अमरकंटक बनेगा 'नो कंस्ट्रक्शन जोन' : सीएम मोहन ने लिया नर्मदा संरक्षण का संकल्प, यूकेलिप्टस हटाकर साल-महुआ लगाएंगे, शराब और प्लास्टिक पर रहेगा प्रतिबंध
MP CG Times / Mon, Apr 13, 2026
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार को पवित्र नगरी अमरकंटक पहुंचे। उन्होंने यहां श्री नर्मदे हर सेवा न्यास के संस्थापक अध्यक्ष स्व. भगवत शरण माथुर की जयंती पर आयोजित विचार संगोष्ठी में भाग लिया और नर्मदा उद्गम स्थल पर पूजा-अर्चना की।
सीएम ने नर्मदा संरक्षण को लेकर स्पष्ट किया कि नदी की पवित्रता बनाए रखने के लिए शासन और समाज में समन्वय जरूरी है। मंच पर सीएम ने संतों का स्वागत किया। इस पर संतों ने उन्हें तुलसी पौधा से सम्मानित किया गया।

निर्धारित समय से देरी से पहुंचे सीएम
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने निर्धारित समय से लगभग आधा घंटा विलंब से अमरकंटक पहुंचे। दोपहर 2:15 बजे के स्थान पर उनका हेलीकॉप्टर 2:42 बजे मेला ग्राउंड स्थित हेलीपैड पर उतरा, जहां से वे सीधे कार्यक्रम स्थल के लिए रवाना हुए।
प्रदर्शनी का अवलोकन और संतों का सम्मान
मंच पर आने से पूर्व मुख्यमंत्री ने स्व. भगवत शरण माथुर के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके पश्चात उन्होंने स्वर्गीय माथुर के जीवन और न्यास के विशेष योगदानों पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
कार्यक्रम की शुरुआत उन्होंने कन्या पूजन के साथ की। मंच पर दीप प्रज्ज्वलन के बाद मुख्यमंत्री ने विभिन्न आश्रमों से आए संतों का सम्मान किया। इस अवसर पर 'श्री नर्मदे हर सेवा न्यास' और स्व-सहायता समूह की बहनों की ओर से मुख्यमंत्री का स्वागत तुलसी का पौधा भेंट कर किया गया।
अमरकंटक में 'नो कंस्ट्रक्शन जोन' के निर्देश
नर्मदा समग्र मिशन की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े लहजे में निर्देशित किया कि अमरकंटक में अनियंत्रित कंक्रीट निर्माण को पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाए। उन्होंने कहा कि यहां 'नो मूवमेंट' और 'नो कंस्ट्रक्शन' जोन निर्धारित किए जाएं ताकि पर्यावरणीय संतुलन बना रहे। सीएम ने कलेक्टर को निर्देश दिए कि नर्मदा उद्गम स्थल और आसपास के अवैध अतिक्रमण पर समय-समय पर सख्त कार्रवाई की जाए।
शराब और प्लास्टिक पर रहेगा प्रतिबंध
मुख्यमंत्री ने अमरकंटक क्षेत्र में प्लास्टिक और शराब के उपयोग पर कठोर प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अमरकंटक एक प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक नगरी है, जिसकी पवित्रता और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करना हमारी प्राथमिकता है। बाहरी व्यक्तियों द्वारा किए जा रहे निर्माण कार्यों को भी नियमों के दायरे में व्यवस्थित करने की बात कही।
प्राकृतिक वनों का संवर्धन: यूकेलिप्टस हटेंगे, साल-महुआ लगेंगे
बैठक में सीएम ने निर्देश दिए कि अमरकंटक में विदेशी प्रजाति के पेड़ों (जैसे यूकेलिप्टस) को हटाकर स्थानीय प्रजाति के साल, महुआ, आंवला, चार, हर्रा और गुलबकावली जैसे औषधीय पौधों का रोपण किया जाए। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि विभाग की रोपणी में 2.50 लाख से अधिक स्थानीय पौधे उपलब्ध हैं, जिससे भूमिगत जल स्तर में वृद्धि होगी।
न्यास अध्यक्ष रामलाल रौतेल ने बताया कि स्व. भगवत शरण माथुर ने 1975 से संघ प्रचारक के रूप में राष्ट्र सेवा का संकल्प लिया था। उन्होंने हरियाणा के संगठन महामंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय समन्वयक (SC/ST एवं सहकारिता प्रकोष्ठ) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। कार्यक्रम में उनके समाज सेवा के कार्यों और दूरदर्शी नेतृत्व को याद किया गया।
मां नर्मदा की पूजा की, सुख-समृद्धि की कामना की
इससे पहले, सीएम दोपहर 2:42 बजे अमरकंटक पहुंचे, जहां उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और संतों का सम्मान किया। शाम को उन्होंने मां नर्मदा के उद्गम स्थल पहुंचकर विधि-विधान से आरती की और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।
उन्होंने स्व. भगवत शरण माथुर को याद करते हुए उनके राष्ट्र सेवा और समाज सेवा के कार्यों की सराहना की।पुलिस अधीक्षक मोतिउर रहमान ने बताया कि कार्यक्रम स्थल पर और उसके आसपास 250 से अधिक सुरक्षा जवान तैनात किए गए थे।
आयोजन में यह रहे उपस्थित
कार्यक्रम और बैठक में राज्य मंत्री (प्रभारी मंत्री) दिलीप अहिरवार, राज्य मंत्री दिलीप जायसवाल, न्यास अध्यक्ष रामलाल रौतेल, जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष पद्मश्री मोहन नागर, शहडोल सांसद हिमाद्री सिंह, कलेक्टर हर्षल पंचोली और एसपी मोतिउर रहमान सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सुरक्षा व्यवस्था के लिए 250 से अधिक पुलिस जवान तैनात किए गए थे।
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