Logo
Breaking News Exclusive
गरियाबंद में पूर्व विधायक मांझी बोले- पुल-बैंक-सिंचाई कुछ नहीं दे पाए, फिर कैसे होगी जनता की सेवा ? सिर-धड़ अलग कर फेंके, अफेयर खत्म करना चाहती थी, इसलिए मिलने बुलाया और मार डाला बस और आइस बॉक्स में छिपाया; 250 KM का स्मगलिंग रूट, जानिए कहां थी डिलीवरी पहाड़ पर बना दिया कॉलेज, न जाने का रास्ता, न बस सुविधा; अमरकंटक मार्ग पर लगा गाड़ियों का लंबा जाम 4 गांवों में Hotel-Resort और Tourism Facilities; जानिए सैटेलाइट सिटी में कौन-कौन से गांव ? आधी रात को प्रेमिका के कमरे में घुसा; 'तू किसी और से बात करती है' कहकर चाकू से गोदे 5 वार, मौत आरोपी बोला- गांव वालों ने हाथ-पैर बांधे थे, इसलिए गुस्से में 4 अपनों को मार डाला सिरफिरे युवक ने नानी, नाना, मां और ममेरी बहन को डंडे से पीट-पीटकर मार डाला; पुजारी को भी पीटा था होश आने पर 14 साल के नाबालिग के कपड़े उतरे मिले, प्राइवेट-पार्ट और कमर में दर्द होने लगा   खेत में काम करते समय विवाद; 28 साल के बेटे की कुल्हाड़ी से गर्दन काटकर हत्या, वारदात के बाद जंगल में भागा गरियाबंद में पूर्व विधायक मांझी बोले- पुल-बैंक-सिंचाई कुछ नहीं दे पाए, फिर कैसे होगी जनता की सेवा ? सिर-धड़ अलग कर फेंके, अफेयर खत्म करना चाहती थी, इसलिए मिलने बुलाया और मार डाला बस और आइस बॉक्स में छिपाया; 250 KM का स्मगलिंग रूट, जानिए कहां थी डिलीवरी पहाड़ पर बना दिया कॉलेज, न जाने का रास्ता, न बस सुविधा; अमरकंटक मार्ग पर लगा गाड़ियों का लंबा जाम 4 गांवों में Hotel-Resort और Tourism Facilities; जानिए सैटेलाइट सिटी में कौन-कौन से गांव ? आधी रात को प्रेमिका के कमरे में घुसा; 'तू किसी और से बात करती है' कहकर चाकू से गोदे 5 वार, मौत आरोपी बोला- गांव वालों ने हाथ-पैर बांधे थे, इसलिए गुस्से में 4 अपनों को मार डाला सिरफिरे युवक ने नानी, नाना, मां और ममेरी बहन को डंडे से पीट-पीटकर मार डाला; पुजारी को भी पीटा था होश आने पर 14 साल के नाबालिग के कपड़े उतरे मिले, प्राइवेट-पार्ट और कमर में दर्द होने लगा   खेत में काम करते समय विवाद; 28 साल के बेटे की कुल्हाड़ी से गर्दन काटकर हत्या, वारदात के बाद जंगल में भागा

: MP News: संविदाकर्मियों ने अपने खून से लिखे 100 पोस्टकार्ड, साथियों की वापसी सहित इस मामले को लेकर लगाई गुहार

News Desk / Mon, Dec 19, 2022


संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी

संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी - फोटो : अमर उजाला

ख़बर सुनें

राजगढ़ जिले में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने मंगलवार को अपने खून से 100 से अधिक पोस्टकार्ड लिखकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नाम प्रेषित किया। इसमें उन्होंने लिखा कि हम शोषित संविदाकर्मियों को नियमितिकरण का तोहफा दे दो मामा जी। साथ ही जिन्हें अप्रेजल या पद समाप्ति कर बहार किया था, उन साथियों को भी वापस नौकरी पर रखा जाए।

संविदा जिलाध्यक्ष सुधेंदु श्रीवास्तव ने कहा, संविदा की नौकरी अब एक अभिशाप की तरह बन गई है। कम तनख्वाह, काम ज्यादा और उस पर वरिष्ठ अधिकारियों की प्रताड़ना। यदि क्षमता से ज्यादा दिया गया काम समय पर नहीं हो तो तुरंत नौकरी से निकाल देने की धमकी मिलती है। संविदा के इस माहौल में आमजन का स्वास्थ्य बनाते-बनाते संविदाकर्मी स्वयं बीमार हो गए हैं। कम तनख्वाह से गृहस्थी चला पाना बहुत मुश्किल हो रहा है। नियमित कर्मचारियों की तरह एक समान पद पर काम करते हुए भी तनख्वाह में अंतर सरकार को साफ दिख रहा है। लेकिन उसे बराबर करने की कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।

हड़ताल पर जाने से पहले निकले बीच का रास्ता...
मंगलवार को संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के पंडाल में मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष धमेंद्र कुमार वर्मा ने हड़ताल को समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोई भी विभाग हड़ताल करे, लेकिन स्वास्थ्य विभाग से जुड़े लोगों को हड़ताल तक पहुंचने से पहले उनसे सरकार को बातचीत कर बीच का रास्ता निकाल लेना चाहिए। क्योंकि इस विभाग से आमजन का स्वास्थ्य जुड़ा है और हड़ताल से कहीं न कहीं स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।

विस्तार

राजगढ़ जिले में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने मंगलवार को अपने खून से 100 से अधिक पोस्टकार्ड लिखकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नाम प्रेषित किया। इसमें उन्होंने लिखा कि हम शोषित संविदाकर्मियों को नियमितिकरण का तोहफा दे दो मामा जी। साथ ही जिन्हें अप्रेजल या पद समाप्ति कर बहार किया था, उन साथियों को भी वापस नौकरी पर रखा जाए।

संविदा जिलाध्यक्ष सुधेंदु श्रीवास्तव ने कहा, संविदा की नौकरी अब एक अभिशाप की तरह बन गई है। कम तनख्वाह, काम ज्यादा और उस पर वरिष्ठ अधिकारियों की प्रताड़ना। यदि क्षमता से ज्यादा दिया गया काम समय पर नहीं हो तो तुरंत नौकरी से निकाल देने की धमकी मिलती है। संविदा के इस माहौल में आमजन का स्वास्थ्य बनाते-बनाते संविदाकर्मी स्वयं बीमार हो गए हैं। कम तनख्वाह से गृहस्थी चला पाना बहुत मुश्किल हो रहा है। नियमित कर्मचारियों की तरह एक समान पद पर काम करते हुए भी तनख्वाह में अंतर सरकार को साफ दिख रहा है। लेकिन उसे बराबर करने की कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।

हड़ताल पर जाने से पहले निकले बीच का रास्ता...
मंगलवार को संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के पंडाल में मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष धमेंद्र कुमार वर्मा ने हड़ताल को समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोई भी विभाग हड़ताल करे, लेकिन स्वास्थ्य विभाग से जुड़े लोगों को हड़ताल तक पहुंचने से पहले उनसे सरकार को बातचीत कर बीच का रास्ता निकाल लेना चाहिए। क्योंकि इस विभाग से आमजन का स्वास्थ्य जुड़ा है और हड़ताल से कहीं न कहीं स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।


Source link

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन