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: Sidhi: 'सुन लो 'मामा'...हम संविदा स्वास्थ्य कर्मी कड़ाके की सर्दी में हड़ताल पर हैं,' कुछ यूं किया विरोध

News Desk / Sat, Dec 24, 2022


खिचड़ी बनाकर दर्ज कराया विरोध

खिचड़ी बनाकर दर्ज कराया विरोध - फोटो : अमर उजाला

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सीधी जिले में विरोध जताने के लिए संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने सांकेतिक रूप में खिचड़ी बनाई, जिसका नाम संविदा खिचड़ी रखा गया और हड़ताल स्थल पर बैठकर अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की।

संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी के अध्यक्ष राजीव गौतम ने बताया, राज्य कार्यकारणी के दिए निर्देश के अनुसार हमारे द्वारा खिचड़ी बनाकर विरोध किया जा रहा है। शासन-प्रशासन हमारी मांगों को लेकर जिस तरह मूकदर्शक बना हुआ है, उससे यही समझ आता है कि हमारे धैर्य की परीक्षा ली जा रही है। लेकिन हम भी इस बार आर-पार के मूड में हैं और आने वाले दिनो में हम मुख्यमंत्री निवास का भी घेराव करेंगे। साथ ही जिले में आने वाले समस्त जनप्रतिनिधियों का भी घेराव किया जाएगा।

सर्दी में बैठकर हड़ताल कर रहे...
संविदा कर्मी लगातार 10 दिन से ठंड में बैठकर हडडताल कर रहे हैं। उधर, कोरोना दस्तक की आहट आ रही है और हम सब हड़ताल पर हैं। अगर आम जनता को परेशानी होगी तो समस्त जिम्मेदारी 'मामा' की होगी। क्योंकि उनके द्वारा कहा गया था कि संविदा कर्मचारी एक कलंक हैं, इसे मैं खत्म करूंगा। लेकिन आज भी हम इस कलंक को ढो रहे हैं।

पूरे राज्य की स्वास्थ्य बदहाल...
संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल के कारण पूरे राज्य की स्वास्थ्य बदहाल हो गई है। इस ओर किसी का भी ध्यान नहीं है। आने वाले दिनों में जिस तरह कोरोना दूसरे देशों में पैर पसार रहा है, वो दिन दूर नहीं जब हमारे यहां भी दस्तक दे देगा। एक तरफ सरकार कहती है कि कोरोना को लेकर हमारी पूरी तैयारी है। वहीं, संविदा कर्मचारी हडताल पर हैं। सरकार का इस तरह का विरोधाभाष बयान समझ के परे है। आखिर में जनता को ही बलि का बकरा बनना है।

विस्तार

सीधी जिले में विरोध जताने के लिए संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने सांकेतिक रूप में खिचड़ी बनाई, जिसका नाम संविदा खिचड़ी रखा गया और हड़ताल स्थल पर बैठकर अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की।

संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी के अध्यक्ष राजीव गौतम ने बताया, राज्य कार्यकारणी के दिए निर्देश के अनुसार हमारे द्वारा खिचड़ी बनाकर विरोध किया जा रहा है। शासन-प्रशासन हमारी मांगों को लेकर जिस तरह मूकदर्शक बना हुआ है, उससे यही समझ आता है कि हमारे धैर्य की परीक्षा ली जा रही है। लेकिन हम भी इस बार आर-पार के मूड में हैं और आने वाले दिनो में हम मुख्यमंत्री निवास का भी घेराव करेंगे। साथ ही जिले में आने वाले समस्त जनप्रतिनिधियों का भी घेराव किया जाएगा।

सर्दी में बैठकर हड़ताल कर रहे...
संविदा कर्मी लगातार 10 दिन से ठंड में बैठकर हडडताल कर रहे हैं। उधर, कोरोना दस्तक की आहट आ रही है और हम सब हड़ताल पर हैं। अगर आम जनता को परेशानी होगी तो समस्त जिम्मेदारी 'मामा' की होगी। क्योंकि उनके द्वारा कहा गया था कि संविदा कर्मचारी एक कलंक हैं, इसे मैं खत्म करूंगा। लेकिन आज भी हम इस कलंक को ढो रहे हैं।

पूरे राज्य की स्वास्थ्य बदहाल...
संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल के कारण पूरे राज्य की स्वास्थ्य बदहाल हो गई है। इस ओर किसी का भी ध्यान नहीं है। आने वाले दिनों में जिस तरह कोरोना दूसरे देशों में पैर पसार रहा है, वो दिन दूर नहीं जब हमारे यहां भी दस्तक दे देगा। एक तरफ सरकार कहती है कि कोरोना को लेकर हमारी पूरी तैयारी है। वहीं, संविदा कर्मचारी हडताल पर हैं। सरकार का इस तरह का विरोधाभाष बयान समझ के परे है। आखिर में जनता को ही बलि का बकरा बनना है।


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