: MP News: उज्जैन के भैरव का महाभोग, जानें 60 किस्म की शराब, अफीम-गांजे के साथ किन चीजों को लगा भोग
News Desk / Fri, Nov 18, 2022
मध्य प्रदेश के उज्जैन की गली-गली में मंदिर हैं। यहां के भैरव मंदिर भी खास पहचान रखते हैं। तीन दिन पहले यहां भैरव अष्टमी खास अंदाज में मनाई गई। यहां के 56 भैरवमंदिर में 1500 तरह की चीजों का भोग लगाया गया था, इसमें शराब, गांजा, अफीम, बीड़ी-सिगरेट भी शामिल थी। इस दिन बड़ी संख्या में लोग दर्शन को पहुंचे। शराब ही 60 प्रकार की थी। आइए आपको बताते हैं भैरवनाथ का महाभोग कैसे खास रहा।
उज्जैन प्राचीन मंदिर की नगरी है। यहां कालभैरव तो मदिरा पीने के लिए मशहूर हैं ही, 56 भैरव मंदिर का महाभोग भी चर्चा में रहता है। भैरवअष्टमी पर यहां 60 तरह की देशी-विदेशी शराब सबसे पहली पंक्ति में रखी थी, इसमें वोदका, विस्की, बीयर, शैंपेन तक शामिल रही। साथ ही 22 प्रकार की सिगरेट, 30 तरह के तंबाकू पाउच, 30 तरह के पान के साथ ही गांजा, अफीम तक चढ़ाई गई थी। इसके अलावा 130 प्रकार के नमकीन, 80 तरह की मिठाई, 64 तरह की चॉकलेट, 28 तरह के फल, 45 किस्म के बिस्किट, 30 तरह की गजक चढ़ाई गई थी। उनके श्रंगार में 480 तरह की अगरबत्ती, 200 तरह के इत्र भी शामिल थे। रात 12 बजे आरती के बाद ये सब सामान भक्तों में वितरित कर दिया गया।
यह मंदिर काफी पुराना है। इस मंदिर में भैरव बाबा की 56 प्रतिमाएं एक ही स्थान हैं, इसके कारण ही इस मंदिर का नाम नाम चमत्कारी छप्पन भैरव पड़ गया। पं. राजेश व्यास बताते हैं कि ब्राह्मण होने के कारण हम लोग बाबा को शराब का भोग नहीं लगाते थे। 2004 में बहन को बाबा ने स्वप्न दिया, तो फिर तभी से बाबा को मदिरा का भोग लगाने लगे। मंदिर की प्राचीन मान्यता भी है। पुजारी पं. व्यास ने बताया कि राजा भर्तृहरि और सम्राट विक्रमादित्य भी यहां आकर पूजा करते थे। अवंतिका तीर्थ के अष्ट भैरव में इनकी गणना होती है। भैरव मंदिर में प्रति हर साल अष्टमी को 56 भोग के लिए भव्य श्रृंगार किया जाता है। इस बार भैरव भगवान को चांदी के बर्तन में भोग लगाया गया।
Source link
विज्ञापन
विज्ञापन
जरूरी खबरें
विज्ञापन