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: Indore News: पंडित प्रदीप मिश्रा बोले- सारी समस्याओं का हल एक लोटा जल, भगवान शिव पर अर्पित करें

News Desk / Tue, Nov 29, 2022


प्रदीप मिश्रा का सम्मान भी किया गया।

प्रदीप मिश्रा का सम्मान भी किया गया। - फोटो : SOCIAL MEDIA

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पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि जिंदगी में कई बार विपरित हालातों से भी सामना करना पड़ता है। तब हौसला नहीं खोना चाहिए। चित्त की शांति और चेहरे की मुस्कान ही हमारी असली ताकत होती है। जीवन के तमाम समस्याओं का हल सिर्फ एक लोटा जल है। भगवान शिव पर जल अर्पित करने से हमारे संकटों का हल मिलना शुरू हो जाता है।मिश्रा ने अलग- अलग विषयों पर चर्चा की। समाज में बढ़ते अपराधों को पर उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि संस्कारों की कमी के कारण यह सब हो रहा है।
उन्होंने दिल्ली के श्रध्दा हत्याकांड का उदाहरण देते हुए कहा कि श्रध्दा के पिता की सजगता से अपराध का पता चला, लेकिन यही सजगता उन्होंने कुछ माह पहले दिखाई होती तो आज उनकी बेटी जिन्दा होती। कथा के दौरान समस्याओं के उपायों पर उन्होंने कहा कि चमत्कार और उपाय में अंतर होता है। उन्होंने कहा कि वे उन्ही उपायों को बताते है जिनका वर्णन शिव महापुराण में किया गया है। यह चमत्कार नहीं है बल्कि आत्मबल बढ़ाने के उपाय है। हमारे शास्त्रो में कर्म को महत्ता दी गई है, पूजा आराधना के साथ कर्म करने से ही फल की प्राप्ती होती है।

जब मिले थी 11 रुपये की दक्षिणा
उन्होंने कथा केे बढ़ते बजट और भीड़ के बारे में उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने जीवन की पहली कथा इंदौर में सिर्फ 11 रुपये की दक्षिणा लेकर कुछ सालों पहले की थी। जनवरी माह में छत्तीसगढ़ में एक गरीब भक्त के आमंत्रण पर इतनी ही दक्षिणा लेकर कथा करने मैं जा रहा हुं। प्रेस क्लब अध्यक्ष अरविंद तिवारी,प्रदीप जोशी ने पंडित मिश्रा का स्वागत किया। राहुल वावीकर ने पंडित जी को स्मृति चिन्ह भेट किया।

ये लड़कियां इंदौर की नहीं हो सकती
पंडित मिश्रा ने कथा में एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि वे जब वे विजय नगर में कार से जा रहे थेे तो शराब की दुकान पर वेस्टर्न कपड़े पहने लड़कियां खड़ी थी। ये लड़कियां इंदौर की नहीं हो सकती। यहां के संस्कार इस तरह के नहीं हो सकते। ये लड़कियां बाहर से पढ़ने आईं होंगी और यहां का माहौल खराब कर रही है। यह सब बंद होना चाहिए।

 

विस्तार

पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि जिंदगी में कई बार विपरित हालातों से भी सामना करना पड़ता है। तब हौसला नहीं खोना चाहिए। चित्त की शांति और चेहरे की मुस्कान ही हमारी असली ताकत होती है। जीवन के तमाम समस्याओं का हल सिर्फ एक लोटा जल है। भगवान शिव पर जल अर्पित करने से हमारे संकटों का हल मिलना शुरू हो जाता है।मिश्रा ने अलग- अलग विषयों पर चर्चा की। समाज में बढ़ते अपराधों को पर उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि संस्कारों की कमी के कारण यह सब हो रहा है।


उन्होंने दिल्ली के श्रध्दा हत्याकांड का उदाहरण देते हुए कहा कि श्रध्दा के पिता की सजगता से अपराध का पता चला, लेकिन यही सजगता उन्होंने कुछ माह पहले दिखाई होती तो आज उनकी बेटी जिन्दा होती। कथा के दौरान समस्याओं के उपायों पर उन्होंने कहा कि चमत्कार और उपाय में अंतर होता है। उन्होंने कहा कि वे उन्ही उपायों को बताते है जिनका वर्णन शिव महापुराण में किया गया है। यह चमत्कार नहीं है बल्कि आत्मबल बढ़ाने के उपाय है। हमारे शास्त्रो में कर्म को महत्ता दी गई है, पूजा आराधना के साथ कर्म करने से ही फल की प्राप्ती होती है।

जब मिले थी 11 रुपये की दक्षिणा
उन्होंने कथा केे बढ़ते बजट और भीड़ के बारे में उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने जीवन की पहली कथा इंदौर में सिर्फ 11 रुपये की दक्षिणा लेकर कुछ सालों पहले की थी। जनवरी माह में छत्तीसगढ़ में एक गरीब भक्त के आमंत्रण पर इतनी ही दक्षिणा लेकर कथा करने मैं जा रहा हुं। प्रेस क्लब अध्यक्ष अरविंद तिवारी,प्रदीप जोशी ने पंडित मिश्रा का स्वागत किया। राहुल वावीकर ने पंडित जी को स्मृति चिन्ह भेट किया।

ये लड़कियां इंदौर की नहीं हो सकती
पंडित मिश्रा ने कथा में एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि वे जब वे विजय नगर में कार से जा रहे थेे तो शराब की दुकान पर वेस्टर्न कपड़े पहने लड़कियां खड़ी थी। ये लड़कियां इंदौर की नहीं हो सकती। यहां के संस्कार इस तरह के नहीं हो सकते। ये लड़कियां बाहर से पढ़ने आईं होंगी और यहां का माहौल खराब कर रही है। यह सब बंद होना चाहिए।

 


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