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: स्वास्थ्यकर्मियों की हड़ताल: दमोह में भैंस के आगे बीन बजाई, राजगढ़ में गधे को ज्ञापन, सीहोर में खून से लिखे खत

News Desk / Wed, Dec 21, 2022


मध्यप्रदेश के दमोह जिले में संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल जारी है। गुरुवार को आठवां दिन था। उनकी मांग है कि उन्हें नियमित किया जाए। आठ दिन बाद भी कोई सुध लेने नहीं पहुंचा तो उन्होंने भैंस के आगे बीन बजाकर प्रदर्शन किया। भैंस पर मप्र सरकार लिख दिया। 

जानकारी के अनुसार दमोह में अपने नियमितीकरण की मांग को लेकर संविदा स्वास्थ्य कर्मी कलेक्ट्रेट के सामने अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। रोज प्रदर्शन किया जा रहा है। गुरुवार को कर्मचारियों ने भैंस को सरकार मानकर उसके आगे बीन बजाई। संविदा स्वास्थ्य कर्मियों का कहना है कि सरकार उनकी नहीं सुन रही है या अनसुना कर रही है, इसलिए उन्हें ऐसा लगता है कि वो भैंस के आगे बीन बजा रहे हैं। जब तक हमारी मांगें पूरी
नहीं हो जातीं तब तक अपना धरना जारी रखेंगे। 

संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने पर भी दुख जताया। उनका कहना है कि हड़ताल उनकी मजबूरी है। सरकार से कई बार अनुरोध किया गया है, लेकिन बात नहीं सुनी जा रही। हड़ताल पर जाने के पहले इन कर्मचारियों ने एक रैली निकालकर कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम पत्र दिया था। उसके बाद कलेक्ट्रेट के बाहर पंडाल लगाकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी थी। 
 

 

सीहोर में खून से लिखे मुख्यमंत्री को पत्र
सीहोर में संविदा कर्मियों ने अपनी मांग के लिए सीएम शिवराज सिंह चौहान को खून से पत्र लिखकर भेजे गए। राज्य प्रतिनिधि मंडल ने वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा से उनके निवास पर मुलाक़ात की। उन्होंने अपर मुख्य स्वस्थ्य, मिशन संचालक राष्ट्रीय स्वस्थ्य मिशन, प्रमुख सचिव वित्त और संविदा स्वास्थ्य संघ के प्रतिनिधि मण्डल की संयुक्त बैठक कराने का आश्वसन दिया है। जिससे मांगो के सम्बन्ध में वित्तीय समाधान निकाला जा सके। अभी करो अर्जेन्ट करो के नारे के साथ हड़ताल निरंतर जारी है। 

बता दें कि प्रदेश के 32 हजार तथा सीहोर जिले के 950 संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने 15 दिसम्बर से अनिश्चितकालीन हड़ताल कर रखी है। स्वास्थ्य कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से स्वास्थ्य विभाग की सेवाएं बेपटरी होते जा रही हैं। इस मौके पर जिलाध्यक्ष अम्बर मालवीय, मनीष राठौर, शैलेश शैल, गोपाल, मनीष दुबे सिंह उपस्थित रहे।

 

राजगढ़ में गधे को ज्ञापन देकर जताया विरोध, हाथों में रचाई संविदा मेहंदी 
राजगढ में गुरुवार को हड़ताल के दौरान पंडाल में महिलाओं ने संविदा मेहंदी लगाई। समस्त कर्मचारियों ने गधे को ज्ञापन दिया गया। संविदा जिलाध्यक्ष सुधेंदु श्रीवास्तव ने बताया कि संविदा कर्मचारियों को गधे के बोझ की तरह काम सौंपे जाते हैं और वेतन कम दिया जा जाता है। इससे एक संविदाकर्मी अपना और अपने परिवार का आधा पेट ही भर पाता है।
 

कर्मचारियों का कहना है कि जिस समय कोरोना अपने पीक पर था उस समय आमजन के स्वास्थ्य का सबसे अधिक ध्यान रखने वाले स्वास्थ्यकर्मियों को कोरोना योद्धा नाम दिया था। इनमें भी संविदा स्वास्थ्यकर्मियों ने अपनी और अपने परिवार की जान खतरे में डालकर आमजन को सेवाएं दी थीं। फिर भी सरकार ने आज तक उनको नियमितिकरण से लेकर अन्य सुविधाएं देना भी उचित नहीं समझा। इसी कारण सभी संविदा स्वास्थ्य कर्मियों को हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा।  
 

बुरहानपुर में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने ताप्ति नदी के पानी में खड़ा रहकर आशा कार्यकर्ताओं ने जल सत्याग्रह आंदोलन किया। संघ के जिला अध्यक्ष रविंद्रसिंह राजपूत ने बताया संविदा कर्मचारियों की दो सूत्री मांगों जिसमें नियमितीकरण और निष्कासित साथियों की बहाली को लागू करने के लिए, पानी में खड़े रहकर विरोध प्रदर्शन किया गया। जब तक नियमितीकरण नहीं होगा संविदा कर्मियों की हड़ताल जारी रहेगी। 


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