक्टर की इजाजत के बगैर अंतर धार्मिक विवाह करने वाले जोड़ों पर मुकदमा चलाने से राज्य सरकार को रोक दिया है। इसे राज्य सरकार ने शीर्ष कोर्ट में चुनौती दी है। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस सीटी रविकुमार की पीठने मामले में नोटिस जारी करते हुए आगे सुनवाई के लिए 7 फरवरी की तारीख तय की। 

हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने से किया इनकार
सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने मप्र हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने का आग्रह किया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने कोई भी निर्देश जारी करने से इनकार कर दिया। मेहता ने कहा कि अवैध धर्मांतरण के लिए शादियां की जा रही हैं और इस पर हम आंखें बंद कर बैठ नहीं सकते। 

मप्र हाईकोर्ट ने अपने अंतरिम आदेश में राज्य सरकार को आदेश दिया है कि वह सहमति से अंतर धार्मिक शादी करने वाले वयस्कों पर मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता कानून (MPFRA) की धारा 10 के तहत मुकदमा न चलाए। 

मप्र हाईकोर्ट ने 14 नवंबर को कहा था उक्त कानून की धारा 10 असंवैधानिक है। इस धारा के तहत धर्मांतरण के इच्छुक नागरिकों को जिला कलेक्टरों की पूर्व मंजूरी लेना अनिवार्य है।  मप्र धार्मिक स्वतंत्रता कानून के तहत झूठ बोलकर या झांसा देकर, प्रलोभन, धमकी, अनुचित प्रभाव, जबरदस्ती शादी करने या किसी अन्य धोखाधड़ी के माध्यम से धर्मांतरण को प्रतिबंधित किया गया है।

इस कानून के प्रावधानों को चुनौती देने वाली सात याचिकाओं पर मप्र हाईकोर्ट ने उक्त अंतरिम आदेश दिया है। याचिकाकर्ताओं ने अधिनियम के तहत किसी के खिलाफ मुकदमा चलाने से मप्र सरकार को रोकने के लिए अंतरिम राहत  का आग्रह किया था। 
 

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने धर्मांतरण कानून पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली राज्य सरकार की याचिका पर सुनवाई की सहमति दे दी है। इसके साथ ही शीर्ष कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि धर्मांतरण के सभी मामलों को अवैध नहीं माना जा सकता। 


मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने जिला कलेक्टर की इजाजत के बगैर अंतर धार्मिक विवाह करने वाले जोड़ों पर मुकदमा चलाने से राज्य सरकार को रोक दिया है। इसे राज्य सरकार ने शीर्ष कोर्ट में चुनौती दी है। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस सीटी रविकुमार की पीठने मामले में नोटिस जारी करते हुए आगे सुनवाई के लिए 7 फरवरी की तारीख तय की। 

हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने से किया इनकार
सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने मप्र हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने का आग्रह किया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने कोई भी निर्देश जारी करने से इनकार कर दिया। मेहता ने कहा कि अवैध धर्मांतरण के लिए शादियां की जा रही हैं और इस पर हम आंखें बंद कर बैठ नहीं सकते। 

मप्र हाईकोर्ट ने अपने अंतरिम आदेश में राज्य सरकार को आदेश दिया है कि वह सहमति से अंतर धार्मिक शादी करने वाले वयस्कों पर मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता कानून (MPFRA) की धारा 10 के तहत मुकदमा न चलाए। 


मप्र हाईकोर्ट ने 14 नवंबर को कहा था उक्त कानून की धारा 10 असंवैधानिक है। इस धारा के तहत धर्मांतरण के इच्छुक नागरिकों को जिला कलेक्टरों की पूर्व मंजूरी लेना अनिवार्य है।  मप्र धार्मिक स्वतंत्रता कानून के तहत झूठ बोलकर या झांसा देकर, प्रलोभन, धमकी, अनुचित प्रभाव, जबरदस्ती शादी करने या किसी अन्य धोखाधड़ी के माध्यम से धर्मांतरण को प्रतिबंधित किया गया है।

इस कानून के प्रावधानों को चुनौती देने वाली सात याचिकाओं पर मप्र हाईकोर्ट ने उक्त अंतरिम आदेश दिया है। याचिकाकर्ताओं ने अधिनियम के तहत किसी के खिलाफ मुकदमा चलाने से मप्र सरकार को रोकने के लिए अंतरिम राहत  का आग्रह किया था। 

 

Source link

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन