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: MP News: राजा पटेरिया ने नोटिस के जवाब में लिखा माफीनामा, लेकिन पीएम की हत्या वाले बयान पर नहीं जताया खेद

News Desk / Wed, Dec 14, 2022


कांग्रेस नेता राजा पटेरिया ने पीएम की हत्या वाली बात पर नहीं जताया अफसोस

कांग्रेस नेता राजा पटेरिया ने पीएम की हत्या वाली बात पर नहीं जताया अफसोस - फोटो : सोशल मीडिया

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कांग्रेस सरकार में पूर्व मंत्री राजा पटेरिया ने बीते दिनों पवई में पीएम मोदी की हत्या करने वाला विवादित बयान दिया था, जिसके बाद उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। वहीं, बयान का वीडियो वायरल होने के बाद देशभर में उनके खिलाफ प्रदर्शन हुए थे। वहीं, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष चंद्रप्रकाश शेखर ने पूर्व मंत्री राजा पटेरिया को 12 दिसंबर को कारण बताओ नोटिस जारी किया था, जिसमें कांग्रेस कमेटी ने यह कृत्य घोर अनुशासनहीनता की श्रेणी में माना था और तीन दिन में जवाब देने और उसके बाद संतोषजनक जवाब न मिलने पर  कांग्रेस पार्टी की सदस्यता से निष्कासित किए जाने की चेतावनी दी थी।

कांग्रेस नेता राजा पटेरिया ने 12 तारीख को ही कारण बताओ नोटिस का जवाब एक माफीनामा लिखकर भेजा था। राजा पटेरिया ने अपने पत्र में लिखा कि 'मोहनदास करमचंद गांधी का अदना अनुयाई और सच और साहस का सिपाही, मैं राजा पटेरिया कहना चाहता हूं ये जो सत्य अहिंसा से लोगों के उत्थान का संघर्ष मध्यप्रदेश में कांग्रेस के यशस्वी कमलनाथ जी के नेतृत्व में कर रहे हैं। ये एक वैचारिक लड़ाई है। यह संघर्ष गांधी और गोडसे का संघर्ष है। एक वक्तव्य में ऐसा प्रतीक हो गया जैसे व्यक्ति और विचार एक नाम हो जाते हैं लेकिन मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि एफआईआर या  किसी दबाव के चलते नहीं सिर्फ अपने इश्क मेरे गांधी के विचारों की रक्षा हेतु मैं, अथवा कांग्रेस पार्टी किसी हिंसा, किसी भी किस्म की हिंसक अथवा बैमनस्य भावना का न समर्थन करते हैं ना कभी करेंगे। किसी को ऐसा आशय मेरी बातों से लगा तो माफ किया जाए, मेरा ऐसा कोई अर्थ नहीं था। ऐसे अनर्थ ना बनाया जाए। इसी के साथ, में यह भी दोहरा दूं मैं, अपने नेता श्री कमलनाथ जी का झंडा बरदार हूं और उनके साथ हम, इस फांसीवादी सरकार को उखाड़ फेंकेंगे। हम गोडसे के खिलाफ थे, खिलाफ हैं, खिलाफ रहेंगे। गोडसे विचार धारा के प्रतिनिधि सभी के हम खिलाफ हैं हम इस देश और समाज से भय, अत्याचार ,वैमनस्यता, गरीबी और भूख के शासन  के खिलाफ मजबूती से खड़े हैं।'

राजा पटेरिया ने अपने बयान पर माफी मांगी है लेकिन पत्र में इस बात का जिक्र नहीं किया कि पीएम की हत्या करने वाले अपने बयान पर उन्हें अफसोस है। वहीं, दूसरी ओर उन्हें मिले नोटिस की समय सीमा आज खत्म हो रही है और आज ही उन पर कार्रवाई भी संभव है। क्योंकि प्रदेश कांग्रेस का कोई भी नेता उनके साथ नहीं खड़ा है, केवल नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह ही उनके साथ खड़े होते दिखाई दे रहे हैं।

विस्तार

कांग्रेस सरकार में पूर्व मंत्री राजा पटेरिया ने बीते दिनों पवई में पीएम मोदी की हत्या करने वाला विवादित बयान दिया था, जिसके बाद उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। वहीं, बयान का वीडियो वायरल होने के बाद देशभर में उनके खिलाफ प्रदर्शन हुए थे। वहीं, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष चंद्रप्रकाश शेखर ने पूर्व मंत्री राजा पटेरिया को 12 दिसंबर को कारण बताओ नोटिस जारी किया था, जिसमें कांग्रेस कमेटी ने यह कृत्य घोर अनुशासनहीनता की श्रेणी में माना था और तीन दिन में जवाब देने और उसके बाद संतोषजनक जवाब न मिलने पर  कांग्रेस पार्टी की सदस्यता से निष्कासित किए जाने की चेतावनी दी थी।

कांग्रेस नेता राजा पटेरिया ने 12 तारीख को ही कारण बताओ नोटिस का जवाब एक माफीनामा लिखकर भेजा था। राजा पटेरिया ने अपने पत्र में लिखा कि 'मोहनदास करमचंद गांधी का अदना अनुयाई और सच और साहस का सिपाही, मैं राजा पटेरिया कहना चाहता हूं ये जो सत्य अहिंसा से लोगों के उत्थान का संघर्ष मध्यप्रदेश में कांग्रेस के यशस्वी कमलनाथ जी के नेतृत्व में कर रहे हैं। ये एक वैचारिक लड़ाई है। यह संघर्ष गांधी और गोडसे का संघर्ष है। एक वक्तव्य में ऐसा प्रतीक हो गया जैसे व्यक्ति और विचार एक नाम हो जाते हैं लेकिन मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि एफआईआर या  किसी दबाव के चलते नहीं सिर्फ अपने इश्क मेरे गांधी के विचारों की रक्षा हेतु मैं, अथवा कांग्रेस पार्टी किसी हिंसा, किसी भी किस्म की हिंसक अथवा बैमनस्य भावना का न समर्थन करते हैं ना कभी करेंगे। किसी को ऐसा आशय मेरी बातों से लगा तो माफ किया जाए, मेरा ऐसा कोई अर्थ नहीं था। ऐसे अनर्थ ना बनाया जाए। इसी के साथ, में यह भी दोहरा दूं मैं, अपने नेता श्री कमलनाथ जी का झंडा बरदार हूं और उनके साथ हम, इस फांसीवादी सरकार को उखाड़ फेंकेंगे। हम गोडसे के खिलाफ थे, खिलाफ हैं, खिलाफ रहेंगे। गोडसे विचार धारा के प्रतिनिधि सभी के हम खिलाफ हैं हम इस देश और समाज से भय, अत्याचार ,वैमनस्यता, गरीबी और भूख के शासन  के खिलाफ मजबूती से खड़े हैं।'

राजा पटेरिया ने अपने बयान पर माफी मांगी है लेकिन पत्र में इस बात का जिक्र नहीं किया कि पीएम की हत्या करने वाले अपने बयान पर उन्हें अफसोस है। वहीं, दूसरी ओर उन्हें मिले नोटिस की समय सीमा आज खत्म हो रही है और आज ही उन पर कार्रवाई भी संभव है। क्योंकि प्रदेश कांग्रेस का कोई भी नेता उनके साथ नहीं खड़ा है, केवल नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह ही उनके साथ खड़े होते दिखाई दे रहे हैं।


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