: MP News: दीपावली पर इंदौर, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर की हवा में घुला जहर, जानिए क्या रहे शहरों के हाल
News Desk / Mon, Oct 24, 2022
मध्य प्रदेश पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड - फोटो : अमर उजाला
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दीपावली पर हुई जमकर आतिशबाजी ने कई शहरों की हवा में जहर घोल दिया। हालात यह है कि दीपावली की रात प्रदेश के अक्सर सबसे ज्यादा प्रदूषित रहने वाले सिंगरौली से भी ज्यादा प्रदूषण भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और इंदौर जैसे बड़े महानगरों की हवा में आया। यहां की एयर क्वालिटी सिंगरौली से भी खराब रही।
सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (सीपीसीबी) की वेबसाइट पर मंगलवार को जारी एक्यूआई बुलेटिन के अनुसार प्रदेश के सबसे प्रदूषित शहर सिंगरौली से भी ज्यादा प्रदूषण भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और इंदौर की हवा में मापा गया। दीपावली की रात हवा की गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणी में जा पहुंची। हेल्थ बुलेटिन के अनुसार सिंगरौली का एयर क्वालिटी इंडेक्स 146 रहा। वहीं, जबलपुर का 262, रतलाम का 235, उज्जैन का 224, भोपाल का 218, देवास और ग्वालियर का 206 और इंदौर का 204 दर्ज किया गया।
मैहर में सबसे साफ हवा
एक्यूआई बुलेटिन के अनुसार मैहर की हवा सबसे साफ दर्ज की गई। यहां पर एक्यूआई संतोषजनक श्रेणी में 52 दर्ज किया गया। वहीं, रायसेन जिले के औद्योगिक क्षेत्र मण्डीदीप का एक्यूआई 191 दर्ज किया गया।
300 से ऊपर एक्यूआई यानी बहुत खराब
मध्य प्रदेश पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार दीपावली की रात प्रदेश भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, रतलाम, उज्जैन, कटनी में हवा की गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणी में पहुंच गई थी। शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को ‘अच्छा’, 51 से 100 को ‘संतोषजनक’, 101 से 200 को ‘मध्यम’, 200 से 300 को ‘खराब’, 301 से 400 को ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 को ‘गंभीर’ माना जाता है।
क्या है AQI
AQI यानी एयर क्वालिटी इंडेक्स हवा की गुणवत्ता को बताता है। इससे पता लगाया जाता है कि हवा में धूल समेत किस गैस की मात्रा कितनी है। पीएम 10 को पर्टिकुलेट मैटर 10 कहते हैं। इन कणों का साइज 10 माइक्रोमीटर या उससे भी छोटा होता है। पीएम 10 का सामान्य लेवल 100 माइक्रो ग्राम क्यूबिक मीटर (एमजीसीएम ) होना चाहिए। वहीं, पीएम 2.5 में कणों का साइज 2.5 माइक्रोमीटर या उससे भी छोटा होता है। पीएम 2.5 का सामान्य लेवल 60 माइक्रो ग्राम क्यूबिक मीटर (एमजीसीएम ) होना चाहिए।
विस्तार
दीपावली पर हुई जमकर आतिशबाजी ने कई शहरों की हवा में जहर घोल दिया। हालात यह है कि दीपावली की रात प्रदेश के अक्सर सबसे ज्यादा प्रदूषित रहने वाले सिंगरौली से भी ज्यादा प्रदूषण भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और इंदौर जैसे बड़े महानगरों की हवा में आया। यहां की एयर क्वालिटी सिंगरौली से भी खराब रही।सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (सीपीसीबी) की वेबसाइट पर मंगलवार को जारी एक्यूआई बुलेटिन के अनुसार प्रदेश के सबसे प्रदूषित शहर सिंगरौली से भी ज्यादा प्रदूषण भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और इंदौर की हवा में मापा गया। दीपावली की रात हवा की गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणी में जा पहुंची। हेल्थ बुलेटिन के अनुसार सिंगरौली का एयर क्वालिटी इंडेक्स 146 रहा। वहीं, जबलपुर का 262, रतलाम का 235, उज्जैन का 224, भोपाल का 218, देवास और ग्वालियर का 206 और इंदौर का 204 दर्ज किया गया।
मैहर में सबसे साफ हवा
एक्यूआई बुलेटिन के अनुसार मैहर की हवा सबसे साफ दर्ज की गई। यहां पर एक्यूआई संतोषजनक श्रेणी में 52 दर्ज किया गया। वहीं, रायसेन जिले के औद्योगिक क्षेत्र मण्डीदीप का एक्यूआई 191 दर्ज किया गया।
300 से ऊपर एक्यूआई यानी बहुत खराब
मध्य प्रदेश पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार दीपावली की रात प्रदेश भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, रतलाम, उज्जैन, कटनी में हवा की गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणी में पहुंच गई थी। शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को ‘अच्छा’, 51 से 100 को ‘संतोषजनक’, 101 से 200 को ‘मध्यम’, 200 से 300 को ‘खराब’, 301 से 400 को ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 को ‘गंभीर’ माना जाता है।
क्या है AQI
AQI यानी एयर क्वालिटी इंडेक्स हवा की गुणवत्ता को बताता है। इससे पता लगाया जाता है कि हवा में धूल समेत किस गैस की मात्रा कितनी है। पीएम 10 को पर्टिकुलेट मैटर 10 कहते हैं। इन कणों का साइज 10 माइक्रोमीटर या उससे भी छोटा होता है। पीएम 10 का सामान्य लेवल 100 माइक्रो ग्राम क्यूबिक मीटर (एमजीसीएम ) होना चाहिए। वहीं, पीएम 2.5 में कणों का साइज 2.5 माइक्रोमीटर या उससे भी छोटा होता है। पीएम 2.5 का सामान्य लेवल 60 माइक्रो ग्राम क्यूबिक मीटर (एमजीसीएम ) होना चाहिए।
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