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: Bhopal News: वन विभाग मैनिट के जिस बाघ को T-1234 बता रहा था, वह निकला बाघिन टी-21 का बच्चा

News Desk / Sat, Oct 15, 2022


मैनिट में टी-1234 नहीं टी-21 का बच्चा पिंजरे में फंसा

मैनिट में टी-1234 नहीं टी-21 का बच्चा पिंजरे में फंसा - फोटो : अमर उजाला

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राजधानी भोपाल के मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट) में घूम रहे बाघ को लेकर नई जानकारी सामने आई है। वन विभाग मैनिट के जिस बाघ को बाघिन T-123 का बच्चा T-1234 बता रहा था। वह बाघिन T-21 का बच्चा निकाला। ऐसे में अब वन विभाग के बाघों की जानकारी को लेकर ही सवाल खड़े हो रहे हैं।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट) में दो बाघ का मूवमेंट था। भोपाल डीएफओ आलोक पाठक का कहना है कि T-1234 बाघ मैनिट में प्रवेश करने के कुछ दिन बाद ही लौट गया। इसके बाद T-21 बाघिन के तीन बच्चों में से एक बच्चा मैनिट में अंदर आ गया। इसकी पहचान बाघ के शनिवार रात को पकड़ में आने के बाद विशेषज्ञों ने की। अब वन विभाग के दावों पर ही सवाल खड़े हो रहे हैं, क्योंकि बाघ ट्रैप कैमरो में आने के बावजूद अधिकारी उसकी पहचान नहीं कर सके। उसे टी-1234 ही बताते रहे।

शहर के मैनिट में 14 दिन पहले स्टूडेंट्स को बाघ दिखा था। इसके बाद उसने उसी दिन दो मवेशियों पर हमला किया था। दो दिन बाद बाघ ने एक गाय का शिकार किया था। वह छठे दिन वन विभाग के कैमरे में ट्रैप हुआ था। इसके बाद बाघ को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम ने तीन पिंजरे लगा रखे थे। वहीं, 20 से ज्यादा ट्रैप कैमरे से उसकी मॉनीटरिंग की जा रही थी। वन विभाग के 40 से ज्यादा कर्मचारियों की मैनिट में अलग-अलग शिफ्ट में ड्यूटी लगाई गई थी। बाघ को सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के जंगल में छोड़ने भेज दिया गया।

मैनिट में बाघ दिखने के बाद से ही दहशत का माहौल था। इसको लेकर प्रबंधन ने ऑफलाइन क्लोस बंद कर दी थीं। इसके बाद यूजी की कक्षाओं के लिए छुट्टी घोषित कर दी थी। इसको लेकर पीजी के छात्रों ने विरोध किया था। बता दें मैनिट में 70 से 80 हेक्टेयर में घना जंगल है। इसी में बाघ छिपा हुआ था। बाघ की मौजूदगी के बाद तालाब की तरफ के इलाके को सील कर दिया गया। उस तरफ जाने पर रोक लगा दी थी। इसके लिए मैनिट के गार्ड और वन विभाग के कर्मचारियों को तैनात किया गया था। 
 

विस्तार

राजधानी भोपाल के मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट) में घूम रहे बाघ को लेकर नई जानकारी सामने आई है। वन विभाग मैनिट के जिस बाघ को बाघिन T-123 का बच्चा T-1234 बता रहा था। वह बाघिन T-21 का बच्चा निकाला। ऐसे में अब वन विभाग के बाघों की जानकारी को लेकर ही सवाल खड़े हो रहे हैं।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट) में दो बाघ का मूवमेंट था। भोपाल डीएफओ आलोक पाठक का कहना है कि T-1234 बाघ मैनिट में प्रवेश करने के कुछ दिन बाद ही लौट गया। इसके बाद T-21 बाघिन के तीन बच्चों में से एक बच्चा मैनिट में अंदर आ गया। इसकी पहचान बाघ के शनिवार रात को पकड़ में आने के बाद विशेषज्ञों ने की। अब वन विभाग के दावों पर ही सवाल खड़े हो रहे हैं, क्योंकि बाघ ट्रैप कैमरो में आने के बावजूद अधिकारी उसकी पहचान नहीं कर सके। उसे टी-1234 ही बताते रहे।

शहर के मैनिट में 14 दिन पहले स्टूडेंट्स को बाघ दिखा था। इसके बाद उसने उसी दिन दो मवेशियों पर हमला किया था। दो दिन बाद बाघ ने एक गाय का शिकार किया था। वह छठे दिन वन विभाग के कैमरे में ट्रैप हुआ था। इसके बाद बाघ को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम ने तीन पिंजरे लगा रखे थे। वहीं, 20 से ज्यादा ट्रैप कैमरे से उसकी मॉनीटरिंग की जा रही थी। वन विभाग के 40 से ज्यादा कर्मचारियों की मैनिट में अलग-अलग शिफ्ट में ड्यूटी लगाई गई थी। बाघ को सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के जंगल में छोड़ने भेज दिया गया।

मैनिट में बाघ दिखने के बाद से ही दहशत का माहौल था। इसको लेकर प्रबंधन ने ऑफलाइन क्लोस बंद कर दी थीं। इसके बाद यूजी की कक्षाओं के लिए छुट्टी घोषित कर दी थी। इसको लेकर पीजी के छात्रों ने विरोध किया था। बता दें मैनिट में 70 से 80 हेक्टेयर में घना जंगल है। इसी में बाघ छिपा हुआ था। बाघ की मौजूदगी के बाद तालाब की तरफ के इलाके को सील कर दिया गया। उस तरफ जाने पर रोक लगा दी थी। इसके लिए मैनिट के गार्ड और वन विभाग के कर्मचारियों को तैनात किया गया था। 
 


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