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: Bharat Jodo Yatra: जिन्हें टिकट चाहिए, उन्होंने ही खर्च किये राहुल की यात्रा पर पैसे, बड़े नेता निकले कंजूस!

News Desk / Tue, Dec 6, 2022


File photo

File photo - फोटो : SOCIAL MEDIA

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा ने मध्यप्रदेश में 12 दिन में 370 किलोमीटर का रास्ता तय किया। अन्य राज्यों की तुलना में भले ही भीड़ जुटाने में कांग्रेस कामयाब रही हो, इंतजामों में प्रदर्शन औसत ही रहा। महाराष्ट्र को टीम राहुल ने ए-प्लस ग्रेड दिया था। जब बात मध्यप्रदेश की आई तो राहुल की टीम ने कोई ग्रेड ही नहीं दी। इसकी वजह यह है कि इंतजाम औसत ही रहे। टीम राहुल के पास जो फीडबैक पहुंचा है, उसके मुताबिक कांग्रेस के उन नेताओं ने ही पैसा खर्च किया, जिन्हें फिर से टिकट चाहिए। बड़े नेताओं ने इंतजामों के लिए जेब में हाथ डालने से परहेज ही रखा। 

राहुल गांधी की यात्रा का बड़ा हिस्सा मालवा-निमाड़ से गुजरा। यहां पर टेंट और भोजन का इंतजाम दो बड़े विधायकों को दिया गया था। कमलनाथ और दिग्विजय सिंह ने मध्य प्रदेश में यात्रा के इंतजामों पर सिर्फ निगरानी रखी। मध्यप्रदेश में यात्रा में भीड़ तो नेताओं ने जुटाई, लेकिन यात्रा के इंतजाम औसत रहे। यात्रा में कन्याकुमारी से चल रहे पैदल यात्रियों ने कहा कि महाराष्ट्र और अन्य राज्यों में यात्रा दिन में जहां रुकती थी, वहां बड़े डोम लगाए जाते थे। मध्यप्रदेश में ज्यादातर जगहों पर टेंट लगाए गए। उसमें भी पंखे, कूलर के इंतजाम नहीं के बराबर थे। आगर में तो कमलनाथ की पत्रकार वार्ता में ठीक से माइक का इंतजाम तक नहीं था। कमलनाथ को कराओकेे स्पीकर पर अपनी बात कहनी पड़ी। थोड़ी देर बाद वह भी बंद हो गया।

कमलनाथ पर राहुल ने ली थी चुटकी
राहुल गांधी ने 23 नवंबर को जब मध्य प्रदेश की सीमा में प्रवेश किया था तब उन्होंनेे महाराष्ट्र कांग्रेस को यात्रा के इंतजाम के लिए ए-प्लस ग्रेड दिया था। मध्यप्रदेश से राजस्थान में यात्रा ने प्रवेश किया तो मध्यप्रदेश कांग्रेस के इंतजामों को कोई ग्रेड नहीं दिया गया। राजस्थान की पहली सभा में राहुल ने कमलनाथ पर चुटकी भी ली थी कि- 'कमलनाथ को मैने चैलेंज दिया था महाराष्ट्र से अच्छा स्वागत मध्यप्रदेश में होना चाहिए। तब नाथ ने मुझसे कहा था कि मेेरे पास स्पेशल टेक्निक है, मैं महाराष्ट्र को हरा दूंगा।'  

यात्रा मेें किसने क्या किया

  • मध्यप्रदेश में 12 दिन यात्रा ने 24 जगहों पर विराम लिया। यहां टेंट और भोजन का इंतजाम विधायक संजय शुक्ला और विशाल पटेेल के जिम्मे था।
  • राऊ में विधायक जीतू पटवारी ने स्वागत मार्ग पर पैसा खर्च किया। राजवाड़ा की सभा का इंतजाम शहर कांग्रेस के जिम्मे रहा।
  • महू की सभा का खर्च पूर्व विधायक अंतर सिंह दरबार ने उठाया। उन्होंने भीड़ भी जुटाई।
  • चिमनबाग पर हुए इवेंट का खर्च विवेक तन्खा और पूर्व विधायक सत्यनारायण पटेल ने उठाया।
  • उज्जैन की सभा का जिम्मा सज्जन सिंह वर्मा और उज्जैन के कांग्रेस विधायकों को दिया गया था।
  • सुसनेर की तरफ यात्रा पहुंची तो वहां विधायक जयवर्धन सिंह ने भीड़ जुटाई और अच्छा स्वागत किया।

विस्तार

कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा ने मध्यप्रदेश में 12 दिन में 370 किलोमीटर का रास्ता तय किया। अन्य राज्यों की तुलना में भले ही भीड़ जुटाने में कांग्रेस कामयाब रही हो, इंतजामों में प्रदर्शन औसत ही रहा। महाराष्ट्र को टीम राहुल ने ए-प्लस ग्रेड दिया था। जब बात मध्यप्रदेश की आई तो राहुल की टीम ने कोई ग्रेड ही नहीं दी। इसकी वजह यह है कि इंतजाम औसत ही रहे। टीम राहुल के पास जो फीडबैक पहुंचा है, उसके मुताबिक कांग्रेस के उन नेताओं ने ही पैसा खर्च किया, जिन्हें फिर से टिकट चाहिए। बड़े नेताओं ने इंतजामों के लिए जेब में हाथ डालने से परहेज ही रखा। 

राहुल गांधी की यात्रा का बड़ा हिस्सा मालवा-निमाड़ से गुजरा। यहां पर टेंट और भोजन का इंतजाम दो बड़े विधायकों को दिया गया था। कमलनाथ और दिग्विजय सिंह ने मध्य प्रदेश में यात्रा के इंतजामों पर सिर्फ निगरानी रखी। मध्यप्रदेश में यात्रा में भीड़ तो नेताओं ने जुटाई, लेकिन यात्रा के इंतजाम औसत रहे। यात्रा में कन्याकुमारी से चल रहे पैदल यात्रियों ने कहा कि महाराष्ट्र और अन्य राज्यों में यात्रा दिन में जहां रुकती थी, वहां बड़े डोम लगाए जाते थे। मध्यप्रदेश में ज्यादातर जगहों पर टेंट लगाए गए। उसमें भी पंखे, कूलर के इंतजाम नहीं के बराबर थे। आगर में तो कमलनाथ की पत्रकार वार्ता में ठीक से माइक का इंतजाम तक नहीं था। कमलनाथ को कराओकेे स्पीकर पर अपनी बात कहनी पड़ी। थोड़ी देर बाद वह भी बंद हो गया।

कमलनाथ पर राहुल ने ली थी चुटकी
राहुल गांधी ने 23 नवंबर को जब मध्य प्रदेश की सीमा में प्रवेश किया था तब उन्होंनेे महाराष्ट्र कांग्रेस को यात्रा के इंतजाम के लिए ए-प्लस ग्रेड दिया था। मध्यप्रदेश से राजस्थान में यात्रा ने प्रवेश किया तो मध्यप्रदेश कांग्रेस के इंतजामों को कोई ग्रेड नहीं दिया गया। राजस्थान की पहली सभा में राहुल ने कमलनाथ पर चुटकी भी ली थी कि- 'कमलनाथ को मैने चैलेंज दिया था महाराष्ट्र से अच्छा स्वागत मध्यप्रदेश में होना चाहिए। तब नाथ ने मुझसे कहा था कि मेेरे पास स्पेशल टेक्निक है, मैं महाराष्ट्र को हरा दूंगा।'  

यात्रा मेें किसने क्या किया

  • मध्यप्रदेश में 12 दिन यात्रा ने 24 जगहों पर विराम लिया। यहां टेंट और भोजन का इंतजाम विधायक संजय शुक्ला और विशाल पटेेल के जिम्मे था।
  • राऊ में विधायक जीतू पटवारी ने स्वागत मार्ग पर पैसा खर्च किया। राजवाड़ा की सभा का इंतजाम शहर कांग्रेस के जिम्मे रहा।
  • महू की सभा का खर्च पूर्व विधायक अंतर सिंह दरबार ने उठाया। उन्होंने भीड़ भी जुटाई।
  • चिमनबाग पर हुए इवेंट का खर्च विवेक तन्खा और पूर्व विधायक सत्यनारायण पटेल ने उठाया।
  • उज्जैन की सभा का जिम्मा सज्जन सिंह वर्मा और उज्जैन के कांग्रेस विधायकों को दिया गया था।
  • सुसनेर की तरफ यात्रा पहुंची तो वहां विधायक जयवर्धन सिंह ने भीड़ जुटाई और अच्छा स्वागत किया।

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