शहडोल में आकाशीय बिजली का कहर : बारिश से बचने पेड़ के नीचे छिपे थे 2 चरवाहे, गाज गिरने से दोनों की मौत
MP CG Times / Sun, Sep 20, 2026
मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में शनिवार को बारिश के दौरान गाज (आकाशीय बिजली) गिरने से दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में 2 चरवाहों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। दोनों ही ग्रामीण मवेशी और बकरियां चराने जंगल गए हुए थे। अचानक तेज बारिश शुरू होने पर वे बचने के लिए पेड़ के नीचे छिप गए थे, जो उनके लिए काल बन गया।
दर्दनाक हादसे जयसिंहनगर और जैतपुर थाना क्षेत्रों में घटित हुए। पुलिस ने दोनों मामलों में मर्ग कायम कर शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है।

ढोलर गांव: रातभर तलाशते रहे परिजन, सुबह पेड़ के नीचे मिला मुन्ना का शव
पहली घटना जयसिंहनगर थाना क्षेत्र के ग्राम ढोलर की है।
मवेशी चराने गए थे जंगल: ढोलर गांव निवासी मुन्ना सिंह गोंड (50 वर्ष) शनिवार को अपने मवेशियों को लेकर जंगल की तरफ गए थे।
पेड़ पर गिरी बिजली: दोपहर में अचानक मौसम बदला और तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए मुन्ना एक बड़े पेड़ के नीचे खड़े हो गए। इसी दौरान सीधे उसी पेड़ पर कड़कड़ाती आकाशीय बिजली गिर गई, जिससे मुन्ना की मौके पर ही जान चली गई।
सुबह मिला शव: देर रात तक जब मुन्ना घर नहीं लौटे तो परिजनों ने अनहोनी की आशंका में जंगल में खोजबीन शुरू की। रविवार सुबह पेड़ के नीचे उनका शव मिला। सूचना पर पहुंची जयसिंहनगर पुलिस ने शव को पीएम के लिए भेजा।
कदौड़ी गांव: बकरियां चराने गए हुबलाल की भी गाज गिरने से मौत
दूसरी घटना जैतपुर थाना क्षेत्र के ग्राम कदौड़ी में सामने आई।
पेड़ की ओट बनी काल: कदौड़ी निवासी हुबलाल बैगा (55 वर्ष) गांव के पास जंगल में अपनी बकरियां चरा रहे थे। तेज बारिश से बचने के लिए हुबलाल भी एक पेड़ की ओट में खड़े हो गए।
चरवाहों ने देखा अचेत: इसी बीच पेड़ पर आकाशीय बिजली गिर गई और हुबलाल उसकी चपेट में आ गए। कुछ देर बाद वहां से गुजर रहे अन्य चरवाहों की नजर पेड़ के नीचे पड़े हुबलाल पर पड़ी।
अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया: चरवाहों ने तुरंत परिजनों और जैतपुर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने पंचनामा तैयार कर शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवाया।
पुलिस की अपील: बारिश और कड़क के समय पेड़ के नीचे न लें शरण
घटना के बाद दोनों गांवों और पीड़ित आदिवासी परिवारों में मातम का माहौल है। प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की है कि बारिश या बादलों की कड़क के समय खुले मैदान में न रहें और भूलकर भी किसी पेड़ या बिजली के खंभे के नीचे शरण न लें, क्योंकि पेड़ अक्सर आकाशीय बिजली को सबसे ज्यादा आकर्षित करते हैं।
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